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AMU में कोरोना का कहर: 17 वर्किंग प्रोफेसरों का निधन, अब प्रोफेसर शकील समदानी भी नहीं रहे

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अलीगढ़

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में कोरोना कहर बरपा रहा है। शुक्रवार को लॉ फैकल्टी के डीन प्रोफेसर शकील समदानी की मौत हो गई। उनका जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। डायबिटीज बढ़ने के कारण उन्‍हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

चिंताजनक बात यह है कि 18 दिन में AMU के 17 वर्किंग प्रोफेसर को कोरोना निगल चुका है। यूनिवर्सिटी में कोरोना से पहली मौत पूर्व प्रॉक्टर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर जमशेद अली सिद्दीकी की 20 अप्रैल को हुई थी। ये सभी प्रोफेसर अलीगढ़ शहर में अलग-अलग जगह पर रहते थे।

सामाजिक सरोकार से एक्टिव थे समदानी
प्रोफेसर शकील समदानी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी कमेटी के सदस्य थे। 10 दिन पूर्व उन्हें अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था।

बताया जा रहा है कि समदानी डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित थे। अचानक डायबिटीज का संतुलन बिगड़ने उनकी आज मौत हो गई। वे सामाजिक सरोकार और सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हुए थे।​​​​​​​

लॉ फैकल्टी के डीन प्रोफेसर शकील समदानी सामाजिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियों में भी एक्टिव रहते थे।

लॉ फैकल्टी के डीन प्रोफेसर शकील समदानी सामाजिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियों में भी एक्टिव रहते थे।

एक दिन पहले दो प्रोफेसरों का हुआ था निधन
इससे पहले शुक्रवार को चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर शादाब अहमद खान (58 साल) और कंप्यूटर विभाग के प्रोफेसर रफीकुल जमान खान (55 साल) की मौत हो गई थी। वहीं, उप कुलपति मंसूर के भाई उमर फारूक की भी कोरोना से मौत हो चुकी है।

वे यूनिवर्सिटी कोर्ट के पूर्व सदस्य और मोहम्मदन एजुकेशनल कॉफ्रेंस के सदस्य थे। JNMC के कोविड वार्ड में फैकल्टी मेंबर्स समेत 16 लोगों का इलाज चल रहा है।​​​​​​​

इन फैकल्टी की हुई मौत
अलीगढ़ मुस्लिमयूनिवर्सिटी में टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव प्रो. आफताब आलम ने दुनिया छोड़ चुके इन शिक्षकों की सूची तैयार की है। इनमें प्रो. शकील समदानी, पूर्व प्रॉक्टर प्रो. जमशेद सिद्ददीकी, सुन्नी थियोलोजी डिपार्टमेंट के प्रो. एहसानउल्लाह फहद, उर्दू विभाग के प्रो. मौलाना बख्श अंसारी, पोस्ट हार्वेस्टिंग इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. मो. अली खान, राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रो. काजी, मोहम्‍मद जमशेद, मोलीजात विभाग के चेयरमैन प्रो. मो. यूनुस सिद्ददीकी, इलमुल अदविया विभाग के चेयरमैन गुफराम अहमद, मनोविज्ञान विभाग के चेयरमैन प्रो. साजिद अली खान, म्यूजियोलोजी विभाग के चेयरमैन डाॅ. मोहम्मद इरफान, सेंटर फोर वीमेंस स्टडीज के डाॅ. अजीज फैसल, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के मोहम्मद सैयदुज्जमान, इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जिबरैल, संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ और अंग्रेजी विभाग के डाॅ. मोहम्मद यूसुफ अंसारी आदि शामिल हैं।​​​​​​​

विश्वविद्यालय का यह सबसे बुरा दौर
वहीं अब तक 10 रिटायर्ड फैकल्टी की भी मौत हो चुकी है। चार फैकल्टी ने कानपुर में दम तोड़ा है। प्रो. आफताब आलम ने कहा है कि यूनिवर्सिटी के लिए यह बहुत खराब दौर है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब विश्वविद्यालय से जुड़े इतने लोगों की मौत हुई हो।​​​​​​​

UP में 298 की मौत, अलीगढ़ में 367 नए केस
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 26,847 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 34,721 लोग डिस्चार्ज हुए और 298 लोगों की मौत हुई है। इस समय प्रदेश में 2,45,736 एक्टिव केस हैं। जबकि कुल मामले 14,80,315 हैं। वहीं, अलीगढ़ में आज 367 नए केस मिले हैं। जबकि 269 लोग डिस्चार्ज हुए। अब तक कुल 14,717 संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि 78 लोगों की मौत हुई है। वर्तमान में 3461 एक्टिव केस हैं।

Ramswaroop Mantri

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