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मध्य प्रदेश :6 महीने में 10 नक्सलियों का ‘रिकॉर्ड’ सफाया,डीजीपी का बड़ा दावा,दर्दनाक हादसा; खेलते समय तीन मासूमों ने पकड़ी कटीली बाड़, दो मासूम भाइयों की मौत एक गंभीर,1 जुलाई से बनेगा बारिश का और स्ट्रॉन्ग सिस्टम

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दर्दनाक हादसा; खेलते समय तीन मासूमों ने पकड़ी कटीली बाड़, फैला था करंट, दो मासूम भाइयों की मौत एक गंभीर

सतना के अमिरती गांव में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया। खेल में बच्चों ने कटीली तार की बाड़ को छू लिया। जिसमें करंट फैला हुआ था। हॉस्पिटल में डॉक्टर का जवाब सुनते ही घरवाले मायूस हो गए। एक परिवार के दो मासूमों की करंट लगने से मौत हो गई।

मध्यप्रदेश के सतना जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। जहां रविवार की दोपहर खेलते समय करंट की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई है। जबकि एक चचेरा भाई बाल-बाल बच गया है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब तीनों मासूम बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। उन्होंने खेल-खेल में उन्होंने कंटीली तार की बाड़ को छू लिया था। जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था।

दरअसल, जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र अंगर्गत अमिरती गांव में जयकिशोर सतनामी का 15 वर्षीय बेटा हरिलाल और नीलेश (8) अपने चचेरे भाई मोहन सतनामी (8) के साथ घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते नीलेश ने कंटीली बाड़ को छू लिया जिसमें बिजली का करंट दौड़ रहा था। नीलेश की चीख सुनकर बड़ा भाई हरिलाल बचाने दौड़ा। जैसे ही उसने उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी करंट की चपेट में आ गया था। दोनों वहीं बेहोश होकर गिर पड़े।

दो भाइयों की मौत एक घायल

पास खेल रहा तीसरा बच्चा मोहन भी उसी दौरान बाड़ी को छू बैठा। गनीमत रही कि करंट के झटके से वह दूर जा गिरा। जिससे उसकी जान बच गई। परिजन जब तक मौके पर पहुंचे थे तब तक दोनों सगे भाइयों की हालत गंभीर हो चुकी थी। उन्हें तत्काल मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मोहन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस घटना के बाद पूरे अमिरती गांव में शोक की लहर है। दो बच्चों की असमय मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

बिजली की लापरवाही बनी जानलेवा

सतना पुलिस जांच में सामने आया कि घर के पास लगे ट्रांसफार्मर से बोरवेल के लिए अवैध रूप से बिजली की तार खींची गई थी। जो रास्ते में कंटीली बाड़ को छू रही थी। इसी कारण बाड़ में करंट फैल गया था। जिससे यह हादसा हुआ है। धारकुंडी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

डीजीपी का बड़ा दावा, 6 महीने में 10 नक्सलियों का ‘रिकॉर्ड’ सफाया

मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने रविवार को दावा किया कि सूबे में केवल एक जिले में सीमित नक्सल समस्या भी अब खात्मे की ओर है और राज्य पुलिस ने पिछले छह महीने के भीतर मुठभेड़ों में 10 नक्सलियों का सफाया करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने देश भर में नक्सलवाद को मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है।

मकवाना ने इंदौर जोन के पुलिस अधिकारियों की बैठक के दौरान संवाददाताओं को बताया कि नक्सल समस्या कई वर्षों से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि, मध्य प्रदेश में मोटे तौर पर नक्सल समस्या से केवल बालाघाट जिला प्रभावित है। उन्होंने बताया कि प्रदेश पुलिस ने पिछले छह महीने के दौरान मुठभेड़ों में 10 नक्सलियों का खात्मा किया है और यह एक ‘रिकॉर्ड’ है।

मानसून में भी जारी रहेगा अभियान

मकवाना ने कहा कि हमारे अनुमान के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में 40-45 नक्सली होंगे। हम नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मानसून में भी हमारा नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में हर महीने बैठक लेकर नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा की जा रही है और नक्सल समस्या के खात्मे के लिए पुलिस की विशेष इकाई ‘हॉक फोर्स’ के 325 नये पद स्वीकृत किए गए हैं।

राजा हत्याकांड पर डीजीपी ने क्या कहा?

बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम पड़ोसी उत्तर प्रदेश में गिरफ्तारी से पहले अपने गृहनगर इंदौर के एक फ्लैट में कई दिन तक छिपी थी। इससे स्थानीय पुलिस के खुफिया तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर डीजीपी ने कहा कि इंदौर बड़ा शहर है। व्यावहारिक रूप से पता लगाना काफी मुश्किल है कि शहर में कोई व्यक्ति अचानक कहां से आकर रात-बिरात कहां रुका। हालांकि, पुलिस को किसी व्यक्ति के बारे में कोई विशिष्ट सुराग या सूचना मिलती है, तो हम इस बारे में पता करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार आप इस पर भी नजर नहीं रख पाते कि आपके खुद के घर के एक हिस्से में रहने वाले किरायेदार से मिलने कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, तो इतने बड़े शहर पर नजर रखना कैसे संभव है?


मकवाना ने माना कि सूबे के पुलिस विभाग में बड़ी तादाद में पद खाली पड़े हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में करीब 25,000 का पुलिस बल स्वीकृत है। इनमें अलग-अलग वर्गों के खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति की प्रक्रिया भी जारी है।

ग्वालियर में शेफाली जरीवाला की शादी का फोटो।

कभी ग्वालियर से भी था ‘कांटा लगा गर्ल’ शेफाली का गहरा रिश्ता

कम लोगों को पता है कि शेफाली का मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गहरा रिश्ता रहा है। साल 2004 में उन्होंने ग्वालियर के मीत ब्रदर्स के हरमीत सिंह से शादी की थी।

कांटा लगा गर्ल के नाम से मशहूर अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की हार्ट अटैक से निधन की खबर सुनकर उनके फैन्स काफी दुखी हैं। कम ही लोगों को पता होगा कि शेफाली का मध्य प्रदेश से गहरा रिश्ता रहा है। शेफाली जरीवाला मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बहू थीं। उनकी पहली शादी ग्वालियर में मीत ब्रदर्स के हरमीत सिंह से हुई थी। मीत ब्रदर्स दोनों भाई मनमीत सिंह और हरमीत सिंह ग्वालियर के एक शराब कारोबारी गुलजार सिंह के बेटे हैं, जिन्होंने अपना फैमिली बिजनेस ज्वाइन करने की बजाय संगीत की दुनिया में मशहूर होने का फैसला किया और अपनी मेहनत की दम पर सफलता पाई।

बता दें कि साल 2004 में हरमीत और शेफाली जरीवाला की शादी हुई। बताया जाता है कि दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और शादी करने का फैसला ले लिया, लेकिन हरमीत के घर वाले ज्यादा खुश नहीं थे। बाद में वह तैयार हो गए। शादी के बाद शेफाली कभी ग्वालियर नहीं रहीं। वे शादी के तुरंत बाद पति हरमीत के साथ मुंबई चली गई थीं। उनके ससुर को भी अंदाजा था कि शायद यह शादी ज्यादा दिन नहीं चलेगी और वैसा ही हुआ। कुछ साल बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद पैदा हो गए और ग्वालियर फैमिली कोर्ट में उन्होंने तलाक की अर्जी लगा दी।

बताया जाता है कि तलाक की अर्जी के बाद शेफाली कई बार ग्वालियर कोर्ट में तारीखों पर पेशी के लिए आती रही थीं। साल 2009 में दोनों पक्षों ने एक मत होकर फैमिली कोर्ट में तलाक ले लिया। इसके बाद शेफाली कभी ग्वालियर नहीं लौटीं। वहीं उनके ससुर गुलजार भी यहां से अपनी फैमिली जमीन जायदाद को बेचकर मुंबई चले गए और उनका परिवार आज भी मुंबई रहता है। इसलिए शेफाली जरीवाला का ग्वालियर से बेहद करीबी नाता है, क्योंकि एक तरह से उनकी यह पहली ससुराल थी। इसलिए उनके निधन पर ग्वालियर वासी भी दुखी हैं।

इस घर में महिला की हत्या।

शराब पीने के बाद प्रेमी ने लिव-इन में रहने वाली महिला की कर दी हत्या

इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी लिव इन पाटर्नर की हत्या कर दी। दोनों के विवाद हुआ तो प्रेमी ने महिला का सिर दीवार पर दे मारा। गहरी चोट लगने से महिला फर्श पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला अपने चार बच्चों को छोड़कर डेढ़ साल से प्रेमी के साथ रह रही थी।

द्वारकापुरी क्षेत्र निवासी रवि शरावरे के साथ खंडवा निवासी वसु बाई रहती थी। दोनों साथ में शराब पीते थे। शनिवार रात को वसु और रवि ने साथ में शराब पी। इसके बाद वसु रवि को अपशब्द कहने लगी। रवि ने उसे चुप रहने के लिए कहा, लेकिन वसु लगातार गालियां दे रही थी। रवि को गुस्सा आया तो उसने वसु का सिर दीवार से दे मारा। इसके बाद महिला गिर गई और उसके सिर से खून बहने लगा।

हत्या की जानकारी मोहल्ले वालों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और रवि को गिरफ्तार कर लिया। परिजनों ने वसु की खंडवा निवासी बेटी को घटना की जानकारी दी। बेटी पिता के साथ रहती है। वह इंदौर आई और शव की अंत्येष्टि की। रवि दिहाड़ी करता था। खंडवा से इंदौर आने के बाद वसु भी मजदूरी करती थी। इस दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी।

कोमा में गया, किडनी भी छोड़ रही थी साथ, जहर कम करने लगे 20 इंजेक्शन; डॉक्टरों ने बचाई बच्चे की जान

सर्पदंश के बाद गंभीर हालत में शहडोल जिला चिकित्सालय के पीआईसीयू वार्ड में लाए गए नौ साल के बच्चे को डॉक्टरों और स्टाफ ने नया जीवन दे दिया। दिन-रात की देखरेख के बाद अब वह बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा चुका है। उसके परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ की जमकर सरहाना की है। 

जानकारी के अनुसार, शिवदास बैगा (9), पिता संतोष बैगा निवासी ग्राम चुनिया को 18 जून की देर रात जिला चिकित्सालय के पीआईसीयू वार्ड में लाया गया था। परिजनों ने बताया कि रात करीब 3 बजे जमीन पर सोते समय उसे सांप ने काट लिया था। जब बच्चा अस्पताल पहुंचा, तब उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए उसे ऑक्सीजन पर रखा गया और एंटी-स्नेक वेनम (सर्प विषरोधी सीरम) दिया गया। इलाज के दौरान बच्चे के हाथ-पैर सुन पड़ गए थे और पैरालिसिस बढ़ने लगा। बच्चे की स्थिति गंभीर होती गई और वह कोमा में चला गया। इसके बाद उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर उपचार शुरू किया। इलाज के दूसरे दिन बच्चे के पेट से खून बहने लगा, जिसके चलते दो बार खून चढ़ाना पड़ा। दिल की धड़कनें धीमी हो रही थीं और किडनी ने भी सही काम करना बंद कर दिया। लेकिन, बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने हार नहीं मानी। इलाज के दौरान बच्चे को 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम दी गईं, जिससे उसके शरीर में फैला जहर कम कम हुआ। पांच दिनों तक गहन उपचार के बाद उसे वेंटिलेटर से हटाकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। अब बच्चा खाना-पीना शुरू कर चुका है और लगभग पूरी तरह स्वस्थ है।

समय पर मिले इलाज ने बचाई जान
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील हथगेल ने बताया कि बच्चे को सर्पदंश के आधे घंटे के भीतर अस्पताल लाया गया था, जिससे समय पर उपचार शुरू हो सका। अगर, इसमें देर होती तो वह शायद नहीं बच पाता। इलाज के दौरान डॉ. बृजेश पटेल, डॉ. सुप्रिया, डॉ. कृष्णेंद्र, डॉ. नीरज, पीआईसीयू इंचार्ज नर्सिंग ऑफिसर अपर्णा सिंह, सृष्टि, रूबी और अन्य स्टाफ के प्रयास ने बच्चे को नया जीवन दिया है।  

भाजपा का झंडा (सांकेतिक तस्वीर)

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आदिवासी या महिला नेता पर लगा सकती है दांव

मध्यप्रदेश भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू हो सकती है। इस बार पार्टी आदिवासी या महिला नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकती है, ताकि संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बना रहे। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान चुनाव अधिकारी के रूप में भोपाल आने वाले हैं, और संभावना जताई जा रही है कि 3 जुलाई तक नाम तय किया जा सकता है।

भारतीय जनत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का फैसला अब तीन जुलाई या जुलाइ के पहले सप्ताह में कभी भी हो सकता है। प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। संभवतः एक जुलाई को चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाए और तीन जुलाई को भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पद के नाम को अंतिम रूप दे दिया जाए। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जुलाई के पहले सप्ताह में कराया जा सकता है। मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव अधिकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं जो एक या दो जुलाई को भोपाल आने वाले हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जुलाई के पहले सप्ताह में ही पूरी हो जाएगी। ऐसा इसलिए भी संभव है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद भाजपा ने संगठन चुनाव की प्रक्रिया रोक थी दी। लेकिन अब चुनाव की प्रक्रिया दो दिन पहले फिर शुरू  कर दी है। एक राज्य में चुनाव की तारीख का भी ऐलान हो चुका है, वहीं महाराष्ट्र सहित तीन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। 

नई रणनीति के तहत बदलेगा नेतृत्व समीकरण
प्रदेश संगठन में फिलहाल सामान्य वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष, ओबीसी से मुख्यमंत्री और अनुसूचित जाति वर्ग से उपमुख्यमंत्री हैं। ऐसे में संगठन संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी आदिवासी या महिला नेता को सौंपे जाने की संभावना है। अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा।

प्रदेश परिषद के 345 सदस्य करेंगे चयन
प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए भाजपा द्वारा पहले ही जिला अध्यक्षों के साथ प्रदेश परिषद के 345 सदस्य चुन लिए गए हैं। दो विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया गया है, जिसके तहत परिषद सदस्य चुने गए हैं। आरक्षित वर्गों (एससी-एसटी) के लिए सीटों के अनुरूप संबंधित वर्ग से ही परिषद सदस्य बनाए गए हैं। महिलाओं और ओबीसी वर्ग को भी समुचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। मध्यप्रदेश भाजपा में अधिकांश बार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ है। केवल दो बार ही मतदान की स्थिति बनी थी। पहली बार 1990 के दशक में लखीराम अग्रवाल और कैलाश जोशी के बीच, और दूसरी बार वर्ष 2000 में शिवराज सिंह चौहान और विक्रम वर्मा के बीच, जिसमें वर्मा विजयी हुए थे।

आधा दर्जन से अधिक दावेदार सक्रिय
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा स्वयं बड़े दावेदार हैं। इसके साथ पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला, बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया के साथ सांसद सुधीर गुप्ता के नाम भी इस दौड़ में बने हुए हैं। महिला अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, सांसद कविता पाटीदार, लता वानखेड़े के नाम चर्चाओं में हैं। अगर भाजपा बाबा साहब अंबेडकर को देखकर अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग से बनाती है तो भाजपा अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, विधायक प्रदीप लारिया के नाम भी चर्चा में हैं। भाजपा द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति बनाकर हर चुनाव में आदिवासियों को सम्मान देने की बात करती है। भाजपा मध्यप्रदेश में आदिवासियों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए बैतूल से सांसद केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, खरगोन सांसद गजेन्द्र पटेल, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी के नाम पर विचार कर रही है। महिला वर्ग को भी साधने के लिए सावित्री ठाकुर को भी मौका दिया जा सकता है।

एक घंटे तक शिलांग पुलिस की टीम ने की जांच।

शिलांग पुलिस पहुंची रतलाम, सिलोम जेम्स की ससुराल से एक बैग किया जब्त, गहने हो सकते हैं

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही शिलांग पुलिस की एसआईटी रविवार को मध्य प्रदेश के रतलाम में पहुंची। एसआईटी आरोपी सिलोम जेम्स, उसकी पत्नी और साली को साथ लेकर मंगलमूर्ति कॉलोनी स्थित मनोज गुप्ता के मकान पर पहुंची। मनोज गुप्ता, सिलोम के ससुर और पेशे से प्रॉपर्टी ब्रोकर हैं। पुलिस की टीम ने यहां करीब एक घंटे छानबीन की और किचन से एक बैग जब्त किया है। सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए बैग में लैपटॉप और सोनम की ज्वेलरी है।

जानकारी के अनुसार, एसआईटी रविवार दोपहर इंदौर से सिलोम, उसकी पत्नी और साली को साथ लेकर रतलाम पहुंची थी। यहां सिलोम के ससुर के घर पर तलाशी के दौरान टीम ने एक बैग बरामद किया, जिसमें महत्वपूर्ण सामान मिलने की संभावना है। मीडिया द्वारा पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि यह जांच का हिस्सा है, फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की जा सकती। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि बैग में लैपटॉप और सोनम के गहने हैं। तलाशी के बाद एसआईटी सिलोम को लेकर इंदौर रवाना हो गई, जबकि उसकी पत्नी और साली को रतलाम में ही छोड़ दिया गया।

इंदौर में भी की गई थी सर्चिंग
इससे पहले शनिवार रात शिलांग पुलिस की एसआईटी इंदौर पहुंची थी। यहां क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर महालक्ष्मी नगर स्थित सिलोम जेम्स के घर पर तलाशी ली गई थी। करीब आधे घंटे चली इस सर्चिंग में कई दस्तावेजों की जांच की गई थी।

सोनम के गायब बैग की तलाश
शिलांग पुलिस को संदेह है कि सोनम रघुवंशी के काले बैग में रखे आभूषण और अन्य सामग्री सिलोम जेम्स द्वारा छिपाई गई है। इन्हीं सामानों की तलाश में एसआईटी ने इंदौर और फिर रतलाम में कार्रवाई की है।

मौसम

मध्य प्रदेश के 19 जिलों में बारिश का दौर जारी, 1 जुलाई से बनेगा बारिश का और स्ट्रॉन्ग सिस्टम

रविवार को भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, धार, रायसेन, विदिशा और खंडवा समेत करीब 19 जिलों में रुक-रुककर तेज और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी और सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने या चमकने के साथ मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। 

मध्यप्रदेश में मानसून के एक्टिव होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चल रहा है। रविवार को भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, धार, रायसेन, विदिशा और खंडवा समेत करीब 19 जिलों में रुक-रुककर तेज और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी और सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने या चमकने के साथ मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, भोपाल, सीहोर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर, शाजापुर, देवास, खंडवा में बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। एक जुलाई से बारिश का और स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनेगा। इससे प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

इन जिलों मे बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुना, झाबुआ, रतलाम, बड़वानी, अलीराजपुर, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, पांढुर्णा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी जिले में रात के समय बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।

इसलिए लगातार हो रही बारिश
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ में एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो गया है। जिसका असर अगले 1-2 दिन में एमपी में भी देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश में अभी टर्फ की एक्टिविटी बनी हुई है। यह टर्फ जिन हिस्सों से गुजर रही है, वहां भारी बारिश का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी सक्रिय है। इन सभी वजहों से मध्यप्रदेश तरबतर हो रहा है।

प्रदेश में अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

30 जून: ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़,छतरपुर, दमोह, सतना, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल, जबलपुर, इंदौर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है।

1 जुलाई: गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 24 घंटे के दौरान इन जिलों में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, अनूपपुर, शहडोल, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना है। बाकी जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा।

2 जुलाई: नीमच, मंदसौर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का अलर्ट है। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश होने की संभावना

Ramswaroop Mantri

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