अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

यूका पर जीओएम की रिपोर्ट में है कि शिवराज ने किया था मना, बोर्ड रिपोर्ट में रामकी हुआ था फेल!

Share

इंदौर इंदौर पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड कचरे के रामकी संयंत्र में निष्पादन को लेकर बवाल मचा हुआ है। सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार दो दिन चले हंगामे के बाद बैकफुट पर है। लेकिन इस मामले में अधिकारियों ने कम फजीहत नहीं कराई है। इसे लेकर ग्रुप आफ मिनिस्टर्स की 2011- 12 के दौरान हुई विविध मीटिंग के मिनिट्स द सूत्र के पास है। इसमें साफ है कि किस तरह इस कचरे को पीथमपुर में ही निराकरण के लिए फैसला लिया गया, जबकि तत्कालीन समय रामकी संयंत्र विविध मानकों पर फेल था, फिर इसमें बदलाव हुए। लेकिन अधिकारी यह जानकारी ढंग से बता ही नहीं सके।

शिवराज सिंह ने कर दिया था मना-मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस कचरे के निराकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में चल रहे केस के दौरान कई बार रामकी का दौरा किया और इसे परखा। इसमें भारी खामियां सामने आई। इसके चलते मप्र सरकार की शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 11 अगस्त 2010 को पत्र लिखकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) को बता दिया कि पीथमपुर का रामकी संयंत्र इस कचरे को जलाने असमर्थ है और इसलिए इसका अन्य विकल्प खोजना जरूरी है।

विकल्प खोजे, महाराष्ट्र सरकार ने करा मना-इसके बाद जीओएम में इसके अन्य विकल्प के लिए बात हुई। सबसे पहले नागपुर में डीआरडीओ के बोरखेड़ी में इसे जलाने पर सहमति बनी। लेकिन महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने एनओसी देने से मना कर दिया और मामला रुक गया। कहा गया कि डीआरडीओ के संयंत्र में कचरा जलाने को लेकर आवश्यक उपकरण नहीं है। उल्लेखनीय है कि इसी तरह रामकी में भी व्यवस्था नहीं थी।

इसके बाद महाराष्ट्र के तलोजा में आई बात-इसी दौरान लगी याचिका पर 22 सितंबर 2011 को 10 मीट्रिक टन यूका कचरा सेंपल लेकर ट्रायल करने के आदेश दिए गए। इसी दौरान महाराष्ट्र के तलोजा में महाराष्ट्र वेस्ट मैनेजमेंटस लिमिटेड द्वारा

संचालित संयंत्र में इसके जलाने की बात उठी। मप्र पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने भी एनओसी जारी कर दी, लेकिन फिर महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार ने इसे मना कर दिया और कहा कि यह कचरा आपसी सहमति से जलना चाहिए और इसके लिए महाराष्ट्र सरकार को विश्वास में नहीं लिया गया। इसी बीच जर्मनी में भी कचरा भेजे जाने की बात आई लेकिन इसके बाद वहां से भी मना हो गया।

जीओएम ने यह टास्क फोर्स का दिया हवाला-इसके बाद साल फरवरी 2012 में

हुई जीओएम का बैठक में कहा गया कि केंद्रीय कैबिनेट (यूपीए सरकार) के 26 जून 2010 के फैसले के अनुसार इसका निराकरण कचरे के निकट स्त्रोत यानी पीथमपुर में ही किया जाना चाहिए। मप्र सरकार ने भले ही अन्य विकल्पों की बात की लेकिन वह व्यावहारिक नहीं पाई गई। बैठक में पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने सचिव रसायन व पेट्रो केमिकल की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमे 350 मीट्रिक टन यूका कचरा पीथमपुर में ही जलाने की बात थी, के तहत मप्र सरकार को रामकी संयंत्र के लिए सभी वयवस्थाएं देखने और कमियां दूर कर मंजूरी जारी करने के लिए कहा गया।

जलने से पहले ही यूनियन कार्बाइड (यूका) कचरे ने कोहराम मचा रखा है। पीथमपुर में जमकर विरोध और आक्रोश है। जन आंदोलन को देखते हुए मप्र सरकार ने भले ही 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर के रामकी संयंत्र में 12 कंटेनर में पहुंचा दिया है लेकिन इन्हें खोला नहीं गया है। अब सभी की नजरें सोमवार 6 जनवरी को जबलपुर हाईकोर्ट में चीफ ज जस्टिस की डबल बें बेंच पर है, जिसमे यह केस सुनवाई के लिए लगा है। इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा कह चुके हैं कि अभी कचरा जलाया नहीं जा रहा है, हाईकोर्ट के आदेश से केवल परिवहन कर पीथमपुर पहुंचाया गया है, हम हाईकोर्ट को जनता की भावनाओं से अवगत कराएंगे।

केस पहले नंबर पर ही लगा-केस नंबर डब्ल्यूपी 2802/2004 आलोक प्रताप सिंह विरूद्ध यूनियन ऑफ इंडिया केस पहले नंबर पर ही psis लिस्टेड है। यानी इसकी सुनवाई सुबह साढ़े बजे शुरू हो जाएगी। इस पीआईएल में सिंह ने यूनियन ऑफ इंडिया तके साथ ही डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल्स एंड पेट्रोल केमिकल्स म, मप्र सरकार, मप्र प्र पॉल्यूशन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, डो केमिकल कंपनी (यूनियन कार्बाईड लिमटेड), यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन, एवरीडे इंडस्ट्री लिमिटेड कोलकाता को भी पार्टी बनाया हुआ है।

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

Follow us

Don't be shy, get in touch. We love meeting interesting people and making new friends.

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें