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अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों पर ED का बड़ा एक्शन:मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस यूनिट ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 अक्टूबर को मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड जब्त किए हैं. इसी के साथ ही एजेंसी ने गोपाल लाल अंजना, छिंदरपाल सिंह और यदविंदर सिंह की दो आलीशान आवासीय संपत्तियां और कई कृषि भूमि के टुकड़े भी चिन्हित किए हैं.

प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड जब्त किए। इसी के साथ ही एजेंसी ने गोपाल लाल अंजना, छिंदरपाल सिंह और यदविंदर सिंह की दो आलीशान आवासीय संपत्तियां और कई कृषि भूमि के टुकड़े भी चिन्हित किए हैं. इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है और शक है कि इन्हें ड्रग तस्करी से कमाए गए पैसों से खरीदा गया है. ED का कहना है कि संपत्तियों की जांच की जा रही है. अगर ड्रग तस्करी से संपत्ति खरीदे जाने की पुष्टि होती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.

कैसे शुरू हुई जांच?
यह मामला हरियाणा पुलिस द्वारा NDPS एक्ट के तहत दर्ज FIR और चार्जशीट के आधार पर सामने आया था. पुलिस ने छिंदरपाल सिंह, उसके भतीजे यदविंदर सिंह, गोपाल लाल अंजना, भोला सिंह और हरजीत सिंह पर कार्रवाई की थी.जांच में सामने आया कि छिंदरपाल और यदविंदर कई सालों से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी गोपाल लाल अंजना से अफीम खरीदते थे. इस अफीम का कुछ हिस्सा भोला सिंह, जसमीट सिंह और हरजीत सिंह को बेचा गया, जबकि बाकी को हरियाणा पुलिस ने इनके कब्जे से बरामद की थी.

लाइसेंस का दुरुपयोग?
जांच में यह भी पता चला कि गोपाल लाल अंजना पर लंबे समय से अवैध अफीम व्यापार में शामिल होने का शक है. परिवार को मिले अफीम उत्पादन लाइसेंस का गलत इस्तेमाल कर वह निजी फायदे के लिए तस्करी करता रहा. जसमीत सिंह और हरजीत सिंह ने भी यह स्वीकार किया है कि वे छिंदरपाल सिंह से अफीम खरीदते थे.

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
एजेंसी के अनुसार, छिंदरपाल सिंह पहले भी NDPS एक्ट के तहत दोषी करार दिया जा चुका है. उसके खिलाफ 2006 और 2022 में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. फिलहाल ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है और संभव है कि आने वाले दिनों में और संपत्तियों और आरोपियों पर कार्रवाई हो. फिलहाल यह मामला गंभीर है और ईडी की जांच जारी है।


Ramswaroop Mantri

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