दिव्या गुप्ता
चमार वंश में 800 से 900 इस्वी के दौरान कश्मीर के राजा रहे महान अवंतिका बर्मन ने जन्म लिया।
चमार वंश में 20 मार्च,1480 को डेड लाख लोगों को गंगाजल पिलाकर ब्राह्मणवाद और सामंतवाद का खंडन करने वाले संत शिरोमणि रविदास जी ने जन्म लिया।
चमार वंश में गढ़ी चमकौर में मुगलों के खिलाफ लड़ाई में अपनी शहादत देकर सिक्खों के गुरु गोविन्द सिंह जी को आजाद कराने और सिक्ख धर्म के अस्तित्व को बचाने वाले महान बाबा संगत सिंह ने जन्म लिया।
1878 : ओरिएंटल कालेज लाहौर, पंजाब की विचार गोष्ठी में स्वामी दयानंद सरस्वती को तीन बार पराजित करने वाले दुनिया के पंजाबी भाषा के सबसे पहले प्रोफेसर
ज्ञानीदित चमार वंश में जन्मे।
चमार वंश में 1922 में प्रिंस आफ वेल्स को एक ज्ञापन देकर साइमन कमीशन का गठन करवाने वाले, महार डॉ अम्बेडकर को अपना प्रतिनिधि बनाकर गोलमेज सम्मेलन भेजने वाले महान स्वामी अछूतानंद हरिहर ने जन्म लिया।
चमार वंश में 1925 में अछूतों के लिए देश में सबसे पहले आद धर्म मंडल के तहत स्कूल खोलकर शिक्षा के दरवाजे खोलने वाले, महार डॉ अम्बेडकर को अपना प्रतिनिधि बनाकर गोलमेज सम्मेलन भेजने वाले महान गदरी बाबू मगूंराम मुगेवालिया ने जन्म लिया।
चमार वंश में जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला 20 साल बाद विदेश में जाकर जनरल ओ डायर को गोली मारकर लेने वाले महान शहीद ऊधम सिंह जी ने जन्म लिया।
चमार में रविदास जी की बेगमपुरा विचारधारा को पूरे विश्व में फैलाने और कौम को एकजुट करने वाले स्वामी रामानंद जी महाराज ने जन्म लिया।
चमार वंश में 1807 में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल बजाकर फांसी पर लटकने वाले महान शहीद उदैया ने जन्म लिया।
चमार वंश में देश की आजादी में अपनी कुर्बानी देने वाले शहीद वीर बांके व अनेकों क्रांतिकारियों ने जन्म लिया।
चमार वंश में आधुनिक भारत के निर्माता महान बाबू जगजीवन राम जी ने जन्म लिया।
चमार वंश में दुनिया की सबसे शक्तिशाली जापानी सेना को द्वितीय विश्व युद्ध में हराने वाले रणबांकुरों ने जन्म लिया।
चमार वंश में दलितों को खेतीबाड़ी वाले किसान बनाने वाले महान चौधरी चांद राम ने भी जन्म लिया।





