शशिकान्त गुप्ते
अंग्रेजी माध्यम में पढ़ रहे एक बालक ने मुझे एक चुनौती पूर्ण कार्य सौंपा है। बालक को भारत देश पर हिंदी में निबंध लिख कर देना है।
मैने कहा,मैं तो व्यंग्यकार हूँ।
बालक व्यंग्यकार का मतलब समझा नहीं। कहने लगा Uncle आप जो भी हो,plz मुझे निबंध लिखकर दो।
मेरे समक्ष एक अहम प्रश्न उपस्थित हुआ, कौनसे भारत पर लिखूं? सत्तर वर्ष पुराने या, अच्छेदिनों वाले भारत पर लिखूं?
बालक ने कहा आप जिस पर भी जैसा भी लिख कर दो। हमारी स्कूल तो English Medium school है।
मैने निबंध इस प्रकार लिखा।
अपना देश भारत है। हजारों वर्षों तक गुलाम रहने के बाद असंख्य देशभक्तों के संघर्ष और बलिदान के बाद अपने देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
आज के भावी कर्णधारो को यह बात स्पष्ट समझ लेनी चाहिए कि,देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ है।
अपने देश की भौगोलिक सीमा चार “क” में बंधी है। काश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कटक तक। अनेकता में एकता देश की विशेषता है। ऐसा पुस्तकों में लिखा है।
प्रास्तवना में इससे ज्यादा क्या लिखूं, कारण नियम के अनुसार कम से कम शब्दों में निबंध लिखना है।
इनदिनो किसी विषय पर लिखतें समय शब्दों का चयन बहुत सावधानी से करना चाहिए। लिखतें समय कोई भी ऐसा शब्द ना लिखा जाए, जिससे आपकी राष्ट्रीयता पर प्रश्न उपस्थित हो और आपको पडौसी देश में चले जानी की धमकी युक्त सलाह भी मिले?
अपना देश धार्मिक देश है।अपने देश मे रामायण पहले हुई, बाद में महाभारत। हनुमानजी दोनों समय के प्रत्यक्ष साक्षी रहें हैं। धार्मिक लोग हनुमानजी के गौत्र को जानने के लिए प्रयास रत हैं?
अपने देश में बहुत आचार्य हुए हैं, ऐसा इतिहास और पौराणिक कथाओं में लिखा है,लेकिन हमारे यहाँ,एक कहावत है, घर का जोगी जोगड़ा, अन्य देश का सिद्ध। इस कहावत को चरिथार्त करने के लिए अपने देश के नौनिहाल विदेश में जाकर पढतें हैं। जाते भी हैं तो पूर्ण स्वाभिमान को ध्यान में रखकर,पालकों पर बोझ बनकर नहीं जातें हैं। बैंकों से कर्ज लेकर जाते हैं। पढ़ाई पूर्ण करने का कर्तव्य निभाने के साथ कर्ज का बोझ को भी विद्यार्थी जीवन में ही वहन करने की आदत को आंगीकृत करतें हैं।
अपने देशवासी सिर्फ विदेश में ही भारतीय होते हैं।
अपना देश धार्मिक देश है।
अपने देश के वासियों में धार्मिक आस्था कुटकुटकर भरी है। धार्मिक आस्था प्रकट करने के लिए अपने देश में शिक्षा केंद्रों से ज्यादा एहमियत धार्मिकस्थलों को दी जाती है।
अपना देश कॄषि प्रधान देश हैं।
यहाँ के खेतो में विभिन्न प्रकार की फसल लहलहाती है। लहलहाती फसल को यहाँ के फ़िल्म वाले स्वर्ण और कीमती रत्नों की संज्ञा देते है। इसीलिए गाना गाते हैं, मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोती।
अपने देश में फ़िल्म का क्षेत्र भी बहुत विशाल है,यहाँ जो फ़िल्म बनती है, वह हरएक फ़िल्म महान सामाजिक,धार्मिक मारधाड़ से भरपूर भावना प्रधान फ़िल्म होती है।
यहॉ निर्मित होने वाली फिल्में देश की राजनैतिक व्यवस्था को हूबहू प्रतिबिंबित करती है। मात्र तीन घण्टे की समयावधि में प्यार दुलार,संतान उत्पत्ति, सभी तरह के अवैध धंधे। अवैध धंधों को प्रश्रय देतें रसूखदार राजनेता। पुलिस की मिलीभगत से चलने वाले नंबर दो के कारोबार सब कुछ दिखाया जाता है?
यह सब दो घण्टे पचपन मिनिट तक दर्शया जाता है,अंत के पाँच मिनिट में क़ानूनव्यवस्था सब कुछ ठीक कर देती है।
शुरुआत में काली-सफेद रंग की फ़िल्म बनती थी। तकनीकी क्षेत्र की उन्नती ने फ़िल्म को रंगीन बना दिया। रंगीन फिल्में निर्मित करने के लिए जो धन लगता है, उस धन का रंग कैसा होता है, यह Understood होता है।
अपना देश धर्म प्रधान देश है।
यहाँ विभिन्न प्रकार के बाबाओं को बहुत मान्यता मिलती है। योग के संयोग से भी कोई यहां बाबा बन जाता है। कुछ शरारती तत्व ऐसे बाबा पर व्यापारी होने का आरोप लगाते है?
अपना देश विश्व का गुरु बनने के लिए प्रयत्नशील है। इसलिए यहाँ धार्मिक स्थलों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाती है। धार्मिक लोग राजनीति में सक्रिय होकर राजनीति को शुचिता प्रदान करने का प्रयास करतें हैं?
यहाँ के सभी राजनैतिक दल धार्मिक होतें जा रहें हैं। राजनैतिक दल सभी देशवासियों को पुण्यवान बनाने के लिए, मुफ्त तीर्थयात्रा करवाने के लिए कृतसंकल्प है।
सभी देशवासी पुण्यवान हो जाएंगे तब अपने देश को विश्व गुरु कहलाने का निश्चित ही सौभाग्य प्राप्त होगा।
अपने देश मे आच्छादित कानन है। अभ्यारण्य है। पर्वत हैं, नदिया हैं। नदियों में स्नान करने से पाप धुल जातें हैं, ऐसी मान्यता भी यहाँ प्रचलित है।
अपना देश महान है। अपने देश की उपलब्धियों को गिनाने के पूर्व ध्यान रखना है कि, किसी की आस्था आहत न हो। सर्वधर्म समभाव की धारणा को नमन। यह वाक्य परंपरागत लिखा जाता है। यदि आपत्ति जनक हो तो डिलीट कर सकतें हैं?
मेरा भारत महान है।
संक्षिप्त में जो भी जैसा भी बन पड़ा लिख दिया। वैसे भी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में देना है।कोई टेंशन नहीं
बालक ने निबंध पढ़ा और निबंध लिखे कागजों की घड़ी बनाकर कर जेब रखतें हुए मुझ से कहा
Thanks uncle।
थोड़े दिनों बाद बालक मेरे पास आया और कहने लगा आपके द्वारा लिखे निबंध पर मुझे दस में से दस मार्क प्राप्त हुए हैं।
मैने पूछा तुम्हारे टीचर्स ने पढ़ा भी या नहीं?
बालक ने कहा सभी टीचर्स English Medium में पढ़े हुए टीचर्स हैं। English medium schools में हिंदी Second language होती है।
शशिकान्त गुप्ते इंदौर





