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पितृ दोष : अंधविश्वास की अमरबेल

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दिव्यांशी मिश्रा

     _मृत्यु के बाद पुनर्जन्म केवल कपोल कल्पना नहीं है. दुनिया भर से ऎसी तमाम घटनायें आए दिन सामने आती रहती हैं. फिर भी पितृपक्ष का ड्रामा, पितृदोष का सड्यंत्र : जबकि उन्ही शास्त्रों में मृत्यु के बाद जन्म की बात भी दर्ज है._

         खुद जिन पितरो ने जीते-जी हमारे लिए त्याग किये हमारे सुख के लिये खुद दुख सहे वो मरने के बाद अपनी सन्तानो को दुख क्यो देंगे?

 देहत्याग के साथ सांसारिक सम्बन्ध भी समाप्त हो जाते है! कभी कभी किसी जीवात्मा कि कोई अतृप्त कामना होती है वह उसे पुरा करने सिर्फ़ किसी माध्यम से सन्केत दे सकती है जैसे स्वप्न मे या किसी बालक या सन्त के माध्यम से लेकिन ये अपवाद है हमेशा हर किसी के साथ नहीं होता है !

      _कुछ लोग अनावश्यक रुप से अपराध बोध से ग्रसित रहते है! अपने जीवन में आने वाली बाधाओ और प्रतिकुल परिस्थितियों को पितरो कि अवकृपा या पितृ दोष मानते हैं! आर्थिक तंगी और संतान बाधा को पितृ दोष से जोडते है!_

       हालात तो ये है कि नया वाहन या कोई उपकरण आसानी से शुरु न हो ,घर मे दुध फ़ट जाए या कोई फ़िसल कर गिर जाए तो पितरो से क्षमा याचना कर प्रसाद चढाने का वादा करते हैं! अपनी जन्म कुंडली ले कर पंडीतों के चक्कर लगाते हैं निवारण के लिए अनुष्ठान करवाते है!

        _काल सर्प, नारायण नाग बली, त्रिपिन्डी,नान्दी श्राद्ध जैसे कर्मकाण्ड करवाते है! संयोगवश कभी किसी किसी को अल्प लाभ मिल जाता है अधिकांश को निराशा ही मिलती है लेकिन ये अज्ञानी और अंधविश्वासी इस प्रक्रिया को डर के मारे जारी रखते हैं!_

       कभी कोई ढोगी व्यक्ति अपने अन्दर पितरो के प्रवेश का ढोन्ग रचाकर पितरो कि उपेक्षा का आरोप लगाकर मांग करता है इसलिए शादी विवाह मे पितरों कि मिलनी और वस्त्र कॆ लेन देन कि निरर्थक प्रथा जारी हैं! 

हमारे जीवन मे हम जिन दुखों ,मुसीबतों और कष्टों को हम भोगते है वे सब हमारे अपने बोये गये कर्मो के बीज है!

     _हम अपनी अन्दर की नकारात्मकता से भी अशुभ परिस्थितियो को आकर्षित करते हैं !अंदर कि नकारात्मकता अशुभ चिन्तन और भयाक्रान्तता के भाव से और हमारे द्वारा विचारपुर्वक किए गये अन्याय और बुरे कर्म के कारण जन्म लेती है!_

       हमे मिलने वाले अशुभ फ़ल हमारे अपने कर्म ही है. इसमॆ ग्रह नक्षत्र और पितर या देवी देवता कि कोई भूमिका नहीं है! यथार्थ को समझो भ्रम से बाहर निकलो!👁️

Ramswaroop Mantri

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