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हार्ट और इसका फंक्शन

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     नग़्मा कुमारी अंसारी 

दुनिया को यह नहीं पता था ,की हार्ट कहां होता है और हृदय का फंक्शन क्या है. सबसे पहले आचार्य चरक सुश्रुत व वाग्भट ने स्पस्ट किया.

जो उन्होंने हजारों साल पहले लिखा वह पूरी तरह से वैज्ञानिक सावित हुआ है.

      कुछ उदाहरण :

1. आहार और पोषण

 सूत्र (चरक संहिता) :

“हितभुक् मितभुक् ऋतभुक् च.”  हितकर, संतुलित और मौसम के अनुसार भोजन करें।

    आधुनिक रिसर्च :

DASH और Mediterranean डाइट हृदय रोगों को 40% तक कम कर सकती हैं। (The Lancet, 2024).

   साबुत अनाज, फल, सब्जियां और हेल्दी फैट (ओमेगा-3) का सेवन हृदय के लिए लाभदायक है।

2. हृदय को मजबूत करने वाले  तत्व

सूत्र (चरक संहिता) :

“अर्जुनं हृदयस्य रक्षणाय श्रेष्ठं.” 

 अर्जुन की छाल हृदय रोगों में लाभदायक है।

आधुनिक रिसर्च :

अर्जुन में कोएंजाइम Q10 जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो हार्ट मसल्स को मजबूत करते हैं। (Journal of Ethnopharmacology, 2023).

     ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन D हृदय धमनियों को लचीला बनाए रखते हैं।

3. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण :

सूत्र (सुश्रुत संहिता) :

“मधुरं स्निग्धं सात्म्यं च हृदयाय हितं.”

 मीठे, स्निग्ध (गुड फैट युक्त) और सुपाच्य भोजन हृदय के लिए लाभकारी हैं।

आधुनिक रिसर्च :

नट्स, बीन्स और फाइबर युक्त आहार LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को 20% तक कम करता है। (American Heart Association, 2024).

    हल्दी और अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं।

4. मानसिक तनाव और हृदय स्वास्थ्य :

सूत्र (अष्टांग हृदयम्) :

“चित्त प्रसादनं हृदयं रक्षति.” 

 मानसिक शांति हृदय के लिए आवश्यक है।

आधुनिक रिसर्च :

ध्यान (Meditation) और योग से ब्लड प्रेशर 15-20 mmHg तक कम हो सकता है। (Harvard Medical School, 2023).

   रोजाना 7 घंटे की नींद हृदय रोगों के खतरे को 30% तक घटा सकती है।

5. व्यायाम और दिनचर्या :

 सूत्र (योगसूत्र) :

“वायुप्रवाहो नियतः हृदयं बलं प्रददाति.”

 नियंत्रित श्वसन (प्राणायाम) हृदय को बल प्रदान करता है।

   आधुनिक रिसर्च :

30 मिनट की ब्रिस्क वॉक या कार्डियो एक्सरसाइज हृदय रोगों के खतरे को 50% तक कम कर सकती है। (World Health Organization, 2024).

अनुलोम-विलोम प्राणायाम से ब्लड प्रेशर और हृदय गति नियंत्रित रहती है।

आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा मिलकर हृदय रोगों की रोकथाम और उपचार में प्रभावी हो सकते हैं।

    आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां (अर्जुन, गुडूची, हल्दी) + वैज्ञानिक डाइट (ओमेगा-3, फाइबर, हेल्दी फैट) + योग और एक्सरसाइज = हृदय का संपूर्ण स्वास्थ्य।

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