शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर आई है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक नया सर्कुलर जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि अब रजिस्टर्ड लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फिनफ्लुएंसरों के चैनलों पर बैठकर शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी साझा नहीं कर सकेंगे। इस नए नियम से सोशल मीडिया पर वित्तीय जानकारी देने वाले फिनफ्लुएंसरों को बड़ा झटका लगा है।
शेयर बाजार से जुड़ी शिक्षा पर भी कड़ा नियंत्रण
SEBI ने अपनी गाइडलाइंस को और भी स्पष्ट करते हुए कहा है कि शेयर बाजार की शिक्षा देने वाले लोग मौजूदा बाजार मूल्यों की जानकारी साझा नहीं कर सकते। फिनफ्लुएंसर वे लोग होते हैं जो Instagram, YouTube जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए निवेश और शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी देते हैं।
फिनफ्लुएंसरों पर कस रहा है शिकंजा
पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फिनफ्लुएंसर बेधड़क शेयर मार्केट की जानकारी देते थे, लेकिन SEBI के सख्त नियमों के कारण अब ये लोग वीडियो में यह स्पष्ट कर देते हैं कि वे खरीदने या बेचने की कोई सलाह नहीं दे रहे। हालांकि, SEBI के नए निर्देशों के बाद अब यह भी उनके लिए मुश्किल हो जाएगा।
SEBI ने साफ कर दिया है कि जो फिनफ्लुएंसर SEBI के तहत रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे अब सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह नहीं दे पाएंगे। हालांकि, इन्वेस्टर एजुकेशन पर रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि SEBI की अनुमति के बिना निवेश की सलाह या परफॉर्मेंस संबंधी दावे न किए जाएं।
SEBI के नियमों का पालन अनिवार्य
जो लोग फाइनेंशियल सर्विसेज या शेयर बाजार से जुड़ी सलाह देते हैं, उनके लिए SEBI के पास रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद एक परीक्षा पास करनी होती है, जिसके बाद ही व्यक्ति को SEBI द्वारा प्रमाणित किया जाता है।
यदि कोई व्यक्ति SEBI रजिस्टर्ड नहीं है और सोशल मीडिया पर शेयर बाजार से जुड़ा ज्ञान साझा करता है या किसी विशेष स्टॉक को खरीदने की सलाह देता है, तो वह SEBI की निगरानी में आ सकता है।