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गरबों को अनुमति देने से सैकडों छोटे गरबा आयोजकों में खुशी, बडे आयोजकों में निराशा

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इंदौर

देश सरकार द्वारा दो दिन पहले नवरात्रि पर कुछ शर्तों के साथ गरबों को अनुमति देने के बाद शहर के छोटे गरबा आयोजकों में खुशी है जबकि बड़े आयोजकों में निराशा है। मंगलवार रात को अनुमति जारी होने के बाद कुछ सोसायटियों व मोहल्लों में गरबा प्रेक्टिस भी हुई और बुधवार को भी जारी रहेगी जबकि गुरुवार से नियमित गरबे होंगे।

शहर में यूं भी छोटे और मध्यम गरबा आयोजकों की संख्या काफी ज्यादा है। इसका कारण है कि बीते सालों में रिंग रोड और बायपास क्षेत्र में तेजी से बसाहट हुई है। यहां कई टॉउनशिप की सोसायटियों द्वारा गरबों का आयोजन किया जाता है। ऐसे ही शहरी क्षेत्र में पंढरीनाथ, काछी मोहल्ला, महालक्ष्मी नगर, नेहरू नगर, नंदा नगर, पलासिया, स्कीम 114, स्कीम 78, निरंजनपुर, तिलक नगर, कनाडिया सहित कई कॉलोनियां हैं जहां गली-गली में धूमधाम के साथ गरबे होते हैं। रात 10 बजे तक मिली अनुमति में इन्हें डीजे, ढोल, बैंड आदि बजाने की अनुमति भी दी है। ऐसे में आयोजकों व गरबा करने वालों में अब काफी उत्साह है। इसके पूर्व 2019 तक देर रात तक गरबे होते थे और किसी भी तरह प्रतिबंध नहीं था। इसके बाद 2020 में कोरोना काल में अनुमति नहीं मिली थी।

इधर, कमर्शियल गरबों को स्थिति यह है कि अधिकांश आयोजक अब तक कश्मकश की स्थिति में थे कि अनुमति मिलेगी भी या नहीं, इसे लेकर आधी अधूरी तैयारी के साथ थे। अब ऐन वक्त (दो दिन पहले) इन्हें अनुमति नहीं मिलने से आयोजकों में निराशा है। वैसे शहर में कमर्शियल गरबे रेस कोर्स रोड स्थित खेल भवनों, परिसर, बाल मंदिर स्कूल आदि में होते हैं। दूसरी ओर दशहरा मैदान में पारम्परिक हिन्द रक्षक गरबा मंडस, नंदा नगर स्थित कनकेश्वरी देवी परिसर, साकेत आदि रहवासी क्षेत्रों होने से यहां गरबाों की अनुमति संबंधी अड़चनें नहीं हैं। दूसरा यहां काफी भीड़ होती है। संभव है यहां शर्तों व कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के साथ गरबा होंगे।

टेंट, बिजली, डेकोरेशन व्यवासियों को भी संतोष

सोसायटियों व कॉलोनियों में गरबों को अनुमति मिलने के बाद टेंट, बिजली, डेकोरेशन आदि व्यवसायियों में भी राहत है क्योंकि अब इन्हें भी काम मिलेगा। पिछले साल कोरोना के कारण गणेशोत्सव, गरबा उत्सव, विवाह समारोह, पार्टियां आदि प्रतिबंधित होने से इनका धंधा ठप हो गया था। उधर, रावण दहन के लिए भी लगभग शर्तें समान ही हैं। इसमें सोसायटियों व कॉलोनियों में रावण दहन हो सकेगा जबकि बड़े स्थानों पर होने वाले रावण दहन के लिए अनुमति लेनी होगी। इसके तहत दशहरा मैदान, तिलक नगर, चिकमंगलूर मैदान, छावनी सरकारी स्कूल आदि ऐसे स्थान हैं जहां बड़े रावण दहन होते हैं। इन्हें अब विधिवत जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। एडीएम पवन जैन के मुताबिक दोनों मामलों में शासन की गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा।

Ramswaroop Mantri

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