भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आज (मंगलवार) मंत्रि‑परिषद की बैठक आयोजित की गई. बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. मीटिंग खत्म होने के बाद प्रदेश के MSME मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. गेहूं और उड़द की खेती करने वाले किसानों के लिए बोनस, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए तीन फीसदी महंगाई भत्ता, विभिन्न विभागों की योजनाओं की निरंतरता और गुड गवर्नेंस के लिए नई इंटर्नशिप योजना, पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन का दर्जा जैसे कई फैसलों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई. बैठक में ESIC अस्पतालों के स्टाफ की उपलब्धता के लिए भी मोहन सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है.
कैबिनेट ने गेहूं खरीदी पर पहली बार 40 रुपये प्रति कुंतल का बोनस स्वीकृत किया है, जिससे गेहूं का समर्थन मूल्य अब 2625 रुपये हो गया है. वहीं बैठक में उड़द पर 600 रुपये का बोनस देने का भी फैसला लिया गया. मीटिंग में यह तय किया गया कि 7 विभागों की योजनाएं अगले पांच वर्षों के लिए जारी रहेंगी. इसके लिए कुल 33244 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई. स्वामित्व योजना के तहत राज्य के 46 लाख परिवारों को चिह्नित किया गया है. प्रदेश सरकार इन परिवारों की रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क माफ करेगी.
कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों और पेंशनर्स को तीन फीसदी महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दी गई. गुड गवर्नेंस के लिए नई इंटर्नशिप योजना है. कैबिनेट मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के जरिए इस योजना का संचालन किया जाएगा. शुरुआत में हर ब्लॉक में 15 युवाओं को इससे जोड़ा जाएगा. वे सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर का असर और उसकी कठिनाइयों की जानकारी जुटाएंगे.
पारदर्शी तरीके से युवाओं का चयन
मंत्री ने बताया कि कुल 4865 युवा इंटर्न के तौर पर काम करेंगे. इन युवाओं के जरिए सरकार को फीडबैक मिलेगा. पारदर्शी तरीके से युवाओं का चयन किया जाएगा. उन्हें एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा. योजना तीन साल तक निरंतर रहेगी. पोर्टल और डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी निगरानी की जाएगी. हमारी ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकार की हर योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है या नहीं. हमारी सरकार मध्य प्रदेश में सुशासन की स्थापना की ओर बढ़ रही है.
पूरा है पेट्रोलियम पदार्थों का स्टॉक
उन्होंने आगे कहा कि ESIC के तीन अस्पतालों के स्टाफ की उपलब्धता के लिए प्रदेश सरकार ने स्वीकृति दी है. केंद्र सरकार यहां बिल्डिंग बना रही है. कैमूर, मैहर और निमरानी में इसका काम चल रहा है. वहीं कैबिनेट मंत्री ने तेल और गैस की उपलब्धता पर कहा कि भारत के पास उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है. राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों का स्टॉक बराबर है. कमर्शियल सिलेंडर को लेकर केंद्र सरकार ने सोमवार को फैसला लिया है. इसके पीछे कुछ वजह हो सकती है. राज्य सरकार निगरानी कर रही है. खाड़ी देशों में युद्ध के चलते हमारे नागरिकों को कोई परेशानी न हो, इसको लेकर हम सतर्क हैं.






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