
इंदौर। इंदौर नगर निगम भूरी टेकरी से आर.टी.ओ तक डेढ़ सौ फीट चौड़ी एक सड़क का निर्माण करने जा रही है। इस सड़क के निर्माण को लेकर संदेह की स्थिति बनी रही क्योंकि जिस तरीके से यह सड़क निकाली जा रही है वह पूर्णता अवैधानिक है। वर्तमान में जो सड़क नगर निगम निकाल रहा है। उसमें लगभग 650 परिवार बेघर होने की स्थिति में आ गए है। आज इन कालोनियों के रहवासियों ने घर बचाओ रोजगार बचाओ अभियान के तहत प्रमोद नामदेव , रामस्वरूप मंत्री और अर्शी खान के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा ज्ञापन देकर मांग की कि आर ई-2 रोड प्रोजेक्ट को रद्द किया जाए तथा गरीब मजदूर रह वासियों को जो पिछले 30 साल से यहां रहकर अपना परिवार पाल रहे हैं उन्हें विस्थापित नहीं किया जाए ।प्रदर्शनकारियों ने बड़ी देर तक कलेक्टर कार्यालय कर सड़क प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग को लेकर नारेबाजी की तथा अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया । प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नगर निगम में इस प्रोजेक्ट को रद्द नहीं किया तो रहवासी शहर के अन्य लोगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

प्नदर्शनकारियो ने बताया कि नगर निगम का अमला प्रतिदिन आकर बस्ती वालों को डराते धमकाते है और घर खाली कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। नगर निगम ने शांति नगर बस्ती के घरों को डरा धमका कर खाली करा लिया है। अभी भी लगभग 5 से 6 कॉलोनियां बची हुई हैं।
जब पूरा देश दिवाली मना रहा था शिव नगर -शिव दर्शन नगर सरदार कॉलोनी में बस्तियों में सन्नाटा पसरा हुआ था। क्योंकि नगर निगम ने दिवाली के 1 दिन पहले आकर उनको नोटिस दे दिए कि आप घर खाली कर दे। यह सरासर अन्याय है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने मंच पर घोषणा की थी कि यह बस्तियां नही तोड़ी जाएंगी। इंदौर नगर निगम, इंदौर के जनप्रतिनिधियों ने भी वादा किया था कि यह बस्तियां नहीं तोड़ी जाएगी।

परन्तु सभी नियमों की अनदेखी कर यह सड़क निकाली जा रही है और बस्तियों को उजाड़ा जा रहा है।
इसमें हमारा ठोस बिंदु है कि
(A) “यह सड़क बस्ती के बीच से निकाली जा रही है जबकि पास में ही शासकीय भूमि खाली पड़ी हुई है। खाली पड़ी हुई भूमि से यह रोड नहीं निकालते हुए बस्तियों के अंदर से निकाला जा रहा है। यदि खाली पड़ी हुई भूमि से यह रोड निकाला जाए तो इससे सभी परिवार बचाए जा सकते हैं ।”
(B)इस रोड से बाईपास की दूरी 100 मीटर की है इतने पास में ही एक दूसरे सड़क का निर्माण करना क्या सही है?
(C) यह रोड भूरी टेकरी से आरटीओ तक बनाया जाना तय है। लेकिन अभी तक भूरी टेकरी से ना तो यह रोड शुरू हुआ है ना ही आरटीओ से शुरू है बल्कि अग्रवाल पब्लिक स्कूल से इस रोड को शुरू किया गया है नेमावर रोड तक है इससे नगर निगम का उद्देश साफ हो जाता है कि कैसे भी करके बस्तियों को हटाकर रोड निर्माण करें और आसपास खाली पड़ी हुई जो जमीन है। रियल स्टेट कारोबारियों की बड़ी-बड़ी मल्टीयां खाली पड़ी हुई है उन को फायदा पहुंचाने के लिए यह रोड निकाला जा रहा है ।
(D)हमारा कहना है कि यहां पर शिव नगर से दर्शन नगर के जो लोग रह रहे हैं मध्यप्रदेश शासन द्वारा इनको यहां पर रहने के लिए जगह दी गई थी और 30 साल का पट्टा उनको दिया गया था कि आप यहाँ रहिए यदि यहाँ पर सड़क बनना था तो यहां पर जब बसावट हो रही थी। तब नगर निगम ने यहां पर पहले से ही क्यों इनको बसने से नही रोका। आज जब यह बस्ती पूर्णता विकसित हो चुकी है तो नगर निगम आकर इन घरों को तोड़ने का काम कर रही है।
(E)यह बस्तियां पूर्णता मजदूर बस्तियां हैं। महिलाएं बर्तन मांज कर, झाड़ू पोछा कर अपना जीवन यापन गुजारा करती हैं। वहीं पर पुरुष दिहाड़ी मजदूर हैं। बेहद तंगहाली में यह बस्ती के लोग रहते हैं, दो वक्त का खाना जुटाना भी इनके लिए मुश्किल है। ऐसे में नगर निगम आकर इनसे 2-2 लाख की मांग कर रहा है कि आपको दूर जाकर फ्लैट दिए जाएंगे इसके लिए आपको ₹ 2 लाख जमा करना है। इन मजदूरों के पास खाने के पैसे नहीं है। यह ₹2 लाख नगर निगम के लिए कहां से भरेंगे यानी कि अपनी निजी जगह छोड़कर अपना घर छोड़कर जा रहे हैं ऊपर से ₹200000 की मांग नगर निगम करने जा रहा है।
(F) नगर निगम इन मजदूरों को इंदौर शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर एक मल्टी में शिफ्ट करने जा रहा है। इस पर हमारा कहना है कि एक तो इन लोगों का रोजगार इंदौर शहर से जुड़ा हुआ है इतनी दूर से वह क्या मजदूरी करने के लिए यहां पर आ सकते हैं। जब नीलगिरी से कोई भी बस सुविधा नहीं है कोई भी वहां से प्रतिदिन आना-जाना मजदूर कैसे करेंगे? जो महिलाएं झाड़ू पहुंचा बर्तन करती हैं उनको वहां पर काम कैसे मिलेगा? यह मजदूर परिवार यदि नीलगिरी जाते हैं तो भूख से मर जाएंगे।
(G)जो नीलगिरी की बात नगर निगम कर रहा है वहां पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ना अस्पताल की व्यवस्था है, ना स्कूल है, ना पानी की व्यवस्था है, ना आवागमन का पर्याप्त साधन है।
ऐसी स्थिति में महोदय आप गौर करें क्या यह काम नगर निगम का सही है। आपसे हम उचित कार्रवाई की मांग करते हैं। उम्मीद है मध्यप्रदेश शासन और इंदौर प्रशासन आम जनता के मजदूरों के हित में खड़ा होकर निर्णय लेगा ।
हमारी मांगे:-
1.RE2 रोड को रद्द किया जाए।
2.रद्द ना होने की स्थिति में रोड के एलाइनमेंट को चेंज करते हुए जो खाली पड़ी हुई जगह वहां से रोड बनाया जाए।
3.घर के बदले घर जमीन के बदले जमीन मुसाखेड़ी में ही उपलब्ध कराई जाए।





