भारतीय महिला फेडरेशन की मध्य प्रदेश राज्य इकाई ने देश की केंद्रीय सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘अग्निपथ’ योजना को तुरंत वापस लिए जाने की माँग की है।
संगठन की प्रदेश महासचिव सारिका श्रीवास्तव और प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा दुबे ने इस योजना को देश के उन लाखों बेरोजगार नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और धोखाधड़ी बताया है, जो एक स्थाई और पेंशन वाली नौकरी की तलाश में हैं, साथ ही उन प्रतिभाशाली नौजवानों की कड़ी मेहनत पर पानी फेरना है जो कि सेना संबंधी परीक्षा में शामिल हुए हैं। माता-पिता परिजन जो हमेशा अपने बच्चों को देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं नरेंद्र मोदी भाजपानीत सरकार का ये निर्णय उनके सपनो और उद्देश्यों पर कुठाराघात करने वाला है।
जब से इस योजना की घोषणा हुई है, देश के विभिन्न क्षेत्रों मे उग्र प्रदर्शन और विरोध के समाचार मिल रहे हैं। देखा जाए तो एनडीए शासित वर्षों में नोट बंदी, जी एस टी, एन आर सी, लाकडाउन, सांप्रदायिक दंगा तमाम राज्य जनित भयावहता ने जनता की कमर पूरी तरह तोड़ दी है।
जब देश का नौजवान स्थिर व स्थाई रोजगार नहीं पाएगा तो भटकाव आसान है। देश की सुरक्षा को भी खतरा है। अतः इस देश विरोधी, जनविरोधी योजना को हर हालत में सरकार को वापस ले कर समुचित रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी का एक मात्र उद्देश्य सन 2024 के चुनावों को जीतना है। इनकी नीतियों का आमजनता के दुख तकलीफ से कोई लेना-देना नहीं है।
हम सरकार के युवाओं के विरोधी योजना का तीखा विरोध करते हैं और इसे तुरन्त प्रभाव से वापिस लेने की मांग को पुन: दोहराते हैं।





