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भारत जोड़ो यात्रा :चिमनबाग मैदान और राजबाड़ा की देखी व्यवस्था…परमिशन के मामले में फंसा पेंच

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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के इंदौर में आने के पहले ही हलचलें तेज हो गई है। एक तरफ जहां राजनीति गरमाई हुई है। वहीं इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्रा का जोरदार स्वागत करने की तैयारी में लगे हैं।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राऊ क्षेत्र से इंदौर में प्रवेश करेगी। यहां से आगे बढ़ते हुए यात्रा राजबाड़ा पहुंचेगी, जहां राहुल गांधी की नुक्कड़ सभा होगी। इसी कड़ी में मंगलवार को राहुल गांधी के निजी सुरक्षा सलाहकार केबी बैजू कांग्रेस नेताओं के साथ निरीक्षण करने सड़कों पर उतरे। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, सत्यनारायण पटेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, पिंटू जोशी, अमित चौरसिया सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

राजबाड़ा पर किया निरीक्षण।

राजबाड़ा पर किया निरीक्षण।

चिमनबाग मैदान और राजबाड़ा का निरीक्षण
राहुल गांधी के निजी सुरक्षा सलाहकार केबी बैजू मंगलवार को चिमनबाग मैदान पहुंचे। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी का रात्रि विश्राम यहीं होना है। इसके चलते उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ग्राउंड का निरीक्षण किया। इसके बाद वे कांग्रेस नेताओं के साथ राजबाड़ा पहुंचे। राजबाड़ा की सड़कों पर कांग्रेस नेताओं के साथ वे घूमे और जगह देखने के साथ ही व्यवस्थाओं को देखा।

सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखा, सांस्कृतिक आयोजन भी
कांग्रेस नेताओं की माने तो राहुल गांधी की निजी सुरक्षा सलाहकार ने चिमनबाग मैदान और राजबाड़ा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि चिमनबाग मैदान में राहुल गांधी के रूकने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही यहां पर सांस्कृतिक आयोजन भी किया जाएगा। केबी बैजू ने जरूरी दिशा-निर्देश दिए है उसके अनुसार व्यवस्थाएं की जा रही है।

खालसा स्टेडियम में सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा रुकेगी, यह उम्मीद खत्म हो गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ के आने से हुए कथित विवाद के बाद से माहौल गरमाया हुआ था।

मामले से जुड़ा एक बड़ा अपडेट भी सामने आया है। एमबी खालसा एजुकेशन सोसाइटी ने राहुल की सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए गेंद सरकार के पाले में फेंक दी है। दरअसल, सोसाइटी ने इस संबंध में कांग्रेस के आवेदन पर प्रशासनिक अनुमति भी मांग ली थी। इस पर कांग्रेस ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया। इस बीच विवाद होते देख पार्टी ने यात्रा के लिए चिमनबाग मैदान को फाइनल कर लिया है। हालांकि, इससे पहले कांग्रेस ने वैष्णव स्कूल को भी यात्रा के लिए चिन्हित किया था।

राहुल गांधी के निजी सुरक्षा सलाहकार के बी बैजू, ​​​​​पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और अन्य कांग्रेसियों के साथ रात्रि विश्राम के स्थानों का निरीक्षण करने इंदौर आए। उन्होंने चिमनबाग मैदान को फाइनल कर लिया है।

क्या कहते हैं खालसा एजुकेशन सोसाइटी के चेयरमैन चरण जीत सिंह सैनी…

सवाल- राहुल गांधी की यात्रा के लिए खालसा स्टेडियम के संबंध में कोई अनुमति मांगी गई?
सैनी – 
कांग्रेस का एक लेटर जरूर आया था, मगर शासकीय अनुमति ले उसके बाद ही हम अनुमति दे पाते हैं। शासन अपने हिसाब से देखेगा तो हम हां भर पाएंगे। इसके बिना कैसे हां कह सकते हैं। मौखिक तौर पर कांग्रेस पार्टी को शासन की अनुमति के लिए कह चुके हैं।

सवाल– कांग्रेस की तरफ से स्थान (खालसा स्टेडियम) कैंसिल करने के संबंध में सूचना दी गई है क्या?

सैनी – हम भी पेपर में ही पढ़ रहे हैं। हमसे कुछ भी बात नहीं हुई। हमारे नॉलेज में नहीं है। कहां रुकना है।

सवाल– प्राइवेट ग्राउंड है, ऐसे में अनुमति देने में कोई परेशानी?

सैनी – प्रशासनिक अनुमति जरूरी है। राहुल गांधी की सुरक्षा से जुड़ा मसला है। इतनी बड़ी यात्रा है। कोई घटना-दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी लोकल एडमिनिस्ट्रेशन पर आती है।

सवाल- हर आयोजन के लिए अनुमति मांगी जाती है?
सैनी –
 हां, प्रशासन की अनुमति के लिए सभी से कहा जाता है। कोविड के बाद स्टेडियम लेने के लिए आवेदन आए थे। तब भी उन्हें कहा गया था कि एकत्रित होने की अनुमति पहले प्रशासन से लेकर आनी पड़ेगी।

सवाल– प्रशासन से अनुमति मिलती है तो फिर क्या स्टेडियम दे देंगे?

सैनी – शासन-प्रशासन से यदि अनुमति मिल जाती है तो उसके बाद हमारा मैनेजमेंट देखेगा कि क्या करना है। कमेटी निर्णय लेगी।

कमलनाथ की एंट्री से बिगड़ा खेल…

खालसा कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सरोपा देकर सम्मान किया गया था, मामला तब विवादों में आ गया जब कीर्तनकार मनप्रीत सिंह ने इसका विरोध कर दिया।

खालसा कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सरोपा देकर सम्मान किया गया था, मामला तब विवादों में आ गया जब कीर्तनकार मनप्रीत सिंह ने इसका विरोध कर दिया।

भारत जोड़ो यात्रा को लेकर राहुल गांधी जल्द ही इंदौर आने वाले हैं। उनके रुकने की व्यवस्था खालसा स्टेडियम में होना थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इंदौर आए और खालसा स्टेडियम में आयोजित सिख समाज के एक कार्यक्रम में शामिल हुए।

यहां समाज के कीर्तनकार ने 1984 में हुए सिख दंगों का जिक्र करते हुए उनकी भूमिका पर सवाल उठाए और विरोध कर दिया। यही से बात बिगड़ गई। सिख समाज में भी राहुल गांधी को लेकर अलग-अलग गुट सामने आए। इतना ही नहीं भाजपा ने तो मौके पर जाकर शुद्धिकरण तक कर दिया। वहीं बिना अनुमति मिले ही कांग्रेस ने खालसा स्टेडियम का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था कि यहां राहुल गांधी की यात्रा रुकेगी।

कॉलेज ने सोसाइटी को भेजा था लेटर
कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले खालसा कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन को भारत जोड़ो यात्रा के लिए खालसा स्टेडियम उपलब्ध कराने के लिए लेटर भेजा, जिसमें 28 और 29 नवंबर की रात यहां राहुल के रुकने की बात कही गई। कांग्रेस के लेटर को कॉलेज प्रशासन ने एमबी खालसा एजुकेशन सोसाइटी को फॉरवर्ड कर दिया। कॉलेज का संचालन सोसाइटी ही करती है और खालसा स्टेडियम देने के लिए अंतिम निर्णय भी वही लेती है। यहां तक सब कुछ ठीक चल रहा था।

इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ इंदौर आए और खालसा स्टेडियम में आयोजित सिख समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां कीर्तनकारों ने उनका विरोध किया और फिर विवाद बढ़ता गया और यात्रा के लिए स्टेडियम की अनुमति का मामला खटाई में पड़ गया।

कीर्तनकार मनप्रीत सिंह ने कमलनाथ का विरोध किया था। कमलनाथ खालसा स्टेडियम में आयोजित सिख समाज के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

कीर्तनकार मनप्रीत सिंह ने कमलनाथ का विरोध किया था। कमलनाथ खालसा स्टेडियम में आयोजित सिख समाज के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

ये है खालसा स्टेडियम का इतिहास
खालसा कॉलेज स्थित ग्राउंड का इतिहास काफी पुराना है। हालांकि, स्टेडियम का स्वरूप इसे बाद में दिया गया। परिसर में फिलहाल चार संस्थाएं संचालित होती हैं, जिसमें सबसे पुराना खालसा स्कूल है। उसी का ये ग्राउंड है। बताया जाता है कि 1952 में स्कूल के लिए यहां जमीन मिली थी। उसके पास आसपास की कुछ जमीन संस्था ने भी खरीदी। स्कूल के अस्तित्व में आने के बाद ही ग्राउंड का विस्तार हुआ। 1985 से 1990 के बीच ग्राउंड को स्टेडियम का रूप दे दिया गया। स्टेडियम के बाहरी हिस्से में दुकानें निकली हुई हैं। अंदर क्रिकेट क्लब भी संचालित होता है साथ ही समय-समय पर बड़े आयोजन भी स्टेडियम में होते हैं।

दंगे में स्कूल को हुआ था नुकसान
स्टेडियम के पास स्थित खालसा स्कूल को 1984 के सिख विरोधी दंगों में क्षतिग्रस्त किया गया था। स्कूल के ग्राउंड को ही बाद में स्टेडियम में तब्दील किया गया। सोसाइटी के चेयरमैन चरण जीत सिंह सैनी ने बताया कि दंगों में स्कूल की खिड़की-दरवाजे जला दिए गए थे। स्कूल के फर्नीचर को भी उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया था। उसका हर्जाना भी नहीं मिला।

सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता
इंदौर पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्रा का कहना है कि यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सौ प्रतिशत पुख्ता है, ये आश्वस्त करते हैं। अभी नया आवेदन नहीं आया है। जहां भी वे चाहेंगे सुरक्षा का आकलन करके अनुमति दी जाएगी। पूर्व में कोई आवेदन पेंडिंग नहीं है। नया आवेदन देने की बात आई है, लेकिन ऐसा कोई आवेदन अभी प्राप्त नहीं हुआ है।

Ramswaroop Mantri

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