पुष्पा गुप्ता
सज धज कर, अर्द्धनग्न तितलियों की तरह उड़ती लड़कियां आपको भ्रमित कर सकती हैं कि क्या इसी सशक्तिकरण की मांग आप बरसों से करते आए हैं।
आज एक सजी धजी 17-18 साल की लड़की को रास्ते में देखा जो निसन्देह अपने सपनों के राजकुमार का इंतजार कर रही थी.
तभी एक लड़का बेतरतीब ढंग से बाइक चलाता हुआ आया और और उस कोमलांगी को बिठाकर ले गया।
मैं सोच रही थी कि यह लड़की अकेली तो नहीं, ऐसी हजारों लाखों लड़कियां होंगी जो इस उम्र में जब उनको अपने आप शारीरिक, मानसिक और मन की शक्ति को विद्या रूपी शस्त्र और संस्कारों से मजबूत बनाना था : वह अपने लिए स्वयं ही जीवन भर की सलाखों का तामझाम खड़ा कर रही हैं।
अपने कभी न सुंदर होने वाले शरीर को सुंदर से अति सुंदर बनाने की चाह में अपना समय बर्बाद कर रही है। वह उस पुरुष को खुश करने में लगीं हैं जिसका चरित्र ही चंचल है। बल्कि जिसका कोई चरित्र ही नहीं है.
जब समय ही निकल जाए तो फिर पछतावे का कोई महत्व नहीं रह जाता. बेटियों को या समझना होगा कि अगर आपको पढ़ने और लिखने की मौके प्रदान किए गए हैं तो आपका किसी पर निर्भर रहना किसी भी प्रकार से आपको शोभा नहीं देता.
प्रेम के नाम पर हमेशा से छली जाने वाली महिला को यह नहीं पता होता कि अगर वह अपने तन पर किसी के दिए हुए कपड़े पहन रही है तो वे किसी भी प्रकार से सशक्त नहीं कही जा सकतीं।
उन्हें समझाना होगा कि उस दिन सशक्त कहलाई जाएंगे जब वह अपने देह के बल पर नहीं बल्कि अपनी योग्यता के बल अपने लिए साथ का चुनाव कर सकें।
जिस दिन वह वेलेंटाइन्स डे पर गिफ्ट के स्थान पर अपने साथी से उसके मेडिकल रिपोर्ट की बात करेंगी। ब्लड टेस्ट की बात करेंगी। ओवरऑल कंडक्ट की बात करेंगी उसकी एकेडमिक परफारमेंस और उसके सामाजिक माहौल की बात करेंगी।
जिस दिन वह अपने माता-पिता से गहने कपड़ों को पाने की मंसा से बाहर निकल कर अपनी अपनी पढ़ाई लिखाई और शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाए जाने पर जोर देंगी।
जिस दिन वह अपने आप को समाज का एक अहम हिस्सा मानेगी और अपनी कमजोरियों से बाहर निकल कर अपना भी कुछ योगदान देंगी।
यहां माता-पिता के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है. कृपया अच्छे विचार फैलाएं और सही गलत पर अपनी राय देना आवश्यक समझें। एक्सपेरिमेंट के तौर पर आप अपने आसपास किसी भी युवा होती बच्ची को पूछें कि क्या उसे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (Human papillomavirus infection) के बारे में जानकारी है?





