झाबुआ
मजदूरों को लेकर गुजरात जा रही जय गोपाल बस गुरुवार रात भगोर गांव से गुजरते समय रोड के ऊपर से जा रहे बिजली के तारों से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शिंयों के अनुसार छत पर काफी सामान रखा था और तार इस सामान में उलझकर टूट गए। बस चलती रही और तार उसके साथ 100 मीटर तक घिसटते रहे। इस दौरान तेज चिंगारियां उठती रही। चालक को जब समझ आया तब बस रोकी। जैसे ही बस रुकी, सवारियां दौड़कर बाहर निकल आई।
बस में 60 के आसपास सवारी थी। सबकी जान सांसत में अटकी रही। तार टूटने के बाद गांव में बिजली सप्लाय बंद हो गई। घटना की जानकारी प्रशासन को भी मिल गई। अब बस नंबर जीजे-10-जेड-0966 पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
हादसों से सबक नहीं, रतलाम रूट पर ऐसे गुजरी बस
करवड़। कई बस हादसों के बावजूद ओवरलोडिंग और लापरवाही नहीं रुक रही। यात्रियों के लिए भी जरूरी है कि वो खुद अपनी जान के दुश्मन न बनें। ये फोटो झाबुआ-रतलाम रोड पर घुघरी के पास का है। राजस्थान पासिंग बस में इस तरह अंदर और छत पर सवारियां ले जाई जा रही थी।
गुजरात की है बस, मजदूरों को लेकर आती-जाती है : जय गोपाल बस सर्विस के नाम से काफी संख्या में बसें मजदूरों को लेकर आती-जाती हैं। गुजरात के दाहोद से बसों का संचालन होता है और गुजरात से ही परमिट बनवाए जाते हैं। इस कंपनी की बसें झाबुआ सहित राणापुर, इंदौर और धार जिले के कई स्थानों से सवारियां भरकर गुजरात जाती हैं। परमिट टूरिस्ट का होता है। इसका नियम ये है कि एक जगह से दूसरी जगह के बीच सवारियां नहीं बिठाई जा सकती। दोनों जगह के बीच मुख्य मार्ग का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार नियम बनाती है, लेकिन समस्या का हल नहीं निकालती
नियमानुसार चलने वाले साधन सीमित हैं। बसें बंद कर दें तो भी लोग तो मजदूरी के लिए जाएंगे। ट्रेनें भी या तो बंद हैं, या सीमित संख्या में हैं। ऐसे में लोग रात के समय जीपों और दूसरे साधनों में क्षमता से ज्यादा भरकर जाएंगे। ये भी तो खतरनाक ही होगा। सरकार नियम बनाती है लेकिन समस्या का हल नहीं निकालती।
15 दिन में 12 लाख वसूल चुके
टूरिस्ट बसों के ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से गुजरने की शिकायत मिलती है। कई बार कार्रवाई भी की जाती है। इस बस पर भी कार्रवाई करेंगे। 15 दिन में बसों से 12 लाख रुपए का दंड वसूल चुके हैं। पूर्व में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को पत्र भी लिखा है।
राजेश कुमार गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी





