नई दिल्ली । जमीन, समुद्र और आकाश, तीनों मोर्चों पर भारत-अमेरिका की सेनाएं साथ युद्धाभ्यास करेंगी। इस संयुक्त सैन्य प्रदर्शन को ‘टाइगर ट्रायम्फ’ नाम दिया गया है। इसमें दोनों देशों की सेनाएं न सिर्फ युद्धक कौशल का प्रदर्शन करेंगी, बल्कि आपदा प्रबंधन में भी नई मिसाल कायम करेंगी। दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाला यह अभ्यास 2 अप्रैल से शुरू हो रहा है, जो पूर्वी तट पर विशाखापट्टनम और काकीनाडा के तटीय क्षेत्रों में 13 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
इस संयुक्त युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और संचालन क्षमता को बढ़ाना है। साथ ही, एक संयुक्त समन्वय केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तैयार की जाएगी, जिससे किसी आपदा या संकट की स्थिति में भारतीय और अमेरिकी बलों के बीच तेजी से और प्रभावी समन्वय किया जा सके।
द्धाभ्यास में कौन जुड़ेगा
अभ्यास में शामिल होने वाले भारतीय दलों में नौसेना के INS जलाश्व, INS घड़ियाल, INS मुंबई, INS शक्ति शामिल हैं। जबकि, वायुसेना में C-130 विमान, MI-17 हेलिकॉप्टर और थल सेना में 91 इन्फैंट्री ब्रिगेड के जवान और विशेष रूप से रैपिड एक्शन मेडिकल टीम साथ रहेगी। वहीं, अमेरिकी दल में यूएसएस कॉमस्टॉक और यूएसएस राल्फ जॉनसन जहाज और अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के सैनिक हिस्सा लेंगे।
यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय सेना म्यांमार में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए तैनात है। इससे पहले 2019, 2021 और 2022 में भी यह अभ्यास आयोजित किया जा चुका है। भारतीय वायुसेना इसी सप्ताह यूनान में हो रहे बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘इनियोकोस-25’ में भाग ले रही है, जहां Su-30 MKI लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।
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