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MIC के लिए विधानसभा-2 के पार्षद सबसे मजबूत; विधानसभा एक से वाघेला-चौहान के नाम आगे

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इंदौर

नगरीय निकाय चुनाव में जिले में अपनी सबसे मजबूत स्थिति बनाने वाली भाजपा की अब एमआईसी गठन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। इसके तहत छह विधानसभा से दो-दो नाम प्रस्तावित होंगे। इनमें से एमआईसी के लिए 10 नामों पर पार्टी व संगठन की मुहर लगेगी। खास बात यह कि इसमें विधानसभा दो के दो पार्षद सबसे मजबूत माने जा रहे हैं क्योंकि उनके पास पुराना मजबूत जनाधार है। इसके साथ ही कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय व रमेश मेंदोला का वीटो पॉवर रहेगा माना जा रहा है। सभापति भी विधानसभा दो से ही तय माना जा रहा है।

इस चुनाव में 85 में से 64 पर भाजपा के पार्षद प्रत्याशी जीते हैं। खास बात यह कि यह चुनाव काफी कम समय में हुआ है। दूसरा यह कि इस चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को तीन बार इंदौर आना पड़ा जिसमें एक में उनका रोड शो था। इस दौरान उन्होंने हर विधानसभा में लोगों से एक ही अपील की कि इंदौर में मेयर और एमआईसी भाजपा की होनी चाहिए क्योंकि शहर के विकास को गति ट्रिपल सरकार की इंजिन ही देगी। बहरहाल, अब मेयर भी भाजपा का है और एमआईसी भी भाजपा की बनना है।

एमआईसी के लिए 10 सदस्यों को चुना जाना है। इसके तहत बड़ी विधानसभा से दो-दो तथा छोटी विधानसभा से एक-एक पार्षद लिए जाएंगे। जहां तक इसके लिए बड़े नेताओं की भूमिका का सवाल है पूृर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय व क्षेत्रीय विधायक या पूर्व विधायक की सहमति इसमें विशेष मायने रखेगी। मौजूदा समीकरणों के अनुसार एमआईसी के लिए ऐसे पार्षद जिन्हें लगातार खासा जनाधार मिलता रहा है और इस बार भी मिला है, वह खास आधार रहेगा। इसके अलावा इस बार विपरीत परिस्थितियों में ज्यादा वोटों से जीते पार्षद भी एमआईसी सदस्य के लिए प्रस्तावित होंगे।

विधानसभा-1 : वाघेला व चौहान सबसे मजबूत

विधानसभा-1 अब कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला का गढ़ है। इस विधानसभा में 17 वार्ड हैं। यहां भाजपा के मेयर प्रत्याशी को 20 हजार की लीड मिली है। इसमें वार्ड 11 के पार्षद कमल वाघेला सबसे मजबूत माने जा रहे हैं। इसका कारण यहां से उनके लिए भाजपा के बागी मांगीलाल रेडवाल सबसे बड़ी चुनौती थे। वाघेला ने उन्हें परास्त किया। उन्हें संघ व पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता का समर्थन है। दूसरे नंबर पर वार्ड 13 से पराग कौशल है जो पहले भी पार्षद रह चुके हैं। इसी विधानसभा से वार्ड 14 के पार्षद अश्विनी शुक्ला भी है जो पहले भी एमआईसी सदस्य रह चुके हैं जबकि वार्ड 5 पार्षद निरंजनसिंह चौहान का नाम भी चर्चा में है। उनकी पत्नी सपना पहले एमआईसी सदस्य रह चुकी है।

विधानसभा-2 : पांच बार के पार्षद यादव व राठौर लगभग तय

भाजपा का गढ़ माने जाने वाले विधानसभा-2 में इस बार 17 वार्डों में से पार्टी को चार वार्डों में हार का सामना करना पड़ा। इसमें विजयवर्गीय-मेंदोला के खास समर्थक चंदू शिंदे भी है। ऐसे में अब पांच बार के पार्षद राजेंद्र राठौर (वार्ड 32) व मुन्नालाल यादव (वार्ड 27) एमआईसी में सबसे पहले पायदान में है। यादव ने अंतिम दो राउण्ड में हारी हुई बाजी जीत ली। दोनों पूर्व में एमआईसी सदस्य रह चुके हैं जबकि राठौर तो निगम सभापति भी रह चुके हैं। ऐसे में यादव का सभापति को लेकर नाम सबसे ऊपर है। खास बात यह कि इस विधानसभा से मेयर को 42 हजार की लीड मिली है।

विधानसभा-3 : गावडे या टाकलकर में से एक को मौका

विधानसभा-3 सबसे छोटी है जिसमें 10 वार्ड हैं। ऐसे में यहां से एमआईसी के लिए एक पार्षद को लिया जाएगा। इसमें वार्ड 56 के पार्षद गजानन गावडे सबसे मजबूत है। इसका खास कारण यह कि उनका नाम अचानक तय हुआ था क्योंकि इसके पूर्व यहां से विजयवर्गीय-मेंदोला के खास युवराज उस्ताद की पत्नी को टिकिट दिया गया था। नामांकन के दिन मामला मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा तक पहुंचा कि उक्त परिवार अपराधिक प्रवृत्ति का है इसलिए टिकिट कैंसिल कर दिया। तत्काल यहां से गावडे का नामांकन भरा गया। वे भी विजयवर्गीय व मेंदोला के खास है। गावडे की मां भी पार्षद रह चुकी है। क्षेत्रीय विधायक आकाश विजयवर्गीय का भी उन्हें समर्थन है। दूसरा नाम वार्ड 57 के पार्षद सुरेश टाकलकर का है।

विधानसभा-4 : लड्‌ढा को सबसे ज्यादा तवज्जो

विधानसभा-4 में भाजपा को 41 हजार की लीड मिली है। इस विधानसभा में 13 वार्ड हैं। खास यह कि पूरे 85 वार्डों में सबसे ज्यादा वोट वार्ड 83 के पार्षद कमल लड्‌ढा को मिले हैं। वे विधायक मालिनी गौड के करीबी तथा उनके नाम पर कोई आपत्ति भी नहीं है। दूसरा नाम वार्ड 70 के पार्षद भारत रघुवंशी व 85 के पार्षद राकेश जैन का है।

विधानसभा-5 : उदावत व बसवाल के नाम

विधानसभा-5 में इस बार भाजपा को 5500 वोट कम मिले। इस बार यहां से वार्ड 49 के पार्षद राजेश उदावत काम नाम ऊपर है। वे पूर्व में आईडीए बोर्ड के संचालक मंडल में भी रह चुके हैं तथा उन्हें विधायक हार्डिया का समर्थन है। दूसरा नाम वार्ड 54 के पार्षद महेश बसवाल का है जिसे लेकर मुख्यमंत्री की खास नजर थी। इस वार्ड के लिए मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की है। तीसरा नाम वार्ड 42 की पार्षद मुद्रा शास्त्री का नाम है जिन्हें सांसद शंकर लालवानी का समर्थन है। वार्ड 47 के पार्षद नंदकिशोर पहाडिया का नाम भी है।

विधानसभा-राऊ : अभिषेक शर्मा या बडवे का नाम

इस विधानसभा में 8 वार्ड हैं जिनमें से 7 पर भाजपा के पार्षद हैं। यहां वार्ड 81 के पार्षद अभिषेक शर्मा का नाम सबसे ऊपर है। वे वरिष्ठ नेता मधु वर्मा के नजदीकी है तथा उनके नाम को लेकर कोई विवाद नहीं है। दूसरा नाम वार्ड 85 के पार्षद प्रशांत बडवे का है। उन्हें पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन का समर्थन है। भारी विरोध के बावजूद न केवल उनका टिकिट कटा बल्कि अच्छी जीत हासिल की।

Ramswaroop Mantri

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