अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

हर कोई खरीद रहा सोना फिर 2025 में RBI की सोने की खरीद 94% घट गई

Share

साल 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोने की खरीद बेहद कम कर दी है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने 2025 में सिर्फ 4.02 टन सोना खरीदा, जबकि 2024 में यह खरीद 72.6 टन थी. यानी एक साल में करीब 94% की भारी गिरावट आई है.

फिर भी RBI के पास रिकॉर्ड सोना क्यों?
खरीद भले ही कम हुई हो, लेकिन RBI के कुल सोने का भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. अभी RBI के पास कुल 880.2 टन सोना है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है. नवंबर 2025 तक RBI के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो चुकी है. इतना ही नहीं, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में सोने की हिस्सेदारी भी अब रिकॉर्ड हाई पर है. एक साल में गोल्ड का शेयर करीब 10% से बढ़कर 16% हो गया है. मार्च 2021 में यह हिस्सा सिर्फ 5.87% था. यानी पांच साल में RBI ने अपने रिजर्व में गोल्ड का वजन लगभग तीन गुना कर दिया है.
RBI ने खरीद क्यों धीमी की?
रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने सोने की खरीद इसलिए कम की क्योंकि उसके रिजर्व में पहले से ही गोल्ड का हिस्सा काफी बढ़ चुका है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का मानना है कि ऊंची कीमतों और रिजर्व में गोल्ड की बढ़ती हिस्सेदारी के चलते RBI अब ज्यादा संतुलित तरीके से रिजर्व मैनेजमेंट कर रहा है.

RBI का सोना कहां रखा है?
RBI का सारा सोना भारत में नहीं रखा गया है. मार्च 2025 तक RBI के पास 879.59 टन सोना था, जिसमें से करीब 512 टन भारत में रखा गया था. बाकी सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के पास सुरक्षित रखा गया है. कुछ सोना गोल्ड डिपॉजिट के रूप में भी है.

दुनिया के सेंट्रल बैंक और सोना
दुनिया भर के सेंट्रल बैंक भी पिछले कुछ सालों से जमकर सोना खरीद रहे हैं. दिसंबर 2025 तक ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के पास कुल 32,140 टन सोना है.

2022 में खरीदा गया: 1,082 टन
2023 में: 1,037 टन
2024 में रिकॉर्ड: 1,180 टन
2025 में भी खरीद 1,000 टन से ऊपर रहने की उम्मीद है
अब सेंट्रल बैंकों के रिजर्व में सोना डॉलर के बाद दूसरी सबसे अहम एसेट बन गया है. गोल्ड का शेयर 20% तक पहुंच गया है, जो यूरो (16%) से भी ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि अब सेंट्रल बैंकों के पास US ट्रेजरी बॉन्ड से ज्यादा सोना हो गया है. ऐसा 1996 के बाद पहली बार हुआ है.

सोने की कीमतें क्यों बढ़ीं?
2022 से अब तक सोने की कीमतें करीब 175% तक बढ़ चुकी हैं. इसकी बड़ी वजह सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितता है. सिर्फ 2025 में ही सोने ने 65% से ज्यादा की तेजी दिखाई, क्योंकि निवेशक इसे सेफ-हेवन यानी सुरक्षित निवेश मानते हैं. RBI की खरीद भले कम हुई हो, लेकिन भारत का गोल्ड रिजर्व पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है. साफ है कि RBI अब ज्यादा खरीद नहीं, बल्कि स्मार्ट मैनेजमेंट की रणनीति पर चल रहा है.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें