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*छोटे अंबानी का सिंगापुर से तीन गुना बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना शुरू करने का ऐलान*

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नई दिल्‍ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी 2026 तक विशाल बैटरी उत्पादन संयंत्र शुरू करेगी। इसके साथ ही, सिंगापुर से तीन गुना बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना भी शुरू करने की योजना है। कंपनी का टारगेट 2032 तक 30 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। आरआईएल कोयला और पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधन से दूरी बना रही है। रिलायंस के सीएमडी मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी की क्‍लीन एनर्जी पर इन घोषणाओं के बाद पूरे सेक्‍टर में हलचल तेज हो गई है।रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अब स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी 2026 तक विशाल बैटरी उत्पादन संयंत्र शुरू करेगी। उसकी सिंगापुर से तीन गुना बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना भी शुरू करने की योजना है। रिलायंस का लक्ष्य 2032 तक 30 लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करना है।

आरआईएल स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। कंपनी सौर ऊर्जा, बैटरी और हाइड्रोजन उत्पादन पर फोकस कर रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत नया ऊर्जा परिवेश बना रही है। यह रेत और इलेक्ट्रॉन से लेकर हरित अणुओं तक फैला होगा।

क्‍लीन एनर्जी के हर पहलू पर फोकस

कंपनी स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन के हर पहलू में निवेश कर रही है। इसमें सूर्य के प्रकाश को बिजली में बदलने वाले मॉड्यूल शामिल हैं। ऊर्जा को स्टोर करने वाली बैटरियां भी बनाई जाएंगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रोलाइजर भी बनाए जाएंगे। ये इलेक्ट्रोलाइजर नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी के अणुओं को तोड़कर हाइड्रोजन बनाएंगे। हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है।

आरआईएल घरेलू और निर्यात बाजार के लिए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करेगी। कंपनी ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल जैसे उत्पाद भी बनाएगी। इसके लिए विशाल संयंत्र लगाए जाएंगे। कंपनी पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन और जैविक कचरे से जैव ईंधन बनाने पर भी काम कर रही है।

अनंत अंबानी ने कहा कि कंपनी एक ही छत के नीचे सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण और हाइड्रोजन जैसे कई गीगावाट स्तर के स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को ला रही है।

गीगा फैक्ट्रियों में बनने वाले उत्पादों का इस्‍तेमाल 24 घंटे रिन्‍यूएबल एनर्जी प्रदान करने के लिए किया जाएगा। इनका इस्‍तेमाल ग्रीन केमिकल बनाने में भी होगा। जामनगर में धीरूभाई अंबानी गीगा ऊर्जा परिसर का काम तेजी से चल रहा है। यह आकार और पैमाने में दुनिया में सबसे अलग होगा।

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ईंधन से दूरी

अनंत अंबानी ने कहा, ‘जामनगर दुनिया के सबसे बड़े पारंपरिक ऊर्जा परिसर और दुनिया के सबसे बड़े नवीन ऊर्जा परिसर, दोनों का केंद्र होगा। जामनगर नई रिलायंस और नए भारत का चेहरा है।’ इसका मतलब है कि जामनगर में रिलायंस के पुराने और नए दोनों तरह के ऊर्जा कारोबार होंगे। यह शहर रिलायंस और भारत के भविष्य का प्रतीक होगा।

कंपनी का लक्ष्य है कि वह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ईंधन से दूर हो। स्वच्छ ऊर्जा का इस्‍तेमाल करे। इससे प्रदूषण कम होगा और लोगों को स्वच्छ हवा मिलेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।

कंपनी ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कई बड़े लक्ष्य रखे हैं। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कंपनी तेजी से काम कर रही है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह पर्यावरण को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

Ramswaroop Mantri

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