डॉ. प्रिया
सेक्स प्लेजेबल न लग रहा हो या ऑर्गैज्म की स्टेज आपके लिए मुश्किल हो जाती हैं, अगर पेनिट्रेशन के दौरान एक तरह का दर्द का अनुभव होता है तो संभव है आप लाइफस्टाइल डिसऑर्डर से पीड़ित हों।
कई शोध अनुमान हैं कि प्रोटीन की कमी के कारण भी आपका यौन प्रभाव प्रभावित हो सकता है।
दैहिक संबंध में यौन अंतरंगता का काफी महत्व है। एक हैप्पी कपल हमेशा मेंटली, इमोशनली और फिजिकल हर तरह से एजिंग होते हैं। संबंधों में कमी से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई महिलाओं में हर दिन सेक्सुअल डिजायर घटती जा रही है। हो सकता है कि आपको भी सेक्स प्लेजरेबल न लग रहा हो. ऐसे में कुछ महिलाओं को पेनिट्रेशन के दौरान इंटरेक्शन का अनुभव भी होता है।
क्या आपने कभी इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश की है? यदि नहीं, तो कहीं इसकी वजह से आपकी शारीरिक बैक्टीरिया तो नहीं!
जी हां, कई ऐसे जीवनशैली संबंधी विकार एक दिन के कारण से यौन जीवन प्रभावित होते हैं। इन समस्याओं में बॉडी हॉर्मोन अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं करते हैं जिसकी वजह से सेक्शुअल डिजायर कम होने लगता है।
अगर आप भी सेक्सुअल डिसजायर में कमी महसूस कर रही हैं, तो इन लाइफस्टाइल डिसऑर्डर की जांच जरूर करवाएं :
*1. कार्डिओवैस्कुलर डिजीज :*
पब मेड सेंट्रल के अनुसार कई ऐसे हृदय रोग हैं, जैसे की हाई ब्लड प्रेशर, पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचाती हैं.
ऐसे में यह दिल से दूर के बॉडी पार्ट्स तक पर्याप्त ब्लड ट्रांसफर नहीं कर पता। इन ब्लड वेसेल्स में परिवर्तन होने से इन क्षेत्रों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिसमें इंटिमेट बॉडी पार्ट्स भी शामिल हैं।
वेजाइना या पेनिस में ब्लड फ्लो की कमी के कारण इन्हे उत्तेजित कर पाना मुश्किल हो जाता है।
इस प्रकार यह सेक्सुअल डिजायर की कमी का कारण बनता है। ब्लड वेसेल की समस्या से पीड़ित ज्यादातर लोग सेक्स करते वक़्त जल्दी थक जाते हैं और उन्हें सेक्स प्लेजरेबल भी नहीं लगता।
*2. डायबिटीज की स्थिति :*
डायबिटीज ब्लड वेसल्स को प्रभावित करता है। डायबिटीज संबंधित न्यूरोपैथी, एक ऐसी स्थिति है जिसमें नसों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचता है। जिसकी वजह से आप बिना एजैक्युलेशन के ऑर्गेज्म तक पहुंच सकते है।
महिलाओं में, डायबिटीज की स्थिति में वेजाइनल वाल की ब्लड वेसल्स सख्त हो जाती हैं। ऐसे में ब्लड फ्लो पर नकारात्मक असर पड़ता है जो वेजाइना के प्राकृतिक ल्युब्रिकेशन को प्रभावित करता है।
ऐसे में वेजाइना ड्राई हो जाती है, जिसकी वजह से यूटीआई, ईस्ट इन्फेक्शन और अन्य संक्रमणों का खतरा बना रहता है।
पुरुषों में, डायबिटीज ब्लड वेसल्स को सख्त और संकुचित कर देता है, जो पेनिस तक इरेक्टाइल टिश्यू पहुंचाते हैं। इससे इरेक्शन होने में समस्या हो सकती है और इरेक्ट होने पर पेनिस कम फर्म हो सकता है।
*3. स्ट्रेस भी है जिम्मेदार :*
ब्रेन शरीर का एक सबसे संवेदनशील “सेक्स ऑर्गन” होता है। पब मेड सेंट्रल के अनुसार सेक्सुअल डिजायर दिमाग से शुरू होती है और फिर इंटिमेट पार्ट्स तक पहुंचती है।
न्यूरोट्रांसमीटर नामक केमिकल ब्रेन सेल्स (न्यूरॉन्स) को सेक्स ऑर्गन्स तक ब्लड फ्लो को प्रोत्साहित करने के लिए मेसेज पहुंचाती है। वहीं तनावग्रस्त व्यक्ति में यह केमिकल असंतुलित हो जाती हैं ।
नतीजतन, व्यक्ति सेक्सुअल डिजायर में कमी महसूस करता है या कई बार कुछ लोगों की योन इच्छा पूरी तरह से खत्म हो जाती है। इसके अलावा, न्यूरोट्रांसमीटर का निम्न स्तर प्लेजरेबल भावनाओं को काफी हद तक कम कर देता है।
पुरुष हों या महिला सेक्स करने में असमर्थ होने के कारण आत्मविश्वास में कमी महसूस करते है, जो स्ट्रेस से उभरने की प्रक्रिया को कभी कमजोर बना देता है।
*4. मेनोपॉज की सेचुएशन :*
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजेन के गिरते स्तर के कारण महिलाओं के सेक्सुअल फंक्शन में कई बदलाव आते हैं।
एस्ट्रोजन की कमी के कारण वजाइना में ब्लड सप्लाई काफी कम हो जाता है। डायबिटीज की तरह यह भी वेजाइनल प्लेजर को कम कर देती है और इसे ड्राई बनाती है, जिसकी वजह से वेजाइनल हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मेनोपॉज के दौरान महिलाएं आसानी से उत्तेजित नहीं होती और इंटीमेट पार्ट्स को छूने पर उन्हें किसी तरह का सेन्सेशन महसूस नहीं होता। परिणामस्वरूप सेक्स में रुचि कम हो जाती है।
यदि आपको अचानक से सेक्स डिजायर में कमी महसूस होने लगती है, तो आप बताए गए पहले इन लाइफस्टाइल डिसऑर्डर की शिकार हो सकते हैं। बिना देरी किए देखें कि आपके शरीर में क्या बदलाव नजर आ रहे हैं और उसके अनुसार डॉक्टर से मिलेंगे और अपनी जांच करवाएं।
थोड़ी सी भी देरी आपको बुरी तरह से इन बिमारियों का शिकार बना सकती है। साथ ही बिगड़ा हुआ यौन जीवन आपके संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।
*5. एनीमिया और लिउकोरिया :*
खून की कमी होने पर स्त्री ठंडी हो जाती है. उसकी रूचि सेक्स में नहीं रहती. बिस्तर पर प्लेजर के दौरान मजबूरन वह जिन्दा लाश-सी अपनी देह सौंपती है और चाहती है कि पेनिस्ट्रेशन करते ही पार्टनर स्खलित हो जाए.
लिउकोरिया में स्त्री का शरीर खोखला हो जाता है. उसमे कोई गरमी शेष नहीं रहती. वह हमेशा ढीली और थकी हुई रहती है. ऐसे में सेक्स से कतराना नेचुरल है. योनि से भी बदबू आती है जिसके कारण गैर हवसी पार्टनर भी करीब नहीं आना चाहता. ऐसे में स्त्री की सेक्सुअल इम्पोर्टेन्सी बिल्कुल खत्म हो जाती है.





