सेवा सुरभि’ एवं प्रेस क्लब द्वारा संवाद में शहर के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की बेबाक राय
इंदौर, । समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर चर्चा करने का यही सही समय है। इस मुद्दे को किसी धर्म विशेष अथवा पार्टी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। इससे किसी भी धर्म का नुकसान नहीं होगा। यही सही समय है, जब हम इस मुद्दे पर गुण, दोष के आधार पर विचार कर सकते हैं। केन्द्र सरकार समान नागरिक संहिता का जो मसौदा लेकर आ रही है, उसका रूप, स्वरूप क्या होगा, इस पर पहले से कोई धारणा बना लेना अथवा इसका विरोध करना सही नहीं होगा।
यह निष्कर्ष है आज की संगोष्ठी का, जिसका विषय था समान नागरिक संहिता। ‘संस्था सेवा सुरभि’ और इंदौर प्रेस क्लब ने मिलकर राजेन्द्र माथुर सभागृह में इस बहुचर्चित विषय पर शहर के प्रख्यात विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविद, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों को आमंत्रित कर उनकी राय जानने का प्रयास किया।
अतिथि वक्ताओं में पूर्व राज्यपाल एवं न्यायमूर्ति वी.एस. कोकजे, पद्मश्री जनक पलटा, शहर काजी डॉ. इशरत अली, इंदौर डायोसिस के बिशप चाको, अभ्यास मंडल के रामेश्वर गुप्ता एवं शिवाजी मोहिते, इंदौर उत्थान अभियान के अध्यक्ष अजीतसिंह नारंग, वरिष्ठ अभिभाषक अजय बागड़िया, पूर्व उप महाधिवक्ता अभिनव धनोतकर, अभिभाषक सुश्री शन्नो शगुफ्ता खान, पत्रकार प्रवीण जोशी, शिक्षाविद एवं उद्योगपति अशोक बड़जात्या, आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि पोरलाल खरते शामिल थे, जिन्होंने पूरी बेबाकी के साथ अपनी राय रखी।





