पटना। विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस बिहारमें अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। पार्टी की रणनीति हर एक जिले में कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़ने की है। ऐसा इसलिए ताकि वोटर अधिकार यात्रा में घरों से निकले कार्यकर्ता चुनाव तक सक्रिय रहें। पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में 7 जिलों में कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। इनमें सारण, शिवहर, मुंगेर, भोजपुर, कैमूर, अरवल, जहानाबाद शामिल हैं। इससे इन जिले के कार्यकर्ताओं में मायूसी रही थी।
इस बार कांग्रेस के स्तर पर कराए गए सर्वे और फीडबैक में कार्यकर्ताओं ने पार्टी फोरम पर यह बात रखी। हाल ही में दिल्ली में हुई दो दिवसीय बैठक में भी कांग्रेस नेताओं ने आलाकमान के सामने यह मुद्दा उठाया। प्रदेश के नेताओं का कहना था कि सीट शेयरिंग के समय यह ध्यान रखा जाए कि हर एक जिले में पार्टी को कोई न कोई सीट जरूर मिले। इससे वहां के कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनी रहेगी। इसका लाभ पार्टी को मिलेगा। इसी के बाद यह सहमति बनी कि महागठबंधन की समन्वय समिति के समक्ष यह बात रखी जाए।
इसी के तहत कांग्रेस पार्टी सभी सीटों पर योग्य प्रत्याशी की तलाश कर रही है। इसके लिए जिला और प्रखंड स्तरीय कमेटी से दावेदारों के नाम मांगे गए हैं। इस पर प्रदेश इलेक्शन कमेटी की 16 सितंबर को होने वाली बैठक में विचार होगा। प्रदेश इलेक्शन कमेटी की ओर से हर सीट पर तीन-तीन नाम सुझाए जाएंगे। इन पर विचार के लिए 19 सितंबर को पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी।





