रीवा .नारी चेतना मंच की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कई दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती को लेकर घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि इसके चलते सामान्य जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है . प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त बिजली भंडारण के बावजूद बिजली कटौती अत्यंत गैर जिम्मेदाराना आपत्तिजनक कृत्य है . इस तरह की बिजली कटौती के चलते सन 2003 में दिग्विजय सरकार का नारी चेतना मंच ने डटकर विरोध किया था जिसके चलते दिग्विजय सिंह ने सत्ता गवां दी थी जबकि तत्कालीन सरकार के पास लोगों को देने के लिए पर्याप्त बिजली नहीं थी . इधर देखने में आ रहा है कि शिवराज सरकार के द्वारा पर्याप्त बिजली भंडारण के दावे के बावजूद बिजली की कटौती की जा रही है . यह बात अत्यंत आपत्तिजनक है . रीवा जिले में एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा प्लांट चालू होने के बावजूद बिजली की कमी , दीपक तले अंधेरे वाली बात है . सोते समय आधी रात में होने वाली बिजली कटौती लोगों के लिए काफी कष्टप्रद बन गई है . बिजली की अघोषित मनमानी कटौती से हर कोई परेशान हो रहा है .
बिजली की मनमानी कटौती को लेकर पीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों में भी भारी आक्रोश है . पिछली कमलनाथ सरकार के द्वारा हर घर के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम किए जाने वाले काम को शिवराज सरकार स्वीकार नहीं कर पा रही है . ऐसा लगता है कि शिवराज सरकार बिजली की कटौती करके जनता को सस्ती बिजली से वंचित करके उस घाटे की भरपाई करना चाहती है . दूसरे राज्यों को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है वहीं खुद प्रदेश में उसका संकट बढ़ता जा रहा है . बिजली की अघोषित कटौती से लोग तंग आ चुके हैं और भारी जन आक्रोश का माहौल है . मनमानी बिजली कटौती से स्थिति विस्फोटक होती जा रही है





