29 जनवरी 25 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में चल रहे महाकुंभ में सरकारी लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया जिसमें 30 (सरकारी आकड़ा ) से ज्यादा लोगो की मौत और सैकड़ो लोग घायल हो गए, न जाने कितने लोग अपने परिजनों से बिछड़ गए और सरकारी व्यवस्था बंद पड़ी रही |
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौनी अमावस्या के अवसर पर करोड़ों लोग संगम तट पर स्नान हेतु मेला क्षेत्र में इकठ्ठा हो गए थे | साधारण लोगों के लिए संगम तट तक पहुँचने के लिए सिर्फ एक ही मार्ग खोला गया था जिसमें से लोग आ भी रहे थे और जा भी रहे थे | जबकि वी आई पी लोगों के लिए विशेष सुविधाएं की गई थी | पर करोड़ों की जनसँख्या में पहुँचने वाले आम जन मानस के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई | जिसके कारण यह हादसा हुआ | लोग मरते रहे और अधिकारी माननीयों पर फूल बरसाते रहे |
महाकुंभ मेला सरकार द्वारा एक पूर्ण रूपेण प्रायोजित कार्यक्रम है जिसके राजनितिक लाभ हेतु सरकार द्वारा प्रचार प्रसार में करोड़ों रुपये खर्च किये गए थे, सुविधाएं और व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च किये गए और आम जनमानस से बड़ी जनसँख्या में आगमन के लिए आह्वान किया गया | पर सही वयवस्था न होने के कारण इतना बड़ा हादसा हो गया और निर्दोष श्रीधालुओं की जाने चली गई | जो सरकार की योग्यता और मंशा दौनों पर प्रश्न चिन्ह लगाता है | जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से जिम्मेदार और दोषी है |
अतः सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया ) सुप्रीम कोर्ट से अपील करती है कि वो इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से महाकुंभ उत्सव को रोके का आदेश जारी करे |
30 से ज्यादा निर्दोष लोगों की जाने लेने के जुर्म में योगी सरकार के खिलाफ ऍफ़आईआर दर्ज कर गिरफ्तारी का आदेश पारित करे |
दोषियों अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनके आवासों पर बुलडोजर कार्यवाही सुनिश्चित करें |
एवं पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे के साथ सरकारी नौकरी की व्यवस्था करने का आदेश जारी करे |





