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कोशी तटबन्ध के बीच के लोगों के सवालों पर कोशी नव निर्माण मंच का अनिश्चितकालीन  सत्याग्रह शुरू

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सुपौल।

कोशी के ऐतिहासिक नीतिगत अन्याय की पीड़ा झेलने पर विवश, कोशी तटबन्ध के बीच के लोग, अपनी पीड़ा बताने के लिए आज से समाहरणालय के समक्ष अनिश्चित कालीन सत्याग्रह शुरू किए।
कोशी नव निर्माण मंच के बैनर तले आयोजित इस सत्याग्रह में सुपौल सदर प्रखंड के गोपालपुरसिरे पंचायत के चंदेल मरीचा, तेलवा, मरौना प्रखण्ड के मन्ना टोला खोखनहा, किशनपुर प्रखण्ड बौराहा पंचायत के सोनवर्षा, दिघीया पंचायत के बेला गोठ के कटाव पीड़ित कोशी के इस साल हुए उनके कटावों की व्यथा बताते हुए कहा कि आज तक वे लोग दूसरों के घरों में या स्कूलों में शरण लिए है परन्तु प्रशासन अब तक कोई सुधि लेने नही गया न ही कोई क्षतिपूर्ति दी। उसी प्रकार अन्य गांव के किसानों ने अपनी पीड़ा बताई, 4 हेक्टेयर तक के लगान माफी के बाद भी लगान की वसूली की व्यस्था सुनाई, सर्वे में नदी के नाम होने वाली उनकी जमीन की चिंता साझा की। लापता कोशी पीड़ित विकास प्राधिकार को खोजवाने की मांग उठी। नोवाबाखर परसाहि सहित स्कूल, आवास पुनर्वास, स्वास्थ्य की बातें भी उठी।
सभी मांगों पर आपसी सहमति के बाद 14 सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया गया।
इधर शाम में जिला आपदा पदाधिकारी सत्याग्रह स्थल पर आकर बताए कि उनके स्तर से अनेक पत्र सम्बंधित विभाग को पटना भेजा गया है। उनके आग्रह पर डीडीसी से एक प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई, पर सत्याग्रही डीएम से पूर्व की वार्ता विफल होने की बात उठाते हुए पुनः डीएम से ठोस वार्ता और धरातल पर कार्य होने की मांग को रखते हुए सत्याग्रह जारी रखा।
आज के सत्याग्रह की अध्यक्षता भुवनेश्वरी प्रसाद यादव ने की वही अलोका रॉय, गंगा प्रसाद यादव, गौकरण सुतिहार, परमेश्वरी यादव,सुशील कुमार राय, मो सदरुल पूनम, रूबी, राजेन्द्र यादव, मो शरीफ, दुःखीलाल, देव नारायण सदा, सैमुल खातून, कामेश्वर कर्ण, दुल्लो देवी, अर्चना सिंह,अरुण, संजय, इंद्रजीत, राहुल , सिया देवी मंजू देवी, अकरम, प्रमोद राम, सन्तोष मुखिया, इंद्र नारायण सिंह, श्रवण, शत्रुध्न, संजय, मनीष, जितेंद्र, राजेश, दीनानाथ, अमरेंद्र मेहता इत्यादि लोगों ने अपनी बातें रखीं।

: सत्याग्रह की 14 सूत्रीय मांगें-

1) अविलम्ब मुफ्त साहाय्य के लिए 6000 रूपये का भुगतान सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में भेजा जाए, साथ ही उसकी सूची भी सार्वजनिक हो और यदि किसी त्रुटीवस किसी के नाम उसमें छुट जाते है तो उन वंचित परिवारों के नाम जोड़ने की मुकम्मल व्यवस्था हो| उसी प्रकार वस्त्र/बर्तन व घरेलू समानों की क्षति के लिए 2000 और 1800 रूपये दिए जाएं|
2) गृह क्षति/ नदी की धारा में समाहित होने वाले सभी घरों का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति कच्चे व पक्के घरों का 95100 जिनकी झोपडीयां ध्वस्त/कटी है उन्हें 4100 और साथ में लगे पशु सेड के लिए 2100 गृहक्षति मद से जल्द दिलाई जाय| साथ ही फसल क्षति व अन्य क्षतिपूर्ति के लाभ दिए जाएं|
3) ऐसे कटाव पीड़ित जो ऑन ग्रिड सोलर पावर से लाभन्वित थे उन्हें वे जहाँ बसे है वहां ऑफ़ ग्रिड सोलर पैनल वितरित कराया जाए | सभी खराब सोलरप्लांटो को ठीक कर उसे संचालित कराया जाए|
4) कटाव पीड़ितों को सरकारी जमीन में बसाया जाए और पुनर्वास से वंचित लोगों का नया सर्वे कराकर सभी को पुनर्वास दिलाने का विशेष अभियान चले|
5) प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में तटबंध के बीच के जिन परिवारों का तहत नाम है और उनकी जमीन यदि पुनर्वास में या दूसरी पंचायत में भी है या जहाँ लम्बे समय से तटबंध के भीतर भी है वहां दिया जाएँ|
6) तटबंध के बीच के लोगों के कल्याण के लिए बने कोशी पीड़ित विकास प्राधिकार को खोजवाने में उसमें वर्णित कार्यकमों को धरातल पर उतरने में जिला प्रशासन अपने स्तर से पहल करे|
7) तटबंध के बीच की 4 हेक्टेयर तक की जमीन जिसपर लगान माफ़ था परन्तु वसूली होती है उसपर रोक लगाते हुए वसूली बंद कराई जाए एवं अब तक वसूल की राशि के वापस कराने की व्यवस्था हो|
सभी जमीनों से लगान व सेस की समाप्ति कर किसान के पास उसका मालिकाना हक रहे और उनके बर्बाद जमीन की क्षति की भरपाई मिले इसके लिए नया कानून बनाने का सुझाव जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भेजा जाए|
8) हो रहे सर्वे में कोशी तटबंध के बीच नदी का पुराना खतियान को वास्तविक मानते हुए, यदि नदी की किसी रैयत के खेत में भी है तो उसे भी रैयत के नाम ही रहने का प्रावधान कराया जाए| क्योकि नदी अगले वर्ष किसी और स्थान पर चली जाईगी|
9) तटबंध के अंदर शिक्षा के लिए संचालित विद्यालयों भौतिक सत्यापन हो वहां रह रही आबादी का सर्वे कराकर शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 6-14 वर्ष के सभी बच्चों को अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा दिलायी जाय| कुपोषित बच्चों की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भी विशेष अभियान चले|
10) स्वास्थ्य से वंचित इस विशाल आबादी के लिए टीकाकरण गाँव में ही कराने की व्यवस्था हो| उप स्वास्थ्य केंद्र स्थावित किए जाएं| मोबाइल डिस्पेंसरी स्थापित कराने की पहल हो|
11) कोशी तटबंधों के बीच बसाहटों के समीप थोडा सुरक्षित स्थान चिन्हित कर बाढ़ आपदा के समय बचने के लिए ऊँचा टीला का निर्माण कराया जाए जहाँ टीला है और उसके मरम्तीकरण की जरूरत लगे उसे मरम्मत कराया जाए| टीले के पास सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण भी हो| स्थानीय मनरेगा मजदूरों को इस कार्य में लगाया जाए|
12) कोशी के समस्या की निदान के दीर्घकालिक उपायों की पहल भी जिला प्रशासन करे|
13) किसानों के खाद की मुकम्मल व्यवस्था की जाए|
14) न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तटबंध के भीतर भी खरीद शुरू करायी जाए| अन्य फसलों की एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था हो|

Ramswaroop Mantri

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