तेलंगाना के प्रसिद्ध लोककवि, पूर्व माओवादी विचारक और क्रांतिकारी गीतकार गुम्मादी विट्ठल राव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई अन्य नेताओं ने शोक जताया है।
तेलुगू भाषा के जानेमाने लोक गायक, पूर्व माओवादी और क्रांतिकारी गीतकार गुम्मादी विट्ठल राव ‘गद्दार’ का रविवार को हैदराबाद में निधन हो गया। उनकी उम्र 74 साल थी। हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में उन्होंने आख़िरी सांस ली जहां फेफड़ों और मूत्राशय में संक्रमण की वजह से उनका इलाज चल रहा था। उन्हें दिल के दौरे के बाद 10 दिन पहले भर्ती कराया गया था। उनके निधन पर कांग्रेस, केसीआर समेत कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, फ़िल्म कलाकारों और आम लोगों ने शोक जताया है। विट्ठल राव ‘गद्दार’ का असल नाम गुम्मडी विट्ठल राव था। उनके परिवार में उनकी पत्नी विमला, उनका एक बेटा सुर्यूडू और बेटी वेनेल्ला हैं। विट्ठल राव को गद्दार नाम से जाना जाता था।
हमेशा कमजोर वर्ग की आकांक्षा बने रहेंगे गुम्मादीः खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ट्वीट में लिखा, “गुम्मदी विट्ठल राव सबसे कमजोर वर्गों की आकांक्षाओं के लिए एक आशा बने रहेंगे। “उनकी कविता, भावुक गीत और सामाजिक न्याय के पक्ष में सक्रियता हमेशा तेलंगाना और उसके लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। खड़गे ने कहा, “हम उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और अनुयायियों के साथ हैं।”
उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगीः राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “तेलंगाना के प्रतिष्ठित कवि, गीतकार और उग्र कार्यकर्ता गुम्मदी विट्ठल राव के निधन के बारे में सुनकर दुःख हुआ। उन्होंने कहा, “तेलंगाना के लोगों के प्रति उनके प्यार ने उन्हें हाशिए पर मौजूद लोगों के लिए अथक संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया। उनकी विरासत हम सभी को प्रेरित करती रहेगी।”
उनकी विरासत परिवर्तन का लौ जलाती रहेगीः प्रियंका गांधी
दुःख व्यक्त करते हुए प्रियंका ने एक ट्वीट में लिखा, “प्रतिष्ठित कवि और अथक कार्यकर्ता गुम्मदी विट्ठल राव गरु के निधन के बारे में सुनकर दुःख हुआ।” उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों और तेलंगाना राज्य के लिए लड़ाई के प्रति उनका अटूट समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। वाड्रा ने कहा, “गदर जी के शक्तिशाली छंदों ने लाखों लोगों की आकांक्षाओं को प्रतिध्वनित किया, और हमारे दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी। उनकी विरासत परिवर्तन की लौ जलाती रहेगी। आपकी आत्मा को शांति प्राप्त हो, गद्दार गारू।”
हमेशा हमारे दिलों में रहेंगेः केसीआर
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने रविवार को क्रांतिकारी गीतकार गदर के निधन पर शोक जताया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि वह गदर के निधन के बारे में जानकर स्तब्ध हैं। उन्होंने तेलंगाना आंदोलन के दौरान अपने गीतों के माध्यम से भावना को हर गांव तक पहुंचाया था। केसीआर ने कहा कि अपने गीतों और नृत्य से लोगों में अपने राज्य के लिए चेतना जगाने वाले लोगों के दिलों में हमेशा रहेंगे। सीएम ने अपने शोक संदेश में कहा कि गदर ने अपना जीवन लोगों के लिए समर्पित कर दिया था। उनके निधन से पूरे तेलंगाना ने एक महान जनकवि खो दिया है।
हमेशा अपनी गीतों से गरीबों को प्रेरित किया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी गदर के निधन पर शोक व्यक्त किया। सीएम ने कहा, ”गदर एक महान व्यक्ति थे जिन्होंने एक सार्वजनिक गायक के रूप में अपने गीतों से गरीबों को प्रेरित किया और उनके अधिकारों के लिए आंदोलन शुरू किया। ऐसे महान व्यक्ति को खोना समाज के लिए बहुत बड़ी क्षति है। गदर के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और मैं भगवान से उनकी आत्मा को शांति देने की प्रार्थना करता हूं।”
उनके जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकताः ओवैसी
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि उन्हें यह जानकर गहरा दुख हुआ कि क्रांतिकारी गायक गदर का बीमारी के कारण निधन हो गया। उन्होंने तेलंगाना आंदोलन में अपनी आवाज से लोगों में जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाई थी। एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया कर गदर के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि कोई दूसरा गदर कभी नहीं हो सकता।





