अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

संबित पात्रा की जोरदार सियासी बेइज्जती! हनुमानजी के बारे में पता नहीं, हनुमान चालीसा की बात करते हैं?*

Share

प्रदीप द्विवेदी*
चश्मे पहन कर ध्यान-पूजा, जूते पहन कर मंदिर परिक्रमा की सियासी सफलता के बाद आजकल सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ करने की नई राजनीतिक परंपरा शुरू हो गई है?
यही वजह है कि महाराष्ट्र के बाद पूरे देश में में राजनीतिक हनुमान चालीसा का अखंड पाठ चल रहा है!
जो घर पर भी कभी हनुमान चालीसा पढ़ते हैं या नहीं, पता नहीं, लेकिन राजनीति चमकाने के लिए जो लोग हनुमान चालीसा की आड़ ले रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि हनुमानजी, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम नहीं हैं, अक्ल ठिकाने लगाने में ज्यादा देर नहीं लगाते हैं?
मजेदार बात यह है कि जिन्हें हनुमानजी के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वे भी जोर-शोर से राजनीतिक हनुमान चालीसा की बातें कर रहे हैं, इसका नतीजा यह है कि- बीजेपी के प्रमुख प्रवक्ता संबित पात्रा के हनुमानजी के बारे में अज्ञान को लेकर अच्छी-खासी सियासी बेइज्जती हो गई?
टीवी न्यूज चैनल पर बहस के दौरान डॉ. अनुराग भदौरिया ने संबित पात्रा के हनुमान चालीसा के बारे में उनके अज्ञान को लेकर जमकर मजाक बनाया!
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब संबित पात्रा की ऐसी हालत हुई हो?
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान भी मंच पर मोबाइल देख कर भी संबित पात्रा ठीक से चंडी पाठ नहीं कर पाए थे!
डॉ. अनुराग भदौरिया ने बहस का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया- जिस व्यक्ति को यही नहीं पता की हनुमान चालीसा में कितनी चौपाई और दोहे हैं?
वो हनुमान चालीसा की बात कर रहा है


इन दिनों धर्म का राजनीति में जिस तरह से दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है, यह देश में सर्वधर्म सद्भाव के लिए खतरे की घंटी है?खबर थी कि महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा को लेकर चला पॉलिटिकल ड्रामा कई घंटों के तनाव के बाद अंततः खत्म हो गया!
याद रहे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर अमरावती की सांसद नवनीत राणा औऱ उनके विधायक पति रवि राणा ने हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था, लेकिन सवेरे ही सैकड़ों की संख्या में शिवसैनिक, राणा के घर के बाहर जमा हो गए और भारी पुलिस बल के बीच नाराज शिवसैनिक, राणा के आवास के बाहर धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे.
यही नहीं, शिवसैनिकों ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ भी किया.
यह बात अलग है कि राणा दंपति पहले तो अपने कहे पर डटे रहे, परन्तु जब उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नजर नहीं आया, तो अपना फैसला वापस ले लिया?खबरों की मानें तो तब शिवसेना के प्रमुख नेता संजय राउत का कहना था कि…. यदि कोई मातोश्री पर आकर हनुमान चालीसा का पाठ करेगा तो क्या शिवसेना चुप बैठेगी?यदि आप हमारे घर तक पहुंचेंगे तो हमें अधिकार है, उसी भाषा में जवाब देने का, महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था आप खराब कर रहे हैं, अगर आप में हिम्मत है तो सामने आकर लड़ें!सियासी सयानों का मानना है कि राजनीति में धर्म के जो नए-नए प्रयोग हो रहे हैं, वे संजोग से नहीं हो रहे हैं, लेकिन भविष्य में इसका नुकसान सभी को होगा?उल्लेखनीय है कि श्रीराम मंदिर आंदोलन में लालकृष्ण आडवाणी ने- जय श्रीराम, को धार्मिक सम्मान दिलाया, लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी टीम ने उसे सीएम ममता बनर्जी को चिढ़ाने वाले सियासी नारे में बदल दिया था?
इस दौरान सीएम ममता बनर्जी को हिन्दू विरोधी दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन जब ममता बनर्जी ने स्वयं को ब्राह्मण बताते हुए चुनावी मंच से चंडी पाठ किया, तो हिन्दू होने का दम भरने वालों की हवा निकल गई!
हालत यह हुई कि इतनी बड़ी मोदी टीम में से जवाब में चंडीपाठ करने कोई बड़ा नेता आगे नहीं आया, मोदी-शाह से तोे खैर उम्मीद नहीं की जा सकती है, लेेकिन संबित पात्रा तो देख कर भी ठीक से पढ़ नहीं पाए!
क्योंकि, सनातन धर्म ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है, इसलिए किसी धार्मिक विषय की जानकारी नहीं होना कोई बड़ा अपराध नहीं है, लेकिन सनातन धर्म में पूजा-प्रार्थना करने के विशिष्ठ तौर-तरीके हैं, इसलिए केवल राजनीतिक फायदे के लिए धर्म की आड़ लेना तो अधर्म ही है! 
*Hanuman Chalisa को लेकर Anurag Bhadouria और Sambit Patra के बीच हुई जबरदस्त बहस…


*पेट्रोल पॉलिटिक्स! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए? अजब न्याय का गजब राष्ट्रहित?*

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें