अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

क्या वाकई पेनिस-योनि की साइज का प्लेजर से कोई संबंध है?

Share

 आरती शर्मा 

     हमारा यौनजीवन विविध प्रकार की भ्रान्तियों से भरा है. इनमें सबसे बड़ी भ्रांति है यौन अंग पेनिस के साइज को लेकर। साइज में बदलाव सर्जरी के अलावा किसी भी तरह से संभव नहीं, लेकिन पोर्न साहित्य से लेकर बहुत सारी दवाएं और तेल साइज बढ़ाने के नाम पर ही बेचे जा रहे हैं। पर क्या वाकई साइज से कोई फर्क पड़ता है? अर्थात क्या वजाइन में एंट्री पाने वाले पेनिस का आकार फीमेल्स की सेक्सुअल लाइफ को प्रभावित करता है? 

सेक्स हमारी जैविक जरूरत है. दांपत्य संबंधों का तो एक अहम हिस्सा है। यह नर मादा दो लोगों की मर्जी से किया जाने वाला और इनको प्लैज़र देने का आसान तरीका है। कुछ लोग कई बार इसे एंजॉय करते हैं, तो कुछ एक से दो बार में संतुष्ट हो जाते हैं।

    यौन संबधों से हमारी बॉडी के अंदर एक उत्साह बना रहता है, जिससे शरीर में Happy hormones रिलीज़ होते हैं। इससे न केवल तनाव, दर्द और अनिद्रा जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं बल्कि इसका प्रभाव हमारी स्किन पर भी नज़र आता है।

     दो लोगों में होने वाले सेक्सुअल रिलेशन के दौरान बॉडी एक दूसरे के करीब आती है और रिलेशन डवेल्प होता है। इसमें पेनिस और वज़ाइना दोनों का ही खास रोल है। 

इस बारे में बातचीत करते समय हमारे सेक्सोलॉजिस्ट डा. विकास मानव का कहना है कि प्लेजर एक ऐसा फिज़िकल, इमोशनल, और मेंटल स्टेट है जहाँ व्यक्ति को एक आनंद की अनुभूति होती है। इसमें योनि का कसाब और पेनिस का टाइटनेश मैटर करता है. इसके अलवा पुरुष की स्तम्भनशक्ति और स्त्री की हॉटनेश का महत्व होता है. स्त्री एनीमिया या ल्यूकोरिया से ग्रसित है तो सेक्स में रूचि नहीं लें सकती. सेक्स में इन्वॉल्व होने पर पुरुष से पहले ही निढाल हो जाएगी. दूसरी तरफ स्त्री स्वस्थ है, हॉट है और पुरुष उससे पहले ही डिस्चार्ज हो जाता है तो यह बेचारी के लिए मौत समान स्थिति होती है.

      वे बताते हैं : योनि का ढाई इंच का अगला हिस्सा ही सेक्स के संदर्भ में सेन्सटिव होता है. पीछे यानि भीतर की योनि का बाकी हिस्सा कुछ फील नहीं करता. अमूमन हर पुरुष का पेनिस 3 इंच से बड़ा ही होता है. जरूरी है तो पेनिस का स्त्री के डिस्चार्ज नहीं होने तक कड़ा और खड़ा रहकर ऐक्टिव रहना. इस प्रकार प्लेजर में साइज़ मैटर नहीं करता है। साइज़ से नहीं बल्कि प्लेजर आपको इंटिमेट टच, सेक्सी टॉक, और कम्प्लीट ऑर्गॅज़म से हासिल होता है।

      योनि फ़ैलकर ढीली हो चुकी है तब तो कैसा भी पेनिस स्त्री को कुछ फील नहीं करा सकता. ऐसी योनि से पुरुष को भी कोई आनंद नहीं मिलता. इस समस्या का समाधान आज मेडिकल साइन्स ने संभव कर दिया है.

*क्या है पेनिस का आदर्श साइज़?*

      सेक्स के लिए इरेक्शन मोड में ऑर्गन का साइज 4 इंच होना चाहिए। इसमें स्टेमिना से ही प्लेजर मिलता है, जो सेक्स के लिए ज़रूरी फेक्टर है। अगर आपके पुरुष पार्टनर के डिस्चार्ज का टाइम सही है यानि 30 से 45 मिनट तो इससे आपका लिबिडो हाई होता है। साथ ही सेक्स के दौरान प्लेजर की प्राप्ति भी होती है।

     दूसरी ओर अगर आपके पार्टनर के पेनिस का साइज़ 6 या 8 इंच भी है और स्टेमिना नहीं है, तो वे आपको सेटिसफाई नहीं कर सकते हैं।

    इस बात का अवश्य ध्यान रखें की अगर साइज 4 इंच से ज्यादा है, तो वो प्लस प्वाइंट है। अगर 3 इंच से कम है, तो फिर सेटिसफाई करने में इशूज़ आते हैं। सबसे महत्वपूर्ण डिसचार्ज और इरेक्शन टाइम सही होना है।

*क्या कहते हैं शोध?*

    जर्नल ऑफ सेक्स एंड मेरिटल थेरेपी के मुताबिक पेनिस 4.1 से लेकर 5.5 इंच तक इरैक्ट हो जाता है। यूं तो पेनिस के साइज़ का सेक्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है और न ही इसका सेहत पर कोई असर होता है।

      एवरेज पैनिस से भी अगर साइज़ कम (3 इंच से कम) है, तो ये व्यक्ति के आत्मविश्वास को कम करने का काम करता है। साथ ही सेक्स को एंजाय करने की क्षमता पर भी इसका असर नज़र आता है। इसके अलावा ज्यादा तनाव और अधिक सोचने से क्लाइमेक्स तक पहुंचना कठिन हो सकता है।

*योनि की साइज़ भी तय नहीं करती संतुष्टि :*

     इंटरनेशनल यूरोगाइनोकोलॉजी जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक शोधकर्ताओं ने 40 साल और उससे ज्याद उम्र की करीब 500 स्त्री रोग संबंधी रोगियों के मेडिकल रिकॉर्ड को खंगाला और ये जानने का प्रयास किया योनि की लंबाई और खुलने के आकार का यौन संतुष्टि के बीच कोई संबंध था या नहीं।

      रिसर्च के मुताबिक डिज़ायर, ओर्गेज्म, सुख का दर्द और यौन-संतुष्टि वेज़ाइना के कसाव से कारगर साबित होता है।

   आकार और साइज़ से ज्यादा दो लोगों की चाहत और उनका कंफर्ट सेक्स को प्लेजरेबल बनाता है।

*इन बातों का रखें खास ख्याल :*

    स्ट्रेस से दूर रहें. कई बार तनाव आपकी जीवन पर हावी हो जाता है। इसके चलते आप सेक्स का आनंद नहीं उठा पाते हैं।

      मेडिटेशन का सहारा लेना बहुत ज़रूरी है। अगर आप रोज़ाना ध्यान की मुद्रा में बैठेंगे, तो इससे आपकी इंद्रियां आपके बस में आने लगेंगी और आपका मन धीरे धीरे शांत होने लगेगा।

    मोटापे को घटाना भी बहुत ज़रूरी है। कई बार मोटापे के चलते आप पूरी तरह से सेक्स में इंवाल्व नहीं हो पाते है।

    कीगल एक्सरसाइज करें और साइकलिंग का सहारा लें। इससे शरीर में चुस्ती बनी रहती है। साथ ही इससे आप खुद को एक्टिव महसूस करेंगे।

   तेल, टैबलेट्स, कैप्सूल, इंजेक्शन हानिकारक हैं. नीम हकीम, यूँ ट्युब या विज्ञापन आदि के चक्कर में नहीं पड़ें. अपना सब कुछ स्वाहा कर देंगे इनसे आप. प्रॉब्लम होने पर सक्षम डॉक्टर की सलाह बेहद ज़रूरी है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें