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भोपाल-मंदसौर में ओले गिरे, खंडवा में आकाशीय बिजली गिरने से दो की मौत

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भोपाल

मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा है। शनिवार शाम भोपाल, मंदसौर, आगर-मालवा और पन्ना में ओले गिरे। तेज आंधी के साथ बारिश हुई। खंडवा में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा रतलाम के जावरा में भी तेज बारिश हुई। राजगढ़ में तेज बारिश से मंडी में रखा गेहूं बह गया।

आधे से ज्यादा मध्यप्रदेश में 20 मार्च तक ‘बेमौसम’ बारिश का दौर जारी रहेगा। दो सिस्टम एक्टिव होने से ओले भी गिर रहे हैं। कई शहरों में हवा की स्पीड 75Km प्रति घंटा तक पहुंच गई। मौसम वैज्ञानिकों ने ओलावृष्टि होने और तेज आंधी चलने की संभावना भी जताई है।

भोपाल में सुबह से धूप खिली थी। दोपहर बाद बादल छा गए। शाम होते-होते करीब 6:30 कई इलाकों में गरज-चमक और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हाे गई। इस दौरान करोंद, अयोध्या बायपास, भानपुर समेत कई क्षेत्रों में बेर के आकार के ओले भी गिरे।

भोपाल में शनिवार देर शाम तेज आंधी के साथ ओले गिरे।

भोपाल में शनिवार देर शाम तेज आंधी के साथ ओले गिरे।

हरदा जिले की रहटगांव तहसील मुख्यालय समेत अन्य गांवों में करीब आधा घंटे तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। बारिश और ओले से किसानों को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसल बिछ गई है।

खंडवा में शनिवार दोपहर बारिश के बाद ओलावृष्टि हुई। आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रही दो महिलाओं की मौत हाे गई। इसके अलावा चार अन्य लोग भी झुलस गए। घटना पंधाना थाना क्षेत्र अंर्तगत ग्राम बाबली और अंजनगांव की है। गांव में पिंकी और रविता समेत अन्य महिलाएं खेत में गेहूं फसल की कटाई कर रही थी। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बिजली गिरने से पिंकी और रविता की मौत हो गई।

मंदसौर में शनिवार दोपहर बेर के आकार के ओले गिरे। एक शख्स ने इसे टोकरी में भर लिया।

मंदसौर में शनिवार दोपहर बेर के आकार के ओले गिरे। एक शख्स ने इसे टोकरी में भर लिया।

आगर-मालवा में भी बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को दिन भर मौसम बदला सा रहा। आसमान में बादल छाए रहे। शाम को कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। ग्राम पालड़ा, पिपलोन, सुल्तान पुरा समेत कई जगह ओलावृष्टि हुई।

पालड़ा के किसान सुंदर यादव ने बताया कि किसानों की खेतों में खड़ी फसल और खलिहानों में रखी फसल को नुकसान हुआ है।

आगर-मालवा में ओलावृष्टि से सफेद चादर जैसी बिछ गई। खेतों में भी फसल बिछ गई।

आगर-मालवा में ओलावृष्टि से सफेद चादर जैसी बिछ गई। खेतों में भी फसल बिछ गई।

14 मार्च से ही प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। 16-17 मार्च से मौसम ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो गया है। उज्जैन, दमोह, अशोकनगर, नर्मदापुरम, खरगोन और सागर में तेज बारिश हुई। वहीं, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर ओले भी गिरे।

24 घंटे में यहां 1 इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे में रायसेन के बाड़ी में 2.51 इंच तक पानी गिरा। बैतूल के शाहपुरा में 1.88 और भैंसदेही में 1.11 इंच बारिश हुई। शिवपुरी के बैराड़ में 1.20 इंच पानी गिरा। सिवनी के बरघाट में 2.28, छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में 1.22 इंच पानी गिरा।

हरदा में तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई।

हरदा में तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई।

इन जिलों में बारिश का दौर

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, विदिशा, रायसेन, झाबुआ, मंदसौर, रतलाम, नीमच, बैतूल, राजगढ़, सागर, सतना, छतरपुर, दमोह, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, कटनी, उज्जैन, देवास, शाजापुर, सीहोर, बालाघाट, बुरहानपुर, शिवपुरी, खंडवा, हरदा, मुरैना, धार, डिंडोरी, सिवनी, नरसिंहपुर, रीवा समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी है।

शुक्रवार को सागर जिले में बेर के आकार के ओले गिरे।

शुक्रवार को सागर जिले में बेर के आकार के ओले गिरे।

नजारा ग्वालियर का है। ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार शाम को भारी ओलावृष्टि हुई। कई जगह तो 15 से 20 मिनट तक ओले गिरे।

नजारा ग्वालियर का है। ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार शाम को भारी ओलावृष्टि हुई। कई जगह तो 15 से 20 मिनट तक ओले गिरे।

रतलाम‎ में मार्च के महीने में सिर्फ 11 दिन के अंतराल में ही‎ ओले-बारिश की दोहरी मार पड़ी। शुक्रवार को भी तेज बारिश हुई। बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

रतलाम‎ में मार्च के महीने में सिर्फ 11 दिन के अंतराल में ही‎ ओले-बारिश की दोहरी मार पड़ी। शुक्रवार को भी तेज बारिश हुई। बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

इसलिए बदला मौसम

मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि उत्तर भारत में एक विक्षोभ सक्रिय है, जो बहुत मजबूत है। इसी के प्रभाव से एक प्रेरित चक्रवात साउथ-ईस्ट राजस्थान में 14 मार्च से बना हुआ है। इससे प्रदेश में मौसम बदल गया है। 16 मार्च से फिर एक पश्चिमी विक्षोभ बन गया है। दक्षिण-पूर्वी हवाएं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी लेकर आ रही है। इन दोनों के मिश्रण से प्रदेश में बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का असर है। 20 मार्च तक ऐसी ही स्थिति रहेगी।

शिवपुरी के लहर्रा गांव में सड़क पर बिछी बर्फ की सफेद चादर।

शिवपुरी के लहर्रा गांव में सड़क पर बिछी बर्फ की सफेद चादर।

Ramswaroop Mantri

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