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*तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा के बीच तीखी बयानबाजी*

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उसने परिवार तोड़ा, वह सबसे बड़ी महिला विरोधी- महुआ मोइत्रा पर खुलकर बरसे TMC सांसद कल्याण बनर्जी..’

पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस के 2 दिग्गज नेताओं के बीच आपसी संघर्ष जगजाहिर है. दोनों नेता आपस में उलझते रहे हैं. बात हो रही है कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा की, जिनके बीच सार्वजनिक विवाद के करीब 3 महीने बाद, दोनों सांसद एक बार फिर आमने-सामने आ गए. कोलकाता लॉ कॉलेज गैंगरेप केस को लेकर महुआ मोइत्रा ने कल्याण पर हमला बोला तो पलटवार करते हुए उन्होंने महिला नेता की निजी जिंदगी पर कटाक्ष कर दिया.

कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में विधि छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर कलत्ता में सियासी पारा हाई हो गया है। जहां विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर टीएमसी पर तंज कस रही है, वहीं टीएमसी नेताओं में भी एक दूसरे के बयानों को लेकर वाकयुद्ध छिड़ गया है। हालांकि पार्टी ने अपने नेताओं के विवादित बयान से किनारा कर लिया है। वहीं बाद में महुआ मोइत्रा ने कल्याण बनर्जी को उनके बयानों के लिए खरीखोंटी सुनाई। महुआ ने उन्हें स्त्री विरोधी करार दिया। इसके जवाब में कल्याण बनर्जी ने उनके निजी जीवन को आधार बनाकर पलटवार किया है। 

क्या बोले कल्याण बनर्जी
महुआ मोइत्रा पर पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल में सेरामपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कल्याण बनर्जी ने कहा वे अपने हनीमून के बाद भारत वापस आ गईं और अब मुझपर हमला करना शुरू कर दिया। उन्होंने मुझ पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है? लेकिन वह क्या हैं? उन्होंने खुद 40 साल की शादी तोड़कर 65 साल के व्यक्ति से शादी की। ऐसा करके क्या उन्होंने महिलाओं को ठेस नहीं पहुंचाई? देश की महिलाएं इसका फैसला करेंगी। गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा ने हाल ही में बीजद के पूर्व सांसद पिनाकी मिश्रा से शादी की है। 

बनर्जी ने रविवार को तीखे पलटवार में दावा किया कि मोइत्रा 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद उसमें शामिल हो गयी थीं। मैं किसी भी महिला के प्रति प्रतिगामी मानसिकता या स्त्रीद्वेषी दृष्टिकोण रखने वाला अंतिम व्यक्ति होऊंगा।

कैसे शुरू हुआ विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर कल्याण बनर्जी ने विवादित बयान दिया। उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों ने टीएमसी को घेरना शुरू की। जिसके बाद टीएमसी ने उनके बयान की निंदा की और खुद को बयान से अलग कर दिया। इसके बाद कल्याण बनर्जी पर पार्टी की स्थिति को महुआ मोइत्रा ने खुले तौर पर खारिज कर दिया। और कहा कि वह पार्टी के रुख से पूरी तरह असहमत हैं और उन्होंने नेताओं पर मामले से जुड़े लोगों को बचाने का आरोप लगाया।

क्या बोलीं थी महुआ मोइत्रा
कोलकाता में एक लॉ कॉलेज में हुई गैंगरेप की घटना पर अपनी पार्टी के नेताओं के बयानों को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने साफ कहा है कि महिलाओं के प्रति नफरत किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है, फर्क बस इतना है कि टीएमसी ऐसी ‘घिनौनी’ टिप्पणियों की निंदा करती है, चाहे वह कोई भी करे।
महुआ मोइत्रा ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि भारत में महिलाओं के प्रति नफरत सभी राजनीतिक पार्टियों में देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि टीएमसी में फर्क सिर्फ इतना है कि पार्टी ऐसी शर्मनाक टिप्पणियों की खुलकर निंदा करती है।  

और कल्याण बनर्जी के इस बयान से शुरू हुआ विवाद
साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी के बयान पर बवाल मचा हुआ है। कोलकाता दुष्कर्म मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा था कि अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ दुष्कर्म करता है तो क्या किया जा सकता है। क्या स्कूलों में पुलिस होगी? यह छात्रों द्वारा एक अन्य छात्रा के साथ किया गया। पीड़िता की सुरक्षा कौन करेगा? सारा अपराध और छेड़छाड़ कौन करता है? कुछ पुरुष ऐसा करते हैं। महिलाओं को किसके खिलाफ लड़ना चाहिए? महिलाओं को इन विकृत पुरुषों के खिलाफ लड़ना चाहिए। उन्होंने मुख्य आरोपी के तृणमूल कांग्रेस से संबंध पर बात करने से इनकार कर दिया।  सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि जिसने भी ऐसा किया है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। सुरक्षा और संरक्षा की स्थिति हर जगह एक जैसी है। जब तक पुरुषों की मानसिकता ऐसी ही रहेगी, ये घटनाएं होती रहेंगी। 

मदन मित्रा के भी बिगड़े बोल
 वहीं, विधायक मदन मित्रा ने कहा कि अगर कॉलेज बंद होने के बाद कोई किसी पद का लालच देकर बुलाए, तो वहां नहीं जाना चाहिए, इससे बचा जा सकता था। इन बयानों के बाद भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरासर विक्टिम ब्लेमिंग (पीड़िता को ही दोषी ठहराना) है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि यह बयान बेहद शर्मनाक और निंदनीय हैं।

पार्टी ने बयान से किया किनारा
टीएमसी ने दोनों नेताओं की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया और इसे उनका निजी बयान करार दिया है। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट किया कि सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के संबंध में की गई टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत हैसियत में की गई थीं। पार्टी स्पष्ट रूप से उनके बयानों से खुद को अलग करती है और इसकी कड़ी निंदा करती है। ये विचार किसी भी तरह से पार्टी की स्थिति को नहीं दर्शाते हैं।

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि दक्षिण कोलकाता के कसबा इलाके में स्थित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज के परिसर में एक महिला छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो वर्तमान में उसी कॉलेज के छात्र हैं, जबकि मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा कॉलेज का पूर्व छात्र है। पीड़िता ने 26 जून को इस घटना की एफआईआर दर्ज कराई

Ramswaroop Mantri

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