अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

ना पंच, ना सरपंच, हम जीते तो सब सरपंच

Share

प्रणय

देवास

हर बार की तरह पंचायत चुनाव अपने साथ हैरत में डालने वाली खबरें लाता है. कहीं मजेदार निर्विरोध जीत की कहानियाँ, तो कहीं हास्यास्पद घोषणा पत्रों के किस्से! इन्हीं कहानियों में कुछ कहानियाँ ऐसे संघर्षों की भी होती है, जो हमें बताती है कि देश की आजादी के 75 साल बाद भी एक बड़ा हिस्सा अभाव की ज़िन्दगी जी रहा है.

ऐसी ही जद्दोजहद में एक उभरती कहानी है देवास जिले के ग्राम शुक्रवासा की रहने वाली आदिवासी मजदूर महिला लक्ष्मी रावत की. एक अभावग्रस्त क्षेत्र में दो सक्षम पुरुषों के विपक्ष में चुनाव लड़ रही लक्ष्मी की कहानी सभी नौजवानों के लिए एक प्रेरणा है. वे कहती हैं, “ज़िन्दगी की आम ज़रूरतें आज हमारे लिए सपनों या ख्वाहिशों के बराबर हो गई है. हम भी चाहते है कि हमें सभी सुविधाएं मिले, सभी योजनाओं का लाभ मिले और हमारे यहाँ भी शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर अच्छा हो. जब ये सब चीज़ें हम तक पहुँच नहीं रही है तब क्यूँ ना हम ही चुनाव लड़े और हमारी जीत में हर गरीब की जीत हो.” सोसलिस्ट पार्टी इंडिया ने इस प्रत्यासी का समर्थन किया हे

सोचने में आता है कि अभावों से लड़ते हुए चुनाव लड़ने का वक़्त कैसे मिलता होगा? लक्ष्मी के पति देवराज बताते हैं, “हम मजदूर हैं, महनत करते हैं और सिर्फ काम करने में विश्वास रखते हैं. मेरे घर में दरवाज़ा नहीं है, आवास नहीं मिला, और ये सिर्फ मेरी कहानी नहीं है ये तो पंचायत के अधिकांश लोगों की कहानी है. लोगों का राशन लिस्ट में नाम नहीं है, खेती की दिक्कतें हैं, बिजली की समस्या है, मनरेगा के तहत रोज़गार नहीं मिलता, पंचायत के कई हिस्सों में शौचालय व्यवस्था नहीं है. जब हमने ठान लिया है लड़ने का तो हम लड़ेंगे. हमारे पास बैनर, पर्चे और गाड़ी के लिए कोई पैसा नहीं है. हम पैदल चलते हैं और गाँव-गाँव जा कर सर्वे करते हैं. इस सर्वे से घरों की और लोगों की असल परिस्थिति का पता चलता है. हम वोट मांगने नहीं जाते, बल्कि हम लोगों के संघर्षों से जुड़ने में यकीन रखते हैं.”

इन्हीं मजदूरों के सपनों से पर्वतपुरा पंचायत विकास समिति का जन्म हुआ. एक ऐसी समिति जो बेहतर नागरिक जीवन और विकास के लिए लगातार काम करती है. समिति के सदस्य लाखन बताते हैं, “आज तक चुनाव में मतदाता और वोटों की खरीदी हावी रहती थी. लोगों के सामने सही विकल्प मौजूद नहीं रहता इसलिए हार कर उन्हें एक ऐसे इंसान को चुनना पड़ता, जो उनकी कभी कोई मदद नहीं करता. हम चाहते हैं कि ये सब बदले और इसके लिए औरत का बाहर आना बहुत ज़रूरी बन जाता है.” सोसलिस्ट पार्टी इंडिया ने लक्ष्मी का समर्थन किया हे

समिति को यकीन है कि मिलकर अगर काम करें तो जीत नामुमकिन नहीं है. इस जज़्बे का सबूत तब पता चलता है जब पूरे पर्वतपुरा पंचायत में समिति के काम को सराहना मिलती है और सरपंच पद की उम्मीदवार लक्ष्मी की जीत में पंचायतवासियों को अपनी जीत दिखती है.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें