देवास
तीर्थ क्षेत्र पुष्पगिरी में कामधेनु मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास और भूमिपूजन आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चाैहान करेंगे। आठ कराेड़ की लागत से तैयार हाेने जा रहे इस मंदिर काे पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित करने की याेजना है, जिसके लिए क्रांतिवीर मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज के निर्देशन में पूरा प्राजेक्ट तैयार किया गया है। इसके तहत यह तय हुआ है कि कामधेनु मंदिर में गायाें के रहने, खाने-पीने और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
गाेसेवा के उद्देश्य से तैयार हाे रही इस गाेशाला काे कामधेनु मंदिर का नाम दिया गया है, जिसमें 150 फीट का गाेपथ आकर्षण का केंद्र रहेगा। गाेपथ के दाेनाें ओर गायाें के स्टेच्यू बनाए जाएंगे, जिनके मुख से जलधारा बहेगी। गाेपथ के आगे बड़े आकार में पानी के कुंड तैयार किए जाएंगे। 21 फीट का गाेस्तम्भ बनाया जाएगा। जिसके शीर्ष पर गाय का मुखड़ा हाेगा। पूरे मंदिर परिसर काे हरी घास से कवर्ड किया जाएगा। गाेस्तम्भ के चाराें ओर बड़े बड़े वृक्ष होंगे, ऐसा प्राेजेक्ट बनाया गया है। इस गाेशाला का आज भूमिपूजन समाराेह रखा गया है, इससे पहले गाय के सम्मान में एक अहिंसा यात्रा मुनिश्री प्रतीक सागर महाराज के निर्देशन में निकलेगी।
पर्यटकाें के लिए बनेंगे पार्क और हट : मंदिर परिसर काे पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां बड़े पार्क तैयार हाेंगे, पर्यटकाें के लिए हट बनेंगी, जाेकि पूरी तरह से प्राकृतिक रहेंगी। इसके अलावा नवगृह ध्यान केंद्र जाे कि 9 गृहाें काेे केंद्रित करके बनाया जाएगा। कमल फाउंटेन भी रहेगा। एक गाेबाड़ा भी रहेगा।
मेडिटेशन सेंटर पिरामिड के आकार में बनेगा
यहां एक ध्यान केंद्र बड़े आकार में तैयार हाेगा, जाेकि पिरामिड की तैयार बनाया जाएगा, यहां ध्यान करने से ध्यान जल्दी घटित हाेगा। इसके अलावा छाेटे छाेटे ध्यान कक्ष भी बनेंगे।
अलग अलग सेक्टर में बांटी जाएगी गाेशाला : गाेशाला काे अलग अलग सेक्टर में तैयार किया जाएगा, ताकि इस हिस्से में गायें सुविधा पूर्वक रह सकें। यहां गायाें की चिकित्सा के लिए अस्पताल और खाने पीने के लिए पर्याप्त प्रबंध भी रहेंगे। गायाें की सेवा करने वाले सेवकाें और स्टाफ के लिए अलग से क्वार्टर भी बनाए जाएंगे।
मुनिश्री की अपील…समाराेह में मास्क लगाकर पहुंचे,
मुनिश्री प्रतीक सागर ने अपील की है कि समाराेह में शामिल हाेने वाले श्रद्धालु मास्क लगाकर पहुंचे, पुरुष सफेद वस्त्र और महिलाएं केसरिया वस्त्राें में पधारें, साेशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें।





