सरकार जल्द ही प्रोफेशनल सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन की तर्ज पर नौकरी देने की व्यवस्था करने जा रही है। लिंक्डइन एक ऐसी साइट है, जिसे प्रोफेशनल लोगों से जुड़ने, नौकरी पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सरकार देश में नौकरियां देने के लिए ऐसा स्वदेशी पोर्टल तैयार कर रही है, जहां नियोक्ता को उम्मीदवार की पूरी जानकारी मिल सकेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार 4 अलग-अलग पोर्टलों के आंकड़ों को एकीकरण करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ये सभी आंकड़े एकीकृत आंकड़े नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर दिखेंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव के मुताबिक नई व्यवस्था के जरिए लोगों को नौकरी देने से पहले उनकी योग्यता के बारे में पूरी जानकारी नियोक्ता के पास पहुंचने लगेगी। इससे नौकरी देने वाले के लिए सही उम्मीदवार की तलाश आसान हो जाएगी और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों की सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने के कारण उनके लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वित्तमंत्री सीतारमण ने किया था ऐलान
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तवर्ष 2022-23 के बजट में 4 अलग-अलग पोर्टलों को आपस में जोड़ने की योजना का ऐलान किया था। इससे तहत छोटे कारोबारियों से जुड़े पोर्टल उद्यम, असंगठिक क्षेत्र से जुड़े कामगारों का ई-श्रम पोर्टल, रोजगार से जुड़ा नेशनल करियर सर्विस पोर्टल एनसीएस और आत्मनिर्भर स्किलड एम्प्लॉई-एम्प्लॉयर मैपिंग पोर्टल असीम के आंकड़ों को आपस में साझा किया जाना है।
सभी आंकड़ों को किया जाना है संकलित
श्रम मंत्रालय के मुताबिक, सभी पोर्टल के आंकड़ों को एकीकृत करके एक जगह मुहैया कराया जाएगा। इसमें एक तरफ कामगार होंगे, दूसरी तरफ स्किल और एमएसएमई से जुड़े लोग रहेंगे और सभी आपस में एक दूसरे से जुड़ी जानकारियां आसानी से देख पाएंगे। मौजूदा समय में नेशनल करियर पोर्टल में 1.87 लाख से ज्यादा नियोक्ता रजिस्टर्ड हैं और बड़े पैमाने पर नौकरियां तलाश करने वाले लोगों ने भी अपना रजिस्ट्रेशन करा रखा है।
लोगों को होगी आसानी
सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में नौकरियां भी हैं और नौकरी देने वाले भी, लेकिन कुछ कमियों के कारण नौकरी पाने और देने वाले दोनों की तलाश अधूरी रह जाती है। सरकार का फोकस स्किल को बढ़ावा देना और उनकी जानकारी नियोक्ता तक पहुंचाना है। कुल मिलाकर एनसीएस पोर्टल को एक ऐसा पोर्टल बनाया जाएगा, जहां नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और नौकरी देने वाली कंपनियों के बीच मैचिंग आसान हो सके।





