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इंदौर में सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर:6 बड़े अस्पतालों में इमरजेंसी सर्जरियां हुईं

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इंदौर

अपनी मांगों को लेकर मध्यप्रदेश में बुधवार से डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसका असर इंदौर में भी दिखाई दिया। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि व्यवस्था संभालने के लिए आयुष डॉक्टरों की तैनाती की गई। कलेक्टर खुद भी पीसी सेठी अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं को जायजा लिया।

दरअसल, मध्यप्रदेश मेडिकल टीचर एसोसिएशन, चिकित्सक संघ के आह्वान पर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भी हड़ताल पर चले गए। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ.विजेंद्र सिंह ने बताया कि हमने जो हमारी पुरानी मांग थी उसको लेकर हड़ताल जनवरी फरवरी में की थी। सरकार ने कमेटी बनाई थी लेकिन मसौदे को आगे नहीं बढ़ाया। ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने और स्टाइपेंड को बढ़ाने की मांग भी पेंडिंग है। प्रदेश के जिला अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर जो गए है, उनके रहने सहित अन्य व्यवस्था भी नहीं की गई है। प्रमोशन टाईम पर हो जैसे अन्य प्रमुख मांगों पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया है।

हड़ताल पर बैठे डॉक्टर।

हड़ताल पर बैठे डॉक्टर।

बता दें हड़ताल की वजह से ओपीडी सेवाएं बंद रही। इमरजेंसी डिपार्टमेंट की सेवाएं भी बंद कर दी गई। इलाज के लिए मरीज एमवाय में परेशान होते रहे, हालांकि स्थिति को संभालने के लिए कलेक्टर डॉ.इलैया राजा टी ने मोर्चा संभाला। वे अचानक पीसी सेठी हास्पिटल पहुंचे। यहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयुष डॉक्टरों को तैनात किया गया। सभी सरकारी अस्पतालों में एडीएम, एसडीएम एवं अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट भेजे गए, जो मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी मरीज को बगैर इलाज वापस नहीं जाने दिया गया है। एम्बुलेंस भी तैनात है।

प्रशासन की तरफ से जो आंकड़े दिए गए है, उसके मुताबिक पीसी सेठी हॉस्पिटल में दोपहर तक 140 मरीजों का इलाज किया गया। ओपीडी में कुल 12 डॉक्टर मरीजों को देखने के लिए बैठे। यहां पर पीआईसीयू और एसएनसीयू भी काम कर रहा है। वहीं पैरा मेडिकल स्टाफ भी अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। बाणगंगा हास्पिटल में भी सौ से अधिक ओपीडी रजिस्टर्ड हुई है वहीं जिला अस्पताल में वन सेवेंटी थ्री मरीजों का परीक्षण किया गया है। एमवाय हॉस्पिटल में उपस्थित अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा ने बताया कि यहां दोपहर तक 900 से अधिक ओपीडी हो चुकी हैं। वहीं एमवाय में 2 सर्जरी हुई। एमटीएच में 4 डिलीवरी हुई। 2 सुपर स्पेशियलिटी में, जिला अस्पताल में 285 मरीजों का इलाज दोपहर तक हो गया।

इंदौर के 6 बड़े अस्पतालों में कलेक्टर ने लगाई पांच अफसरों की ड्यूटी

शासकीय चिकित्सकों की हड़ताल के मद्देनजर इंदौर कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने चिकित्सा सुविधा सुचारू बनाए रखने के लिए 5 अपर कलेक्टरों को शहर के 6 बड़े अस्पतालों में तैनात किया है। इसमें अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर को पीसी सेठी और बाणगंगा अस्पताल, अजय देव शर्मा को एमवाय, वंदना शर्मा को मांगीलाल चुरिया अस्पताल, सपना लोवंशी को हुकुमचंद अस्पताल और राधेश्याम मंडलोई को जिला अस्पताल का जिम्मा सौंपा है।

वहीं हड़ताल को रोकने के लिए मंगलवार रात चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सक संगठनों के बीच बैठक हुई लेकिन वो बेनतीजा रही। करीब एक घंटे चली बैठक में दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद सरकार ने भी हड़ताल से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी। सरकार ने प्राइवेट अस्पताल से स्टाफ के बारे में जानकारी मांगी है। यदि हड़ताल लंबी चलती है तो मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

Ramswaroop Mantri

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