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कैसे बन गए विदेशी नागरिक भारत के मतदाता, जो प्रभावित कर रहे है निष्पक्ष चुनाव

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 व्यापक जनहित में कार्य करने वाले इंदौर के पत्रकार — RTI कार्यकर्ता  *राजेन्द्र के. गुप्ताके द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर दिनांक 20/09/2021 को हाईकोर्ट की डीबी बेंच में सुनवाई होगी। इसके पहले भी गुप्ता के द्वारा दाखिल कई जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट सरकार, शासन और ट्रायल कोर्ट तक को आदेश दे चुका है। ये राष्ट्रीय स्तर की बड़ी याचिका है क्योंकि पश्चिम बंगाल और आसाम में NRC के तहत कार्यवाही की थी किंतु देश के अन्य राज्यों में NRC के तहत कार्यवाही नही की है। ना ही पश्चिम बंगाल और आसाम में विदेशी नागरिकों को मतदान से अपात्र घौषित किया गया है।

  *गुप्ता ने अवैधानिक रूप से भारत में निवास कर रहे विदेशी नागरिकों को मिलने वाले राजनीतिक संरक्षण को खत्म करने के लिए भारत में अवैधानिक रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों को मतदान से अपात्र घौषित करने के लिए जनहित याचिका लगाई है, इसके पहले गुप्ता ने भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष भी आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भी स्वीकार करके सही मांग बताई थी, किंतु भारत निर्वाचन आयोग ने विदेशी नागरिकों को मतदान से अपात्र घौषित नही किया। गुप्ता ने बताया की आश्चर्य इस बात का है जिन विदेशियों को भारत के संविधान और रिप्रेजेंटेशन ऑफ पब्लिक एक्ट के तहत भारत में मतदान का अधिकार नहीं है, उनके वोटर आई.डी. कार्ड कैसे बन गए ? और वो वोट कैसे दे रहे है

Ramswaroop Mantri

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