राजकुमार जैन, ख्यात लेखक और स्वतंत्र विचारक
यह तीन फोटो शहर के व्यस्ततम मार्ग जवाहर मार्ग पर, नंदलाल पूरा चौराहे और प्रिंस यशवंत रोड वाले चौराहे के मध्य स्थित गणेश कचौरी आड़ा बाजार के सामने से लिए गए हैं। यह एक अच्छी खासी चौड़ी सड़क है यहां आने और जाने वाले वाहनों के लिए सफेद पेंट से रोड मार्किंग भी की गई है और ज्यादातर वाहन चालक इसका सम्मान भी करते हैं।


आप देख सकते हैं कि यहां :-
1 ना तो ऊंचे डिवाइडर हैं जिनके कारण लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
2 ना ही घना ट्रेफिक है जिसके कारण जल्दबाजी में रांग साइड घुसना मजबूरी हो
3 नंदलालपुरा चौराहे से आड़ा बाजार तक की दूरी मात्र 200 मीटर है
फिर ऐसी क्या मजबूरी है जो इन वाहन चालकों को रांग साइड जाने के लिए प्रेरित कर रही है ?
1 आदतन
2 नादानी
3 यातायात नियमों के प्रति उपेक्षा का भाव
4 मनमर्जी की मौज
5 कभी किसीने टोका ही नहीं
6 लापरवाही
7 आत्महत्या का प्रयास
8 दबंगता का भाव
9 उपरोक्त सभी कारण
जब सही दिशा से आ रहे वाहन इन रांग साइड से आ रहे अनपेक्षित वाहनों से बचने का प्रयास करते हैं तो कोई घातक दुर्घटना घट जाने की संभावना बढ़ जाती है।
यदि बदकिस्मती से टक्कर हो जाती तो सारी गलती फोटो में दिखाई पड़ रहे उस गरीब लोडिंग रिक्शा चालक की ही मानी जाती और भीड़ उसको पीटने के साथ साथ उसके वाहन को भी तोड़फोड़ देती या आग भी लगा देती।
बाइक सवार को बचाने के प्रयास में वो लोडिंग आटो किसी और सही दिशा से आ रहे वाहन या किसी पैदल।चल रहे राहगीर से टकरा सकता था लेकिन तब भी दुर्घटना का जिम्मेदार लोडिंग के चालक को ही माना जाता। और भीड़ उसे गंभीर सजा भी देती।
लेकिन दुर्घटना के लिए वास्तविक रूप जिम्मेदार इन रांग साइड से आ रहे वाहन चालकों को सजा कौन देगा ? कौन उसको समझाएगा कि गलती तुम्हारी है, तुमको रांग साइड नहीं आना चाहिए।
उनको तो किसीने बताया ही नहीं कि दुर्घटना के लिए उनको जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। बल्कि भीड़ के इस व्यवहार से प्रेरणा लेकर दूसरे लोग भी रांग साइड जाते हैं। भीड़ उनके पक्ष में होती है तो वो रांग साइड जाने को “रांग” मानना ही बंद कर देते हैं और दुर्घटना के शिकार बन जाते हैं।
ये रांग साइड जाने वाले आपके परिवार के सदस्य भी हो सकते हैं। लेकिन उनकी इस हरकत का पता आपको तभी चलेगा जब कोई दुर्घटना हो जाएगी लेकिन तब आपका गुस्सा स्वाभाविक रूप से उस लोडिंग वाले गरीब पर ही फूटेगा।
हमें साहस दिखाना होगा और रांग साइड जाने वाले को “रांग” कहना होगा तभी हम सड़क दुर्घटना में हताहत होने वालों की संख्या में कमी लाकर किसी की जान बचा सकेंगे।
अपने परिवार के सदस्यों से रोजाना यातायात नियमों के पालन का वचन लीजिए। क्योंकि यातायात नियमो के पालन में ही सुरक्षा है।





