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कांग्रेस को विनम्र होने की जरुरत…लोकतंत्र में जनता ही राजा बनाती है

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एस पी मित्तल, अजमेर

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि द्रौपदी मुर्मू जब राष्ट्र की पत्नी हो सकती हे, तब हमारी क्यों नहीं? चौधरी का यह बयान कांग्रेस के घमंड को प्रदर्शित करता है। इस बयान के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी का जो व्यवहार सामने आया, उससे प्रतीत होता है कि लगातार हो रही हार से कांग्रेस कोई सबक सीखने को तैयार नहीं है। देश की प्रथम नागरिक पर अमान जनक टिप्पणी को कांग्रेस गंभीरता से नहीं ले रही है। कांग्रेस को लगता है कि उसकी राजनीतिक विरासत के सामने राष्ट्रपति का सम्मान कोई मायने नहीं रखता है। यह सही है कि कांग्रेस ने देश पर 60 सालों तक एक छत्र राज किया। यह राज भी कांग्रेस पर काबिज एक ही परिवार ने किया। जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक देश के प्रधानमंत्री रहे। कांग्रेस की मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जब इटली से भारत आईं तक उनकी सास श्रीमती इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। बाद में उनके पति राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने। 2005 से 2014 तक भले ही डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे हों, लेकिन सरकार की कमान सोनिया गांधी के पास ही थी। तब सोनिया दुनिया की चुनिंदा महिलाओं में से एक थीं। लेकिन अब लोकसभा में 545 में से कांग्रेस के मात्र 50 सांसद हैं और देश के सिर्फ दो राज्यों में ही कांग्रेस की सरकार है। चुनावों में कांग्रेस की लगातार हार हो रही है। उत्तर प्रदेश जेसे सबसे बड़े राज्य में कांग्रेस को मात्र दो विधायक है, जबकि पश्चिम बंगाल में तो एक भी विधायक नहीं है। लोकतंत्र में जनता ही राजा बनाती है। कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले गांधी परिवार को जनता का मूड पहचानना चाहिए। गांधी परिवार को अशोक गहलोत जैसे चापलूस नेताओं से भी दूर रहने की जरूरत है। असल में ऐसे नेता गांधी परिवार को हकीकत से अवगत नहीं होने देते। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सामने ऐसा माहौल खड़ा किया जाता है, जिससे लगे कि चारों तरफ जय जय कार हो रही है। गांधी परिवार को यदि अशोक गहलोत की भी सच्चाई देखनी है तो उनसे मुख्यमंत्री का पद छीन कर देख लें। यदि गहलोत के पास राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद नहीं हो तो गांधी परिवार को सबसे ज्यादा विरोध गहलोत का ही सहना पड़ेगा। चूंकि गांधी परिवार ने राजस्थान में कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं का हक छीन कर तीन बार गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया है, इसलिए गहलोत जरूरत से ज्यादा चापलूसी करते हैं। गांधी परिवार को यह समझना चाहिए कि जनता दूर होती जा रही है। ऐसे में विनम्रता दिखाने की जरुरत हे। अधीर रंजन चौधरी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के विरुद्ध जो अपमानजनक टिप्पणी की है, उस  से पूरे देश में नाराजगी है। कांग्रेस को विनम्र होकर द्रौपदी मुर्मू से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। माफी मांगने की पहल खुद सोनिया गांधी भी कर सकती है। इसके साथ ही चौधरी को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता के पद से भी हटाया जाए। चौधरी के बिगड़े बोल से कांग्रेस को पहले भी मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। चौधरी का यह बयान झूठा है कि राष्ट्र पत्नी का शब्द उनके मुंह से गलती से निकल गया। एबीपी न्यूज़ संवाददाता अंकित गुप्ता के साथ हुए संवाद में साफ जाहिर है कि द्रौपदी मुर्मू के लिए चौधरी ने जानबूझकर राष्ट्र पत्नी शब्द का उपयोग किया है। चौधरी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति नहीं, बल्कि राष्ट्र की पत्नी हैं। कांग्रेस यदि इस मुद्दे को बनाए रखती है तो उसे और नुकसान होगा। 

Ramswaroop Mantri

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