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लाल किले की सौगातें…!

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शशिकांत गुप्ते

कृषिप्रधान देश का छोटा किसान बनेगा देश की शान। लाल किले से घोषित सुविधाओ को प्राप्त करने पर छोटा किसान छोटा नहीं रहेगा। वह भी बड़ा किसान हो जाएगा।पिचहत्तरवे स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से छोटे किसानों को इतनी सौगातें मिली है कि,दिल बाग बाग हो गया।
छोटा किसान बने देश की शान यह स्लोगन सुनकर सात वर्ष पूर्व की सौगातों का स्मरण होना स्वाभाविक ही है।
अच्छे दिन आएंगे। प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार उपलब्ध होंगे चुनावों के दौरान हास्य विनोद भी होना चाहिए। जीवन में स्वस्थ्य रहने के लिए मनोरंजन भी जरूरी है। मनोरंजन भी कीमती होना चाहिए।कीमती मतलब पूरे पन्द्रहलाख का।सिर्फ पन्द्रहलाख नहीं,पन्द्रहलाख गुणित एक सौ पैंतीस करोड़।गुणन फल जो भी आएगा उसमें कितने शून्य होंगे यह किसी सुपात्र अर्थशास्त्री से पूछना पड़ेगा?
छोडो कल की बातें।कल की बात पुरानी।अब इंतजार करेंगे अगले पंद्रह अगस्त का।
विपक्ष को इस बिंदु पर सत्ता का विरोध नहीं करना चाहिए।विपक्ष अपनी आदतों से बाज नहीं आएगा? विपक्ष तो सत्ता से पूछेगा छोटे किसानों की थोथी बातें छोड़ो और चंद बड़े उद्योग समूह के प्रति अपने असीम प्रेम सम्बंधो के बारे में बाताओ?
विपक्ष को ध्यान में रखना चाहिए अर्थ के बिना सब व्यर्थ है।बड़े उद्योग समूहों से वित्तीय सहयोग प्राप्त करना हो तो, उन्हें भी तो कुछ देना होगा।पूरे देश का विकास करना है।इसीलिए तकरीबन सभी हवाई अड्डे और रेल्वे स्टेशन भी तो उद्योगपतियों को देना होंगे।यह स्वाभविक और Reciprocal अर्थात पारस्परिक प्रक्रिया है।बस स्टॉप बेबस लोगों के लिए होता है।उसे अभी छोड़ देतें हैं।
अभी सन 2022 और 2023 का पंद्रह अगस्त आना बाकी है।वैसे सन 2014 में 50 वर्ष जोड़ों तो सन दो हजार चौसठ तक इंतजार करना है?
हम इंतजार करेंगे कयामत तक।क्षमा करना कयामत नहीं करामात तक इंतजार करेंगे। करामात के पर्यायवाची शब्द हैं, करिश्मा, चमत्कार, आश्चर्यभरा कार्य, सिद्धि, अचरज भरी बात, अनोखी बात।
सम्भवतः जो किसान पिछले एक सौ आठ महीनों से आंदोलन कर रहें हैं वे सभी बड़े किसान है।किसान आंदोलन के दौरान लगभग छः या सात सौ किसान इहलोक छोड़ परलोक चले गए।
कहतें हैं कि हर एक प्राणी की साँसे भी ऊपर वाले ने निश्चित की है। इसका नहीं उसका नहीं किसी का नहीं, ये दोष तक़दीर का सारा है
इसीलिए भगवान पर आस्था रखों।आस्थावान लोगों के देखो कैसे वारे न्यारे हो रहें है।
रामजी की जय हो।

शशिकांत गुप्ते इंदौर

Ramswaroop Mantri

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