नई दिल्ली
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रिंगला के मुताबिक, देश में कोविड-19 से बिगड़ते हालात के बीच 40 देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है। इनमें से कुछ देश यह मदद भेज भी चुके हैं। विदेश सचिव ने कहा कि आने वाले दिनों में कुछ और देश मेडिकल इमरजेंसी से जुड़े इक्युपमेंट्स भेज सकते हैं। श्रिंगला ने माना कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है।
गुरुवार रात अमेरिका के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा- हमारी एयरफोर्स के दो कार्गों प्लेन भारत के रास्ते में हैं। इनमें ऑक्सीजन सिलेंडर और रेगुलेटर्स, रैपिड टेस्ट किटस, मास्क और पल्स ऑक्सीमीटर्स हैं।
विदेश सचिव की पहली ब्रीफिंग
कोविड-19 की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है और इस दौर में अमेरिका समेत कई देशों ने मदद की पेशकश की है। विदेश सचिव ने पहली बार इस मुद्दे पर मीडिया से बातचीत की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रिंगला ने कहा- हमें बहुत जल्द काफी सहायता मिल जाएगी। कुछ मिल भी चुकी है और ये सिलसिला जारी है। ऑक्सीजन की कमी दूर करने वाले इक्युपमेंट्स पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।
ऑक्सीजन सिलेंडर्स भी मिलेंगे
विदेश सचिव ने कहा – मदद के तौर पर भारत 550 ऑक्सीजन जेनरेटिंग प्लांट्स, 4 हजार ऑक्सीजन कंसनट्रेटर्स, 10 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर और 17 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक्स मिल रहे हैं। इनमें से कुछ सामान भारत पहुंच भी चुका है। हम मानते हैं कि इस वक्त देश में जो हालात हैं, उसकी कल्पना नहीं की थी। देश में तीस लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं और इसकी वजह से हमारे हेल्थकेयर पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
अनुमान के आधार पर कार्रवाई की
श्रिंगला ने कहा- सरकार ने हालात का जायजा लिया और फिर अनुमान के आधार पर कदम उठाए। बुधवार रात विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनियाभर में मौजूद इंडियन मिशन्स से बातचीत की। उन्हें बताया गया कि देश को फिलहाल किन चीजों की जरूरत है। हमने सबसे पहले उन क्षेत्रों की पहचान की है, जहां सबसे पहले सुधार की जरूरत है। इनमें ऑक्सीजन उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए इक्युपमेंट्स का ट्रांसपोर्ट तेज किया जा रहा है।
विदेश सचिव ने कहा कि हम इजिप्ट से 4 लाख रेमडेसिविर मंगा रहे हैं। UAE, बांग्लादेश और उज्बेकिस्तान से भी यह इंजेक्शन हासिल करने की कोशिश की जा रही है। गिलाड साइंस भारत को 4.5 लाख रेमडेसिविर भेज रहा है। रूस और संयुक्त अरब अमीरात से फेवीपिराविर की 3 लाख डोज मंगाई जा रही हैं।





