तीन दिसंबर को राजस्थान विधानसभा नतीजे आने पर कांग्रेस चुनाव हार गई। उसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा के एक ट्वीट से सियासत में भूचाल आ गया। अमर उजाला के रिपोर्टर सौरभ ने लोकेश शर्मा से साक्षात्कार में पूछा कि ऐसी क्या वजह रही जो आपको ट्वीट करना पड़ा जिससे सियासत में भूचाल आ गया।
लोकेश शर्मा ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि देखिए वो ट्वीट भूचाल लाने के लिए नहीं था, वह तो एक भावना थी। जो स्थितियां उत्पन्न हुईं उनका जिक्र था और मैंने वही किया कि किन स्थितियों-परिस्थियों की वजह से हम सत्ता में वापसी नहीं कर पाए। मैंने लगातार मुख्यमंत्री जी को अपना फीडबैक दिया। उन्हें बताया कि किस तरीके से मैं पिछले छह महीने आठ महीने प्रदेश भर में घूम-घूम कर मैंने जनता के साथ कनेक्ट किया है। ग्राउंड की रियलिटीज क्या हैं। मैंने जो युवा संवाद कार्यक्रम किए, उनमें हजारों युवाओं के साथ इंटरेक्शन प्रोग्राम किए।
लोकेश शर्मा ने आगे कहा कि वहां के स्थानीय लोगों के फीडबैक को संकलित करके फीडबैक रिपोर्ट तैयार करके मुख्यमंत्री जी को बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ, सिटिंग विधायकों के खिलाफ जन आक्रोष है, एंटी इंकम्बेंसी है। इनके टिकट काट देते हैं, हमें लगभग 30 से 40 चेहरों को बदलने की आवश्यकता है। ऐसा कर देते हैं तो निश्चित तौर पर हम अपनी सरकार की वापसी करवा पाएंगे। इसपर उन्होंने अपनी सहमति जताई कि हां हमें इस तरह के कदम उठाने पड़ेंगे। शायद वे इस बात को मानते थे शायद जो भी रिपोर्ट उन तक पहुंच रही थी, क्योंकि यह फीडबैक मेरा अकेले का नहीं था। यहां जिस भी एजेंसी ने सर्वे किया, उसने यह बताया कि चेहरे बदलने की जरूरत है। लेकिन जो स्थितियां उत्पन्न हुईं, क्या खामियां रहीं, कौन ऐसे लोग थे जिन्होंने सच मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचने दिया। उसका मैंने खुले पत्र में खुले तौर पर जिक्र किया।
सवाल: कहा जा रहा है कि आपकी यह नाराजगी टिकट नहीं मिलने की वजह से है?
जवाब: इसका टिकट मिलने नहीं मिलने से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता होने के नाते टिकट मांगना मेरा अधिकार था। मैंने वही किया। पार्टी ने नहीं दिया कोई बात नहीं। मैं अपनी वह पीड़ा जाहिर कर रहा हूं कि जो एक कार्यकर्ता की है। अगर समय रहते हमने बदलाव नहीं किए। यही ढर्रा रहा तो आगे जिस चुनौती का सामना मजबूती से करना है, उसे नहीं कर पाएंगे। परिणाम हमारे पक्ष में नहीं आएंगे। इसलिए नए लोगों को आगे लाने की जरूरत है।
सवाल: आपने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री के कुछ आस-पास के लोगों का भी जिक्र किया है। क्या नाराजगी रही?
जवाब: सिर्फ मेरी नाराजगी नहीं थी, बहुत से लोगों की थी। आप बात करके देखिए। चाहे जन प्रतिनिधि हों या मुख्य धारा के कांग्रेस के नेता हों। लोग नाम लेकर बताएंगे कि इन लोगों ने हमें सीएम से मिलने नहीं दिया या हमें समय तक नहीं लेने दिया। यह तो आम बात हो गई। समय रहते हमें मिलने दिया गया होता तो सच उन तक पहुंचता। तो ये जो उनके इर्द-गिर्द 24 घंटे रहने वाले लोग हैं, उन्होंने यह माहौल बनाया कि आम लोगों को उन तक नहीं पहुंचने दिया। सच और सच्चाई उन तक नहीं पहुंचने दी जाती तो यह तो पाप करने का काम हो गया।
सवाल: कोई नाम आपने नहीं लिया। बताना चाहेंगे किनके लिए कह रहे हैं?
जवाब: नाम तो आप प्रदेश में किसी से भी पूछ लीजिए सभी आपको नाम लेकर बताएंगे। अब मैं क्यों नाम लेकर बात करूं।
सवाल: आपने 25 सितंबर की घटना का भी जिक्र किया।
जवाब: 25 सितंबर की घटना को लेकर मैंने कहा कि वह प्रायोजित थी। मैं दोबारा दोहराऊंगा कि वह प्रायोजित थी।
सवाल: राजस्थान में आप बदलाव की बात कर रहे हैं। युवा चेहरा लाने की बात कह रहे हैं?
जवाब: सचिन पायलट युवा चेहरा हैं। अब यह आलाकमान को तय करना है कि किसे किस भूमिका में रखा जाए।





