कीर्ति राणा🔴
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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सितारों की चाल कुछ टेढ़ी चलती लग रही है। अपने मित्र के यहां शोक के चलते उन्होंने दस दिनी राजकीय अवकाश लिया और भाईलोग ने इसके भी कारण तलाशने में आकाश-पाताल एक कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी मां को मुखाग्नि देने के बाद वापस राज-काज की जिम्मेदारी में जुट गए थे। मुख्यमंत्री यादव पिता के निधन पश्चात तीन दिनी शोक की अनिवार्यता का पालन करते हुए उज्जैन से ही वीसी करते रहे। अग्रवाल ग्रुप वाले विनोद अग्रवाल पत्नी नीना के निधन के पांचवें दिन क्रेडाई के प्रापर्टी शो के उदघाटन समारोह में शामिल हो गए थे।
मित्रता-रिश्ते निभाना कोई विजयवर्गीय से सीखे। व्यावसायिक संबंधों के विश्वस्त साथी-पारिवारिक सदस्य केके गोयल की कैंसर पीड़ित पत्नी के निधन पर दस दिनी अवकाश पर चले गए। मित्र के प्रति अपना फर्ज पूरा करने के लिये उन्होंने अवकाश क्या लिया विरोधियों को भागीरथपुरा कांड के बाद फिर बाल की खाल निकालने का घर बैठे मौका मिल गया कि प्रभारी मंत्री के नाते भोजशाला विवाद के चलते बसंत पंचमी पर उन्हें धार रहना पड़ता इसलिये ये रास्ता निकाला। यह वजह गिनाने वाले इतिहास भी याद दिलाते हैं कि एक बार जब उन्हें भोजशाला विवाद के चलते बसंत पंचमी पर धार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी तब अल्पसंख्यक वर्ग के 13 सदस्यों को उनकी देखरेख में नमाज अदा करने की व्यवस्था की गई थी। यह इतिहास बताने वाले यह भूल जाते हैं कि विजयवर्गीय के इस सूझबूझ वाले निर्णय से धार में अशांति की लपटें नहीं उठ पाई थी।
इस दस दिनी अवकाश का एक और जो कारण गिनाया जा रहा है वह यह कि प्रभारी मंत्री रहते उन्हें धार में झंडावंदन करने जाना पड़ता। पिछले साल का अनुभव उनके समर्थकों को भी याद है जब धार की अपेक्षा उन्हें सतना में सलामी लेने का आदेश जारी किए जाने पर खूब कानाफूसी हुई थी कि सीएम से टसल के चलते यह निर्णय लिया गया। वो तो विजयवर्गीय ने दिल्ली तक नाराजी जाहिर की थी तो सतना वाला आदेश वापस लिया गया। इस बार तो वैसे भी झंडावदन करने वाले मंत्रियों की सरकारी सूची में उनका नाम था ही नहीं।अब जबकि वे विधिवतत दस दिनी अवकाश पर हैं तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ा कि इंदौर और धार में किसे ध्वजवंदन के लिए अधिकृत किया गया।
🔹 आईपीएस तिवारी का वीआरएस लेटर
मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अभिषेक तिवारी के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन से हड़कंप मचना स्वाभाविक है। तिवारी अभी तक दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर नेशनल टेक्नोलॉजी रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में सेवा दे रहे हैं।
तिवारी के वीआरएस लेने के पीछे यह कारण भी बताया जा रहा है कि सागर जिले में एसपी रहते बारिश के दौरान दीवार धंसने से नौ मासूम बच्चों की मौत मामले में सरकार ने तत्काल प्रभाव से उन्हें एसपी पद से हटा दिया था, जब कि वे विधिवत अवकाश पर थे।
🔹मिट्टी की जांच में सोना !
प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले में मिट्टी परीक्षण के नाम पर भारी फर्जीवाड़ा हुआ है। मुरैना की इस मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में शहडोल-नागदा से लेकर तेलंगाना तक की मिट्टी की जांच की इंट्री दर्ज कर शासन से राशि हड़प ली गई। बता दें कि प्रदेश सरकार ने एक साल पहले मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं को ठेके पर दे दिया है। जौरा की लैब राधिका को-आपरेटिव नाम की फर्म के सुपुर्द है। शासन द्वारा मिट्टी के एक सैंपल की जांच के बदले 233 रुपये दिए जाते हैं। इसी राशि के लिए यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया है।
🔹लाड़ली इला आई
लाड़ली योजना शुरु करने वाले शिवराज सिंह चौहान लाड़ली इला के दादा बन गए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, हमारे घर लाडली लक्ष्मी आई है।कार्तिकेय पिता बन गए, अमानत मां । कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा । कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची।अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा। 2025 में हमारे घर दो बेटियां आई-अमानत और ऋद्धि । कार्तिकेय चौहान और अमानत बंसल की शादी 6 मार्च 2025 को हुई थी। कार्तिकेय, शिवराज के बड़े बेटे हैं। अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल लिबर्टी शू कंपनी के डायरेक्टर हैं।
🔹भोजशाला का श्रेय मिला अधिकारियों को
राजकीय अवकाश लेने वाले विजयवर्गीय भोजशाला में हुई अखंड पूजा के श्रेय से भी वंचित रहे। जिस तरह संभागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, एसपी मयंक अवस्थी सहित प्रशासनिक खेमे की सीएम ने सराहना की है, यदि वे अवकाश पर नहीं होते तो यह उपलब्धि विजयवर्गीय के नंबर बढ़ा सकती थी लेकिन उन्हीं के अवकाश पर जाने के निर्णय के चलते ऐसा हो ना सका।
🔹गजब तेरी कहानी….भागीरथपुरा के पानी ।
भागीरथपुरा के पानी ने मंत्री का पानी उतार दिया यह तो सब को पता है। इस पानी ने शिवम वर्मा पर मेहरबानी कर दी, यदि शिवम वर्मा चार महीने पहले कलेक्टर नहीं बनाए गए होते तो निगमायुक्त के रहते यह पानी उन पर तेजाब साबित हो जाता। इसी पानी ने चार महीने में ही निगमायुक्त दिलीप यादव की सीआर धुंधली कर दी थी किंतु सीएस जैन की गुड लिस्ट में होने से यादव को पर्यटन विभाग के एमडी जैसी पोस्टिंग मिल गई और इंदौरी नेता उन्हें हटाने का श्रेय भी नहीं ले पाए । निगमायुक्त पदस्थ क्षितिज सिंघल इस पानी में भी इतने फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं कि कहीं छींटें उनकी छवि ना बिगाड़ दे।
🔹शाह की बिदाई का इंतजार
ऑपरेशन सिंदूर का चेहरा बनी भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को उत्कृष्ट और विशेष सेवाओं के लिए ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ सम्मान देकर केंद्र सरकार के निर्णय की रतलाम के नागरिकों ने भी सराहना की है। इस शहर के लोगों को सरकार के दोहरे रवैये पर आश्चर्य भी है कि सोफिया कुरैशी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह को गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेने क्यों भेजा। रतलामवासियों को समझ आ गया है कि राजनीतिक मजबूरी का शिकार सरकार इंतजार कर रही है कि कोर्ट का फैसला मंत्रिमंडल से शाह की बिदाई में मददगार साबित हो जाए।
🔹मुहावरों का प्रयोग देखें
- बाल बांका नहीं होना :
भोपाल के स्लाटर हाउस में गाये कटने पर हंगामा मचा और इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी से 28 लोगों की मौत हुई । वहां और यहां के महापौर का बाल बांका नहीं हुआ। - घोड़े बेच कर सोना :
भोपाल में गौ माता प्रेमी-सनातन धर्म की ध्वजा फहराने वाले कट्टर संगठन और भागीरथपुरा के 28 मृतकों के परिजन, रिश्तेदार घोड़े बेच कर सोते रहे। कहीं कोई हंगामा नहीं हुआ। - मुंह में दही जमना :
मन की बात में कभी इंदौर का नया दौर बताने वाले प्रधानमंत्री ने महीने के अंतिम रविवार पर मन की बात में बहुत कुछ कहा लेकिन स्वच्छ इंदौर में पानी से हुई मौतों पर मुंह में दही जम गया।
🔹कलेक्टर बिना पैसा लिए काम नहीं करते
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक खेमे के मुखिया अनुराग जैन को यह कह कर आईना दिखा दिया कि कलेक्टर बिना पैसा लिये काम नहीं करते। सीएस की प्रशासनिक क्षमता पर आक्षेप लगाने वाले मुखिया यह भी भूल गए कि सीएस इतने ही अक्षम होते तो केंद्र ना उन्हें मप्र भेजता और न ही उनके कार्यकाल में एक साल की वृद्धि करता।
सीएम के इस कथन से आईएएस लॉबी खपा तो है लेकिन अपनी जुबान नहीं हिला सकती, कलेक्टर यदि बोलने लग जाएं तो सब को पता लग जाएगा कि उनके नाम से कौन कौन उगाही कर रहा है।
🔹यहां जैसा दूषित पानी वहां भी
भाजपा नेत्री-विधायक उषा ठाकुर और मंत्री विजयवर्गीय के बीच छत्तीस का आंकड़ा तो सब को पता है लेकिन पानी को लेकर मची हाय तौबा ने दोनों के साथ समानता रखी है। भागीरथपुरा मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है तो दूषित पानी से बीमार मरीजों वाला महू विधायक का क्षेत्र है।
🔹पत्ता कट गया !
नेहरू स्टेडियम में हुए गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में इस बार संचालन का जिम्मा सुनयना शर्मा को मिल गया।इससे पहले तक मुख्य समारोह का संचालन लिली डाबर करती रही हैं, कुछ समय पहले दुआ सभागृह के किराया वृद्धि मामले में जिस तरह प्रशासन की छवि खराब हुई वह कारण भी मुख्य परेड संचालन से मुक्ति का कारण बताया जा रहा है।
🔹 कम से कम उमा भारती तो बोलीं
पूर्व सीएम साध्वी उमा भारती ने एक्स पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से यूपी के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगे जाने को अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन कहा है। उनका कहना है यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है। योगी विरोधी खुश फहमी ना पालें, मेरा कथन योगी जी के विरुद्ध नहीं है, मैं उनके प्रति सम्मान, स्नेह एवं शुभकामना का भाव रखती हूं।





