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इमरान खान का क्रिकेटर से पीएम तक का पूरा सफर….तीन शादियां, कई अफेयर, मां की याद में कैंसर अस्पताल

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नई दिल्ली: ये कहानी है एक ऐसे ऑलराउंडर की, जिसने जिंदगी अपने शर्तों पर जी। क्रिकेट के मैदान पर पाकिस्तान को वर्ल्ड चैंपियन बनाया। संन्यास लेकर जब जिंदगी की दूसरी पारी शुरू की तो देश का वजीर-ए-आजम बन गया। मगर अब वह योद्धा घिर गया है। चक्रव्यूह तैयार किया है उसके ही घास-पास रहने वाले वजीरों ने उन सिपहसहारों ने जिस पर उसे कभी गुमान था।

imran khan wife

सबसे पहले समझिए क्यों चर्चा में है इमरान खान?
विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के साथ एक प्रमुख सहयोगी के समझौते के बाद पीएम इमरान खान को कुर्सी जल्दी खाली करनी पड़ेगी। पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में 342 सदस्यों की ताकत है, जिसमें बहुमत का निशान 172 था। स्‍पीकर ने न केवल विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया बल्कि इमरान खान ने संसद को भंग करने की सिफारिश कर दी जिसे राष्‍ट्रपति ने स्‍वीकार कर लिया है।

विदेश में पढ़ाई और बचपन का ख्वाब
25 नवंबर 1952 को लाहौर में जन्में इमरान खान ने एचिसन कॉलेज में पढ़ाई की और फिर इंग्लैंड के वॉर्सेस्टर और केबल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में रॉयल ग्रामर स्कूल गए। वह शुरू से ही क्रिकेटर बनना चाहते थे, महज 16 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी में क्रिकेट में डेब्यू कर लिया फिर मुड़कर नहीं देखा। खान को 1970 में पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के लिए चुना गया था और उसके एक दशक बाद ही उनकी गिनती दुनिया के महानतम ऑलराउंडर्स में होने लगी, उन्हें 1981 में टीम का कप्तान बनाया गया और 1992 में पाकिस्तान ने अपना पहला और एकमात्र विश्व कप जीता।

मां की याद में बनाया वर्ल्ड फेमस कैंसर अस्पताल
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, इमरान खान ने अपनी मां की याद में शौकत खानम मेमोरियल ट्रस्ट कैंसर अस्पताल खोला, जिनकी बीमारी से मृत्यु हो गई थी। अस्पताल को विश्व स्तर पर मुफ्त कैंसर उपचार के केंद्र के रूप में जाना जाता है। इमरान खान ने 1996 में तहरीक-ए-इंसाफ की स्थापना की, जिसका अर्थ है ‘न्याय के लिए आंदोलन’। अपने शुरुआती सालों में, पार्टी चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रही, खुद इमरान 1997 में अपना पहला संसदीय चुनाव हार गए।

तीन शादियां कर चुके हैं इमरान खान

2002 में पहली बार राजनीतिक सफलता का स्वाद तब चखा, जब इमरान खान ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय सभा में एक सीट जीती। मगर 2007 में जनरल परवेज मुशर्रफ के दोबारा सेना प्रमुख चुने जाने के विरोध में 80 अन्य सदस्यों के साथ इस्तीफा दे दिया था। इमरान खान ने अरबपति सर जेम्स गोल्डस्मिथ की बेटी जेमिमा गोल्डस्मिथ से शादी की थी। दंपति के दो बेटे हैं, लेकिन 2004 में उनका तलाक हो गया। टीवी पत्रकार रेहम नैयर खान से उनकी दूसरी शादी भी जल्द ही टूट गई। इमरान ने 2018 में आध्यात्मिक नेता बुशरा बीबी से शादी की।

कैसा रहा बतौर पीएम कार्यकाल?
2013 के पाकिस्तान चुनाव में खान की पार्टी एक मजबूत ताकत के रूप में उभरी। 2018 में अगले चुनाव में, इसने 116 सीटें जीतीं और छोटे दलों के समर्थन से एक सत्तारूढ़ गठबंधन बनाया। खान ने 18 अगस्त, 2018 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। एक बार सत्ता में आने के बाद, खान ने एक “कल्याणकारी” राज्य का निर्माण शुरू किया। उनकी सरकार ने कई प्रमुख नियुक्तियां भी योग्यता के आधार पर कीं, न कि राजनीतिक एहसानों के आधार पर। उनके नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने जोर देकर कहा कि वह भारत के साथ बेहतर संबंध चाहती है।

Ramswaroop Mantri

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