क्या सोना सच में 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम की ओर बढ़ रहा है? क्या मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव आपकी जेब पर सीधा असर डाल रहा है? ईरान-इजराइल टकराव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक शेयर बाजार छोड़कर सोने जैसे “सेफ हेवन” की ओर भाग रहे हैं. नतीजतन अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार तेजी और भारत में दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब है. स्पॉट गोल्ड 1% चढ़कर 5377 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचा, जबकि चांदी भी उछली. दिल्ली-मुंबई में 24 कैरेट सोना 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पास ट्रेड कर रहा है. सवाल यह है कि क्या यह तेजी टिकेगी या जल्द मुनाफावसूली आएगी? खरीदें, रुकें या इंतजार करें?
जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड (Chris Wood) ने अनुमान लगाया है कि सोने की कीमत में 77% तेजी आ सकती है। घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोना 2 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। जानिए किस वजह से गोल्ड पर बुलिश हैं वुड।2 लाख रुपये सोने की कीमत 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम सुनने में बहुत ज्यादा लग सकती है। लेकिन, जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड (Chris Wood) का मानना है कि यह मौजूदा साइकल के लिए बिल्कुल वाजिब है। वे गोल्ड प्राइस की उस ऐतिहासिक बुल रन से तुलना कर रहे हैं, जो करीब चार दशक पहले देखने को मिली थी।
गोल्ड प्राइस में 77% उछाल का अनुमान
वुड ने अपनी लेटेस्ट GREED & fear रिपोर्ट में लिखा कि जनवरी 1980 में, जब पिछला साइकल पीक पर था, तो सोने की कीमत अमेरिका की प्रति व्यक्ति डिस्पोजेबल इनकम की 9.9% थी। उस समय प्रति व्यक्ति डिस्पोजेबल इनकम 8,551 डॉलर थी।

आज सोने की कीमत 3,670 डॉलर प्रति औंस है, जो केवल 5.6% है। वहीं, आज की प्रति व्यक्ति डिस्पोजेबल इनकम 66,100 डॉलर है। इस हिसाब से सोने की कीमत 6,571 डॉलर तक जानी चाहिए ताकि यह 1980 के स्तर के बराबर हो सके। यानी 6,600 डॉलर का टारगेट सही माना जा सकता है। अगर इस हिसाब से देखें, तो गोल्ड की कीमतों में 77.2% का उछाल आने का अनुमान है।
77% उछाल पर भारत में कितना होगा भाव?
अगर क्रिस वुड के अनुमान के मुताबिक गोल्ड में 77.2% का उछाल आता है, तो घरेलू बाजार में सोना 1,99,741 रुपये यानी करीब 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। इस साल सोने की कीमत अब तक 39% बढ़ चुकी है, जबकि 2024 में 27% की तेजी आई थी। मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 6 साल में सोने का भाव तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।
पोर्टफोलियो में सोने की अहमियत
वुड लंबे समय से सोने पर बुलिश हैं और पोर्टफोलियो में इसे कोर एलोकेशन मानते हैं। 2002 से GREED & fear मॉडल अमेरिकी डॉलर आधारित पेंशन फंड में कम से कम 40% हिस्सेदारी सोने में रखता आया है। 2020 के आखिर में बिटकॉइन को जोड़ने के बाद यह हिस्सा 50% से घटाकर 40% किया गया।
गोल्ड प्राइस टारगेट का इतिहास
वुड ने पिछले दो दशकों में अपने गोल्ड टारगेट्स का भी जिक्र किया। दिसंबर 2002 में शुरुआती अनुमान 3,400 डॉलर प्रति औंस था, जो 1980 के 850 डॉलर को अमेरिकी पर्सनल इनकम की ग्रोथ के हिसाब से एडजस्ट करके निकाला गया था। इसके बाद अपडेट्स के अनुसार टारगेट 2005 में 3,700 डॉलर, 2016 में 4,200 डॉलर और 2020 में 5,500 डॉलर तक गया।






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