दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों के नेता ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा के रॉकीज पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल होने के लिए कनाडा पहुंच गए हैं। सम्मेलन पर इस्राइल-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छेड़े गए व्यापार युद्ध का साया मंडरा रहा है। जी-7 की बैठक में एक संयुक्त बयान जारी किए जाने की उम्मीद है जिसमें इस्राइल और ईरान से तनाव कम करने, संयम बरतने और आपसी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया जाएगा।

‘हमारी दोस्ती बहुत खास है’, पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी

पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मुलाकात
पीएम मोदी की जापान के PM इशिबा से मुलाकात
इस सम्मेलन में पीएम मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ गहन बातचीत की। इसके बारे में पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत और जापान दोनों विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय रिश्तों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जी7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ महत्वपूर्ण चर्चा हुई। भारत और जापान अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
जी-7 नेताओं ने जंगल की आग से निपटने के लिए कनानास्किस वाइल्डफायर चार्ट लॉन्च किया
जी-7 देशों ने जंगल की आग से बचाव, मुकाबला और उससे उबरने के लिए एक मजबूत और संयुक्त वैश्विक योजना कनानैस्किस वाइल्डफायर चार्ट शुरू की है। चार्टर में कहा गया है कि सभी देश मिलकर जंगल की आग को रोकने, इसके नुकसान को कम करने और एक-दूसरे की मदद करने के लिए पूरी तैयारी करेंगे। इसके लिए समाज के हर हिस्से को शामिल करते हुए जागरूकता बढ़ाई जाएगी और आग लगने के कारणों को समझकर रोकथाम के कदम उठाए जाएंगे। इस पहल को ऑस्ट्रेलिया, भारत, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने भी समर्थन दिया है।
पीएम मेलोनी को मोदी का जवाब, कहा- भारत-इटली की दोस्ती और मजबूत होगी
जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी से मुलाकात पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने खास संदेश दिया। जिसके जवाब में पीएम मोदी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह उनकी बातों से पूरी तरह सहमत हैं। मेलोनी के पोस्ट पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं, प्रधानमंत्री मेलोनी। भारत और इटली की दोस्ती लगातार मजबूत हो रही है और इसका फायदा दोनों देशों की जनता को मिलेगा।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कार्नी का बयान, बोले- इन क्षेत्रों में मिलकर करेंगे काम
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। इस मुलाकात के बाद पीएम मार्क कार्नी ने कहा कि हम जिन मुद्दों पर साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, उनमें ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य, ट्रांसनेशनल रेप्रेशन (सीमाओं के पार दमन) के खिलाफ लड़ाई और आतंकवाद से मुकाबला शामिल हैं।
जी-7 सम्मेलन में ‘क्रिटिकल मिनरल्स एक्शन प्लान’ लॉन्च, भारत समेत कई देशों का समर्थन
जी-7 सम्मेलन में सदस्य देशों ने ‘क्रिटिकल मिनरल्स एक्शन प्लान’ की शुरुआत की। इसका मकसद जरूरी खनिजों (जैसे लिथियम, कोबाल्ट, निकेल आदि) के लिए पारदर्शी और मानकों पर आधारित वैश्विक बाजार बनाना है। यह खनिज इलेक्ट्रिक गाड़ियों, बैटरियों और ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
इसकी लॉन्चिंग के बाद जी-7 देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि हम अनुसंधान और विकास में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सहयोग तेज करेंगे, खासतौर पर खनिजों की प्रोसेसिंग, लाइसेंसिंग, रीसायक्लिंग, उनके विकल्प ढूंढने, उत्पादों के फिर से डिज़ाइन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में। जी-7 देश नई तकनीकों और उत्पादन प्रक्रियाओं को दिखाने के लिए सहयोगी संगठनों के साथ भी काम करेंगे।
भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया का समर्थन
जी-7 नेताओं ने यह भी बताया कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया ने भी इस एक्शन प्लान का समर्थन किया है, जिससे इस वैश्विक पहल को और मजबूती मिली है।
पीएम मोदी ने स्टार्मर से मुलाकात को बताया खास
इसके साथ ही सम्मलेन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से बातचीत को बेहद खास बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते पहले से भी ज्यादा मजबूत हो रहे हैं, और यह व्यापार व वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति से साफ दिखता है।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से शानदार बातचीत हुई। भारत और ब्रिटेन के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। व्यापार और अन्य क्षेत्रों में हमने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वो इसकी गवाही देती हैं। हम मिलकर इस दोस्ती को और आगे बढ़ाते रहेंगे।
जी7 नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय दमन पर जारी किया संयुक्त बयान
कनाडा में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जी-7 देशों (अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान) के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय दमन (ट्रांसनेशनल रेप्रेशन) को लेकर गहरी चिंता जताई है। जी-7 नेताओं ने इसे एक खतरनाक तरीका बताया जिसमें कोई देश या उसके एजेंट दूसरे देशों में रह रहे लोगों को डराने, परेशान करने, नुकसान पहुंचाने या दबाव डालने की कोशिश करते हैं। यह अक्सर उन लोगों के खिलाफ किया जाता है जो सरकार की आलोचना करते हैं, जैसे कि पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, धार्मिक अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों के सदस्य।
बयान में क्या कहा गया?
जी-7 देशों ने कहा कि ट्रांसनेशनल रेप्रेशन न सिर्फ पीड़ितों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि हमारे देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर भी सीधा हमला है। इससे लोगों में डर का माहौल बनता है।
नेताओं ने कहा कि हम अपने समाज को सुरक्षित रखने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और ऑनलाइन और ऑफलाइन अभिव्यक्ति की आज़ादी को बचाए रखने के लिए और सख्त कदम उठाएंगे। साथ ही हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कनाडा के कानानास्किस शहर में चल रहे 51वें जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की। यह बैठक सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बातचीत के तहत हुई। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों को बेहतर बनाने, व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
हाल के वर्षों में भारत-कनाडा के बीच तनाव भी
दोनों देशों के रिश्तों में हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन इस मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच लोकतांत्रिक मूल्य और आपसी सहयोग की मजबूत नींव है, जिसे आगे और मजबूत किया जा सकता है।
अगले वर्ष फ्रांस में होगा जी7 शिखर सम्मेलन
अगले साल जी-7 शिखर सम्मेलन फ्रांस के इवियन शहर में आयोजित किया जाएगा। मैक्रों ने कनाडा के रॉकीज रिसॉर्ट कनानास्किस में 2025 के शिखर सम्मेलन के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिये यह घोषणा की। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए मैक्रों ने कहा कि एवियन और उसके आसपास के क्षेत्र ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को आयोजित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।




