राजस्थान में भाजपा अब तक मुख्यमंत्री का नाम फाइनल नहीं कर पाई है। लेकिन, पार्टी की ओर से रविवार को छत्तीसगढ़ के नए सीएम विष्णुदेव साय के नाम का एलान कर दिया गया था। अब चर्चा है कि भाजपा वहां दो डिप्टी भी बना सकती है। ठीक ऐसा ही प्रयोग राजस्थान में भी करने की चर्चा है। राजस्थान में सत्ता के तीन केंद्र देखने को मिल सकते हैं। इनमें मुख्यमंत्री के साथ दो डिप्टी सीएम भी बनाए जा सकते हैं। अगर, ऐसा हुआ तो भाजपा राज में पहली बार दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। जानें, अब तक कौन-कौन मुख्यमंत्री रहा?
भाजपा के लिए ये प्रयोग राजस्थान में नए रिवाज की शुरुआत होगी। क्योंकि, इससे पहले राजस्थान में भाजपा राज में कभी दो उपमुख्यमंत्री नहीं रहे। 1952 से लेकर अब तक प्रदेश में पांच उपमुख्यमंत्री रहे। इनमें चार कांग्रेस और एक भाजपा के राज में बनाए गए थे। वहीं, 2002-2003 में कांग्रेस राज में दो डिप्टी सीएम रहे थे।
1993 में भाजपा ने पहली और आखिरी बार हरिशंकर भाभड़ा को प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया था। अगर, इस बार पार्टी एक उपमुख्यमंत्री बनाती है तो 30 साल बाद यह प्रयोग दोहराएगी। अगर, दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए तो भाजपा की ओर से यह एक नई शुरुआत होगी।
जानिए कब कौन रहा उपमुख्यमंत्री
2018 में कांग्रेस का प्रयोग फेल, आपस में टकराए सत्ता के दो बड़े केंद्र
कांग्रेस की बात करें तो 1952 में पार्टी ने पहली बार टीकाराम पालीवाल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 19 मई 2002 में कांग्रेस ने बनवारी लाल बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनाया। वहीं, 12 जनवरी 2003 को कमला बेनीवाल डिप्टी सीएम बनाईं गईं थीं। इस दौरान राजस्थान में दो डिप्टी सीएम थे। 2003 के चुनाव में भाजपा की सरकार बनी। 2008 में कांग्रेस ने एक फिर सत्ता में वापसी की, लेकिन डिप्टी सीएम का पद किसी को नहीं दिया गया। इसके ठीक दस साल बाद राजस्थान कांग्रेस में सत्ता के दो बड़े दावेदार हो गए। एक अशोक गहलोत और दूसरे सचिन पायलट। मुख्यमंत्री सिर्फ एक को ही बनाया जा सकता था, ऐसे में गहलोत ने एक बार फिर बाजी मार गए। उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया और सचिन पायलट को डिप्टी सीएम का पद दिया गया। लेकिन, अपने बगावती तेवर के कारण पायलट सिर्फ जुलाई 2020 तक ही इस पद पर रह सके।
दो डिप्टी सीएम बनाकर बड़े दावेदार होंगे एडजस्ट
राजस्थान में मुख्यमंत्री के दावेदारों की बात करें तो वसुंधरा राजे, ओम बिड़ला, महंत बालनाथ, अर्जुनराम मेघवाल, दीया कुमारी, गजेंद्र सिंह शेखावत, महंत प्रतापपुरी, अश्विनी वैष्णव, ओम माथुर का नाम चल रहा है। इनमें से एक के सिर मुख्यमंत्री का ताज सजेगा और बाकी दो बड़े दावेदारों को एडजस्ट करने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव पर फोकस, जातिगत समीकरण साधे जाएंगे
भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री का चयन करेगी। इसके जरिए जातिगत समीकरण भी साधने की कोशिश की जाएगी। छत्तीसगढ़ में भाजपा ने आदिवासी समाज से आने वाले विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाया है। ऐसे में राजस्थान के नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री राजपूत, ब्राह्मण, जाट और मीणा से हो सकते हैं। अगर, राजे को सीएम नहीं बनाया जाता है तो प्रदेश की आधी आबादी को साधने के लिए किसी महिला को भी उपमुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है





