अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

कोरोना टीकारण का विरोध, किसान बोले-पहले भाजपा विधायक लगवाएं वैक्सीन

Share

पीएम मोदी और सीएम खट्टर के खिलाफ नारेबाजी

कैथल,

जिला प्रशासन द्वारा कैथल में जाट स्कूल में कोरोना वैक्सीन के आगाज से पहले ही गुस्साए भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने वैक्सीन को सुरक्षित न बताते हुए हाथों में काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्यमंत्री कमलेश ढांडा सहित स्थानीय भाजपा विधायक लीला राम गुर्जर के खिलाफ नारे लगाए। किसानों ने कहा कि पहले विधायक लीलाराम खुद और अपने परिवार के सदस्यों काे टीका लगवाएं, फिर आम लोगों को टीके लगाए जाएं। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। इसके बाद, डीएसपी दिलिप सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत किया। हुआ यूं कि जिला प्रशासन की अगुवाई में करनाल रोड स्थित जाट स्कूल में कोरोना टीकाकरण लगाने की शुरुआत विधायक लीलाराम द्वारा की जानी थी। इसकी भनक किसानों को लगते ही वे स्कूल के गेट पर पहुंच गए और कोरोना वैक्सीन का सामान उठाकर गेट को बंद कर गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश के अन्नदाताओं की फसल तो पहले ही खराब हो चुकी है और अब किसानों की नस्ल को खराब करने के लिए कोरोना वैक्सीन का परीक्षण उनके बच्चों पर किया जा रहा है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा और न ही अपने बच्चों के जीवन से सरकार व प्रशासन को खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर विधायक लीलाराम हकीकत में किसानों व जनता के हितैषी हैं तो वे राजनीति छोड़कर दिल्ली धरने पर बैठे किसानों का समर्थन करें। वे कोरोना का पहला टीका खुद लगवाकर अपने परिजनों को लगवाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज द्वारा यह टीका लगवाने पर तबीयत खराब हो गई थी, जिससे साफ जाहिर होता है कि सरकार व प्रशासन इस वैक्सीन का हमारे बच्चों पर प्रयोग कर रही है, जो हमें किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा। डीएसपी दिलीप सिंह ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाकर शांत कर दिया गया था। किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। किसानों का वैक्सीन को लेकर कोई विरोध नहीं था, उनका विरोध राजनीतिक है। किसानों को समझाकर स्कूल के गेट से हटा दिया गया था।

सामान उठाकर भागे स्वास्थ्यकर्मी

किसानों के बढ़ते रोष को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी पुलिस व अन्य प्रशासनिक की देखरेख में सामान उठाकर सरकारी अस्पताल लौट गए और अस्पताल से कोरोना वैक्सीन दी गई। किसान इस बात पर अडिग रहे कि किसी भी सूरत में विधायक लीलाराम को यहां नहीं आने देंगे। उनका डटकर विरोध किया जाएगा। डीएसपी दलिप सिंह ने किसानों को समझाकर किसानों को शांत किया।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें