देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की असक्षम कार्यपरिषद सदस्यों को तत्काल प्रभाव से भंग करने एवं विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों के धरना प्रदर्शन आंदोलन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को तत्काल समाप्त करने मांग को एवं मध्यप्रदेश शासन ऑडिट विभाग की आपत्ति के बावजूद 30 लाखों रुपए की दो लग्जरी कार खरीदी के विषय को लोकायुक्त की जांच की मांग! कांग्रेस संगठन के छात्र नेताओं द्वारा प्रतिनिधिमंडल रूप में महामहिम राज्यपाल के नाम शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया ! जिसमें अनेक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व छात्र नेता उपस्थित थे*

इंदौर! मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व कार्य परिषद सदस्य तेज प्रकाश राणे के नेतृत्व में आज दिनांक 1 दिसंबर 2021 दोपहर 1:00 बजे आरएनटी मार्ग स्थित परिसर पर एकत्र होकर प्रतिनिधि मंडल के रूप में कुलपति कार्यालय पहुंच कर प्रदेश के महामहिम कुलाधिपति महोदय, माननीय मुख्यमंत्री महोदय माननीय उच्च शिक्षा मंत्री महोदय के नाम विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत पत्र प्रस्तुत किया! जिसमें प्रमुख रुप से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक के माध्यम से दिनांक 24/9 2021 के निर्णय अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों द्वारा धरना प्रदर्शन ज्ञापन एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों में प्रतिबंध लगाने का जो निर्णय लिया गया है!
वह निर्णय तानाशाह रवैया का रूप है ! कार्य परिषद सदस्य अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे है ! पूर्व बैठक में भी इस तरह की घटना अंजाम दे चुके हैं! इस विश्वविद्यालय की और सक्षम कार्यपरिषद सदस्यों की योग्यता इस निर्णय से प्रमाणित होती है ! उक्त बैठक में उपस्थित कार्यपरिषद सदस्यों की जिनके द्वारा इस निर्णय के समर्थन में हस्ताक्षर किए गए हैं ! ऐसे असक्षम कार्यपरिषद सदस्यों को तत्काल उनके पद से निष्कासित किया जाए !तथा उनके विरुद्ध न्यायालय संगत कार्रवाई की जाए! दूसरी ओर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर अधिसूचना 26 अक्टूबर 2021 क्रमांक/ अनुशासन/2021/163 के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 268/38/2019/2 दिनांक 18/3/ 2019 तत्कालीन समय को ध्यान में रखते हुए पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी जी द्वारा निर्देश तथा विश्वविद्यालय प्रॉक्टोरियल बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर यह आदेश जारी किया गया था! इसका पालन 26 अक्टूबर 2021 भाजपा सरकार में किया जा रहा है! यदि तत्कालीन 15 महीने की माननीय कमलनाथ सरकार के नियमों का पालन करना ही था तो 26% EWS सामान्य वर्ग के निर्धन छात्र छात्राओं के लिए भी आरक्षण लागू किया गया था उसका पालन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कितना किया है जगजाहिर है! इस नियम का लाभ विश्वविद्यालय प्रशासन तत्कालीन समय कॉमन टेस्ट एग्जाम (CET) प्रवेश के समय एवं अन्य क्षेत्रों में लाभ क्यों नहीं दिया गया? 26 अक्टूबर 2021 देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में अशासकीय एवं शासकीय कार्य परिषद सदस्यों द्वारा धरना प्रदर्शन ज्ञापन के मुख्य बिंदुओं पर प्रतिबंध लगान लगने वाले विषय पर अपनी सहमति एवं हस्ताक्षर किन-किन सदस्यों द्वारा किए गए थे ! उनके नाम उजागर किए जाएं और उस दिन कितने सदस्य अनुपस्थित थे ! तथा राजभवन द्वारा नियुक्त 6 अशासकीय कार्यपरिषद सदस्य जो कि गैर राजनीतिक रूप से नियुक्ति है ! छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावक की समस्याओं का निराकरण एवं विश्वविद्यालय हित में बनाए गए हैं ना कि राजनीतिक करने के लिए इनके द्वारा छात्र संगठन एवं छात्र छात्राओं के स्वतंत्रता के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाना के लिए नहीं! क्योंकि कुछ अशासकीय कार्य परिषद सदस्य द्वारा सार्वजनिक सोशल मीडिया एवं मीडिया के माध्यम से अपने बयान में स्पष्ट रूप से जारी किया है कि उनके द्वारा प्रस्ताव एवं उनका समर्थन नहीं किया गया है! फिर इसका विरोध क्यों नहीं किया गया !
जबकि यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से जारी किया गया है जिसका प्रस्ताव कार्य परिषद के सदस्यों द्वारा किया गया है! जिस के आदेश की छाया प्रति इस शिकायत पत्र के साथ संलग्न है देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार किसी कार्य परिषद की बैठक में धरना प्रदर्शन आंदोलन एवं छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है यह विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा काला दिन था! इस विश्वविद्यालय की पूर्व की कार्यपरिषद सदस्यों द्वारा छात्र हित में छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक छात्र संगठनों से अलग से मुलाकात किया करते थे! देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में कई वर्षों से यह नियम बना हुआ था ! वर्तमान कार्यपरिषद सदस्यों द्वारा इस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है ! जिससे यह प्रतीत होता है कि यह कार्य परिषद पूरी तरह (आर एस एस) एवं भाजपा मानसिकता के पद चिन्हों पर चलते हुए छात्र छात्राओं के स्वतंत्रता के अधिकार का हनन कर रही है इस शिक्षा संस्थान को अपने ही संगठन का मुख्यालय बनाया जा रहा है ! दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कार्यपरिषद सदस्यों की सहमति से कुलपति एवं कुलसचिव के लिए ₹ 3000000 रूपए की लग्जरी गाड़ी खरीदी गई है! जब किस की खरीदी पर ऑडिट विभाग द्वारा आपत्ति ली गई है ! इसके बावजूद गाड़ी खरीदना भ्रष्टाचार का संदेश दे रही है! किस विषय पर प्रमाण सहित मध्य प्रदेश के कुलाधिपति महोदय एवं मुख्यमंत्री महोदय उच्च शिक्षा मंत्री महोदय को शिकायत प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें मांग रखी गई है तत्काल कार्य परिषद भंग की जाए !
ऑडिट विभाग की आपत्ति के बावजूद ₹300000 की लग्जरी दो कार खरीदने वाले किन-किन अधिकारी एवं कार्य परिषद सदस्यों की सहमति रही है उस पर जांच कर लोकायुक्त की कार्रवाई की जाए! शिकायत पत्र ग्रहण देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के रेक्टर श्री अशोक शर्मा जी एवं कुलसचिव श्री अनिल शर्मा जी छात्र कल्याण विभाग के अध्यक्ष एल.के. त्रिपाठी जी एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में दिया गया ! प्रस्तुत करने का समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व छात्र नेता राजेश यादव, अनूप शुक्ला अमित चौरसिया विनोद चौकसे नीलेश पटेल निखिल वर्मा दीपक चौधरी अली असगर भोपाल वाला उमेश वर्मा संजय यादव नितेश राजोरिया पीयूष भिठे मनीष लश्करि शांति लाल सैनी प्रतिनिधिमंडल के रूप में उपस्थित थे




