दौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हॉस्पिटल (पहुँचकर दुर्घटना में प्रभावित परिवारों व पीड़ितों से मुलाकात की। यहाँ उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा (से कहा कि पीड़ितों के इलाज ( में किसी तरह की कोई कमी न रहें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री यादव ने पीड़ित संदीप बिंझवार और अनिल नामदेव के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली। डॉक्टर से मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जाना।
हादसे की अनकही कहानी : गुमशुदा मानकर पत्नी अब भी कर रही पति का इंतजार…
आईडीए कर्मचारी पत्नी की दवाइयां और खाना लेने निकले लेकिन नहीं लौट सके घर
इंदौर। रातभर से पति (husband ) को गुमशुदा (missing) मानकर कैलाशचंद जोशी (Kailashchand Joshi) की पत्नी (wife) उनका इंतजार कर रही है। उन्हें खबर लिखे जाने तक पति की मौत की जानकारी नहीं लगी है। बड़े भाई महेश जोशी ने बताया कि रात 11.30 बजे फोन आया कि कैलाश अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं तो भतीजे आशीष और अभिषेक ने खोजबीन शुरू की।

रात 12 बजे एरोड्रम क्षेत्र में हुई घटना की जानकारी लगी। पुलिस द्वारा क्षेत्र में तलाशने के दौरान खुलासा हुआ कि ट्रक के नीचे बुरी तरह फंसकर जिस व्यक्ति की जलकर मौत हुई है, वह मेरा भाई है। भाई सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रात 1.30 बजे परिवार अस्पताल पहुंचा और भतीजे आशीष जोशी ने मृतक की शिनाख्त की। उनके अनुसार आईडीए में नौकरी करने वाले कैलाश जोशी की कोई संतान नहीं थी। वह पत्नी के साथ अकेले ही रहते थे। अपनी बाइक से वे दवाई और खाना लेने निकले थे।
पत्नी इंतजार करती रह गई वो लौटकर घर नहीं आए
दर्द की दास्तान… जो चले गए वो बिलखता छोड़ गए…पूरे परिवार में कमाने वाले सोनी ही थे
इंदौर। कल रात को हुए वीभत्स हादसेमें जान गंवाने वालों में लक्ष्मीकांत सोनी की पत्नी उनका कॉलेज से लौटने का इंतजार ही करती रही। वे तो नहीं आए मगर उनके इस दुनिया में ना रहने की खबर आ गई।

02 सुखदेव नगर में रहने वाले लक्ष्मीकांत सोनी मेडीकेप्स कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। सोनी प्रतिदिन कॉलेज जाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल को रामचन्द्र नगर चौराहे पर खड़ा कर कॉलेज के लिए बस या अन्य किसी साधन से जाते थे। कल जब सोनी कॉलेज से रामचन्द्र नगर चौराहे पर पहुंचे और अपनी बाइक की तरफ बड़े ही थे कि अंधगति से दौड़ रहे ट्रक ने सबसे पहले उन्हें ही चपेट में लिया। ट्रक की चपेट में आने से लक्ष्मीकांत सोनी का पूरा शरीर क्षत-विक्षत हो गया था। सोनी के परिवार में पत्नी संतोष और बेटा वासु सोनी है। वासु इंजीनियरिंग की पढ़ाई मुंबई में कर रहा है। मृतक सोनी के कजिन भाई प्रदीप सोनी और विजय सोनी ने बताया कि वह साफ्टवेयर इंजीनियर थे और समाज में भी बहुत मिलनसार थे। कल भाभी उनका इंतजार करती रही और वे तो नहीं आए, मगर उनकी मौत की खबर हम तक आई तो हम जिला अस्पताल पहुंचे, जहां पर हमारे द्वारा उनकी शिनाख्त की गई।
परिजनों ने षड्यंत्र की आशंका जताई
लक्ष्मीकांत सोनी के परिजनों ने उक्त सडक़ हादसे में षड्यंत्र की भी आशंका जताई है। उनके अनुसार ट्रक ड्रायवर इतने नशे में था कि वह एक के बाद एक कई लोगों को चपेट में लेता गया। परिजनों के अनुसार यह कोई आतंकी हमला तो नहीं था। प्रशासन को इस बिन्दु पर भी जांच करना चाहिए।
बड़ा सवाल सौ से ज्यादा पुलिस जवानों का स्टाफ फिर भी ट्रक नौ इंट्री में कैसे घुसा
परिजनों ने सवाल करते हुए पूछा कि एरोड्रम थाने पर करीब 118 पुलिस जवानों का स्टाफ है, मगर इतने पुलिस वालों के होने के बावजूद एक ट्रक ड्रायवर वो भी नशे में धुत होकर व्यस्तम मार्ग पर अपना वाहन ले ओ और इतने लोगों को चपेट ले, यह तो सोचने की बात है। प्रशासन को पुलिस वालों के खिलाफ भी एक्शन लेना चाहिए।





