‘अगर हथियार नहीं सौंपे, तो हम जब्त कर लेंगे’, हमास मृत बंधकों को भी जल्द करें रिहा; ट्रंप की कड़ी चेतावनी
इस्राइल ने गाजा में मानवीय सहायता के ट्रक आधे कर दिए हैं। मृत बंधकों की धीमी वापसी से युद्धविराम समझौते पर संकट गहर गया है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से समझौते के पालन की अपील की है।
गाजा में मृत बंधकों की धीमी वापसी को लेकर इस्राइल ने मंगलवार को युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया और मानवीय सहायता के ट्रकों की संख्या आधी करने की घोषणा कर दी। इससे पहले, इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्धविराम को लेकर उम्मीद की किरण दिखी थी। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय शाखा की प्रवक्ता ओल्गा चेरेवको ने बताया कि उन्हें इस्राइली सैन्य एजेंसी की ओर से इस कटौती की जानकारी दी गई है। यह एजेंसी गाजा में मानवीय राहत भेजने का कार्य देखती है।ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मेली के साथ द्विपक्षीय लंच के दौरान दिया। उन्होंने गाजा युद्धविराम को मध्यपूर्व में नई शुरुआत बताया और कहा कि अराजकता, आतंक और विनाश की ताकतें हार गई हैं। राष्ट्रपति ने हमास पर जोर दिया कि वे अपने वादे के प्रति सख्त रहें और हथियार नहीं सौंपने पर अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि गाजा को गैर-सैन्यीकृत किया जाना चाहिए और हमास को डिसआर्म किया जाना आवश्यक है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को स्पष्ट चेतावनी दी कि शांति समझौते के तहत उन्हें अपने हथियार सौंपने होंगे। उन्होंने कहा वे हथियार सौंपेंगे क्योंकि उन्होंने खुद कहा है कि वे हथियार सौंपेंगे और अगर उन्होंने नहीं सौंपे, तो हम उन्हें जब्त कर लेंगे। ट्रंप ने कहा कि वह गाजा में बंधक बनाए गए मृत लोगों को वापस चाहते हैं।
इस्राइल को मिले 4 और बंधकों के अवशेष
प्रधानमंत्री कार्यालय ने देर रात पुष्टि की कि रेड क्रॉस ने इजरायली सैन्य अधिकारियों को चार बंधकों के शव सौंपे हैं। इन अवशेषों को फोरेंसिक पहचान के लिए राष्ट्रीय केंद्र में भेजा गया है, जहां परिवारों को सूचना दी जाएगी। यह दूसरी बार है जब लगातार दो दिनों में मृत बंधकों के अवशेष इजरायल को सौंपे गए हैं। सोमवार को चार और शव मिले थे। हालांकि, अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि इजरायल की सैन्य एजेंसी COGAT 600 ट्रकों की तय सहायता आपूर्ति में आधी कटौती के फैसले पर अमल करेगी या नहीं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के कार्यालय ने बताया कि उन्हें इजरायली एजेंसी की ओर से इस कटौती की सूचना मिल चुकी है। वहीं, तीन अमेरिकी अधिकारियों ने भी बताया कि व्हाइट हाउस को इस फैसले की जानकारी दे दी गई है।
मृत बंधकों की धीमी वापसी से भड़का विवाद
इस्राइल में सोमवार को गाजा से लौटे 20 जीवित बंधकों के स्वागत में खुशी थी, लेकिन मृत बंधकों की वापसी की प्रक्रिया उम्मीद से धीमी रही। इस्राइली अधिकारियों ने बताया कि 28 में से अब तक केवल 8 शव ही लौटाए गए हैं। बंधक परिवार मंच ने कहा कि मृत बंधकों की धीमी वापसी युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है। संगठन ने सरकार से इस मामले में सख्त रुख अपनाने की मांग की है। इस्राइल के शीर्ष बंधक वापसी समन्वयक गल हिर्श ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के जरिए दबाव बना रहे हैं ताकि सभी शव जल्द लौटाए जा सकें।
युद्धविराम की शर्तें और इस्राइल की नाराजगी
युद्धविराम समझौते के तहत सभी बंधकों (जीवित और मृत) को 72 घंटे के भीतर लौटाया जाना था। लेकिन हमास ने कहा कि गाजा में व्यापक तबाही और शवों की खोज में कठिनाइयों के कारण देरी हो रही है। इस्राइल ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि हमास समझौते का पालन नहीं करता, तो राहत सामग्री पर और सख्त रोक लगाई जा सकती है।
मुक्त बंधकों की हालत गंभीर, परिवारों में राहत और पीड़ा
गाजा से लौटे बंधकों का इलाज चल रहा है। डालिया कसनिर-हॉर्न ने बताया मेरे देवर एतान हॉर्न ने 40 फीसदी वजन खो दिया है। उन्हें महीनों तक पर्याप्त खाना या पानी नहीं मिला। वहीं मोशे लेवी ने बताया मेरा देवर ओमरी मिरन जब अपनी छोटी बेटियों से मिला तो घर में फिर से जीवन लौट आया।
गाजा में तबाही और पुनर्निर्माण की चुनौती
गाजा में स्थिति बेहद गंभीर है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और विश्व बैंक के संयुक्त अनुमान के अनुसार, गाजा को फिर से बसाने में 70 अरब डॉलर की जरूरत होगी। गाजा के नागरिकों का कहना है यहां बिजली, पानी या घर जैसी कोई बुनियादी सुविधा नहीं बची है। खान यूनिस से विस्थापित हुए मोहम्मद अबू हाजरस ने कहा अब केवल उम्मीद ही बची है।

दो साल बाद अब क्षेत्र में शांति लौट आई
ट्रंप ने इस्राइल के संसद के समक्ष भी यह बात दोहराई और कहा कि युद्धविराम सिर्फ संघर्ष का अंत नहीं बल्कि क्षेत्र में एक नया युग शुरू होने का संकेत है। उन्होंने कहा यह सिर्फ युद्ध का अंत नहीं है, यह आतंक और मौत के युग का अंत है और विश्वास, आशा और ईश्वर के युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने सैन्य शक्ति के जरिए जितना संभव था, हासिल कर लिया है और अब यह जीत स्थायी शांति और समृद्धि में बदलनी होगी। ट्रंप ने गाजा में कैद से मुक्त हुए बंधकों का जिक्र करते हुए कहा कि दो साल की कठिनाई और अंधकार के बाद अब क्षेत्र में शांति लौट आई है।
मध्यपूर्व में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने की नीति
ट्रंप ने क्षेत्रीय नेताओं से भी अपील की कि वे आतंकवाद, अतिवाद और नफरत को छोड़ दें और मिलकर काम करें। उन्होंने फिलिस्तीनियों से कहा कि अब उनका मौका है कि वे हिंसा और आतंक के मार्ग को छोड़कर अपने बच्चों के लिए बेहतर जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं। इस बयान के साथ ट्रंप ने अमेरिका की मध्यपूर्व में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने की सख्त नीति को दोहराया और हमास को चेतावनी दी कि हथियार सौंपना ही अब उनका विकल्प है।
मृत बंधकों की धीमी वापसी से भड़का विवाद
इस्राइल में सोमवार को गाजा से लौटे 20 जीवित बंधकों के स्वागत में खुशी थी, लेकिन मृत बंधकों की वापसी की प्रक्रिया उम्मीद से धीमी रही। इस्राइली अधिकारियों ने बताया कि 28 में से अब तक केवल 4 शव ही लौटाए गए हैं। बंधक परिवार मंच ने कहा कि मृत बंधकों की धीमी वापसी युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है। संगठन ने सरकार से इस मामले में सख्त रुख अपनाने की मांग की है। इस्राइल के शीर्ष बंधक वापसी समन्वयक गल हिर्श ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के जरिए दबाव बना रहे हैं ताकि सभी शव जल्द लौटाए जा सकें।




